Monday, July 29, 2013

जमकर मारपीट व पथराव

 थाना किठौर क्षेत्र के गांव नंगलामल में शुक्रवार की रात दो पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत से गुस्साए लोगों ने देर रात गढ़ रोड स्थित एक अस्पताल के बाहर जाम लगाकर हंगामा किया। मौके पर पहुंचे डीआईजी के सत्यानारायण को भीड़ ने अस्पताल के अंदर घुसने नहीं दिया। पुलिस व सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे लोग आरोपियों को तत्काल गिरफतार कर उनके खिलाफ रासुक में कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे।
इस मामले में एसओ मुंडाली की लापरवाही को देखते हुए एसएसपी दीपक कुमार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। तीन लोगों को पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार किया है। क्षेत्र में फैले तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। शुक्रवार की रात नंगलामल गांव में दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ा की दोनो पक्षों के लोगों के बीच जमकर मारपीट व पथराव हुआ।
आरोप है कि इस दौरान एक पक्ष के युवक ने दूसरे पक्ष पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से गांव का 22 वर्षीय सुनील गंभीर रूप से घायल हो गया। उसी दौरान वहां पहुंची 40 वर्षीय सुमन को वहां का दृश्य देख दिल का दौरा पड़ गया। सुमन पहले से हार्ट पेशंट थी। दोनो को गढ़ रोड के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस खबर से लोगों का गुस्सा फूट गया। उन्होंने गढ़ रोड पर जाम लगाकर यातायात रोक दिया। लोग पुलिस व सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। उनकी मांग थी कि हत्या के दोषियों को तत्काल गिरफतार कर उनके खिलाफ रासुका में कार्रवाई की जाए। उसी समय डीआईजी के सत्यनारायण फोर्स के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्हे देखते ही भीड़ और उग्र हो गई। पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी होने लगी।
डीआईजी ने अस्पताल के अंदर जाना चाहा तो भीड़ ने उनका रास्ता रोक लिया। डीआईजी ने लोगों को समझाना चाहा और उनसे कहा कि शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हे कड़ी सजा दी जाएगी, लेकिन भीड़ ने उनकी एक न सुनी। मजबूरन डीआईजी को वापस लौटना पड़ा। इस दौरान गढ़ रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने यातायात के बढ़ते दबाव को देख रूट डायवर्जन कर वाहनों को वहां से हटाया।
एसएसपी दीपक कुमार ने इस मामले में थानाध्यक्ष मुंडाली की लापरवाही को देखते हुए उन्हे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उनके स्थान पर रनवीर यादव का एसओ मुंडाली का चार्ज सौंपा गया है। पुलिस ने गोली चलाने वाले पक्ष के तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गोली चलाने वाला मुख्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स समेत भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया है। अधिकारी मौके की पल पल की खबर ले रहे है। दोनों पक्षों के प्रतिष्ठित लोगों से पुलिस माहौल को सुधराने के लिए मदद भी ले रही है।

Thursday, July 25, 2013

पुलिस किसी तरह उन्हें भीड़ के शिकंजे से छुड़ाकर कोर्ट ले गई

शास्त्रीनगर की छात्रा से गैंगरेप के आरोप में गिरफ्तार बीएसपी नेता समेत तीन आरोपियों को लेकर पुलिस बुधवार को जब कचहरी परिसर में पहंुची तो वहां मौजूद लोगों ने आरोपियों से मारपीट करने की कोशिश की। पुलिस किसी तरह उन्हें भीड़ के शिकंजे से छुड़ाकर कोर्ट ले गई। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को जुडिशल कस्टडी में भेज दिया। वहीं, बुधवार दोपहर पीडि़त छात्रा के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए क्षेत्रवासियों के साथ तेजगढ़ी चौराहे पर जाम लगा दिया। उनका आरोप है कि पुलिस कद्दावर सफेदपोश नेताओं के दबाव में काम कर रही है। 
लगातार बढ़ रहे आक्रोश और लखनऊ के गलियारों तक पहंुची गैंगरेप की गूंज से परेशान पुलिस ने आखिरकार इस घटना के तीन आरोपियों बीएसपी नेता अमित भड़ाना, उसके साथी शोभित गुर्जर और उनके कार के चालक आजाद सिंह को गिरफ्तार कर बुधवार को उन्हें कोर्ट के सामने पेश करने के लिए कचहरी लेकर पहंुची। जिस समय पुलिस आरोपियों को गाड़ी से उतारकर पेशी के लिए ले जा रही थी, तभी वहां मौजूद लोगों ने आरोपियों के साथ धक्कामुक्की करते हुए उनके साथ मारपीट की कोशिश की। वे आरोपियों की फांसी की सजा दिए जाने के नारे लगा रहे थे। भीड़ के आक्रोश को देख पुलिस उन्हें बचाकर किसी तरह कोर्ट के अंदर ले गई। 
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर भले ही जेल भेज दिया हो, लेकिन पीडि़त छात्रा के परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को घटना से गुस्साए लोगों ने तेजगढ़ी चौराहे पर जाम लगाकर जमकर हंगामा किया। वे पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराज दिख रहे थे। उनका कहना था कि इस गैंगरेप मंे एक बड़े सफेदपोश नेता का बेटा भी शामिल था, लेकिन पुलिस उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। 
गौरतलब है कि शनिवार को शस्त्रीनगर में रहने वाली 12 वीं कक्षा की एक छात्रा को के ब्लॉक के पास से चार युवकों ने अगवा कर लिया था और उसके साथ चलती कार में गैंगरेप किया था। बेहोशी की हालत में वे छात्रा को उसके घर के पास छोड़कर फरार हो गए थे। किसी तरह घर पहंुचकर छात्रा ने अपने परिजनों को वारदात की जानकारी दी। उसने बताया था कि इस घटना में बीएसपी नेता अमित भड़ाना और उसके तीन साथी थे। पुलिस अभी चौथे आरोपी के बारे में कुछ भी नहीं बोल रही है। पुलिस ने वह कार बरामद कर ली है जिसमें छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया था। 

Monday, July 22, 2013

रूट चेंज किए जाने पर विचार

दिल्ली से मेरठ के बीच हाई स्पीड ट्रेन चलाए जाने के मामले में एनएचएआई की आपत्ति को देखते हुए टे्रन का रूट चेंज किए जाने पर विचार किया जा रहा है। नए रूट के रूप में दिल्ली से मेरठ के बीच प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के डिवाइडर पर पिलर बनाने की योजना पर परामर्शी कंपनी ने विचार करना शुरू कर दिया है। अब तक एनएच- 58 के डिवाइडर पर पिलर बनाने का प्रस्ताव था। अगर रूट में चेंज आया तो इससे रूट की लंबाई और प्रोजेक्ट खर्चा दोनों बढ़ जाएंगे। 
हाल ही में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दिल्ली के निजामुद्दीन से मेरठ के पल्लवपुरम के बीच हाई स्पीड ट्रेन चलाने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद उम्मीद बंधी थी कि जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। एनएचएआई की आपत्ति ने इस उम्मीद को धंुधला कर दिया है। प्रस्ताव के अनुसार इस ट्रेन को दिल्ली और मेरठ के बीच एनएच-58 के ऊपर से होकर गुजरना था। इसके लिए एनएच-58 के डिवाइडर पर पिलर खड़े किए जाने थे, जिस पर एनएचएआई सहमत नहीं है। उसकी आपत्ति यह है कि प्रोजेक्ट डिजाइन के अनुसार करीब 8 से 10 फुट चौड़ाई के पिलर खड़े किए जाने हैं। चार लेन के एनएच- 58 की चौड़ाई इस समय कुल 15.7 मीटर है, जिसमें से इसके बीच 2.5 मीटर का डिवाइडर बना हुआ है। इस डिवाइडर पर 10 फुट का पिलर खड़े किए जाने के लिए सड़क पर 7.5 मीटर अतिरिक्त जगह की जरूरत पड़ेगी। साथ ही पिलर निर्माण के दौरान कुछ और अतिरिक्त जगह की आवश्यकता होगी। 
वर्तमान समय में यह हाइवे ट्रैफिक जाम की समसया से जूझ रहा है। ऐसे में यदि इस रूट पर पिलर बनाए गए तो स्थिति भयावह हो जाएगी। इस समस्या से निबटने के लिए एनएचएआई ने ट्रेन का रूट बदलने की सलाह दी है। उसने अपने सुझाव में एनएच- 58 के स्थान पर दिल्ली के निजामुद्दीन से शुरू होने वाली इस ट्रेन को एनएच-24 से होकर डासना तक लाने और उसके बाद इसे दिल्ली मेरठ के बीच प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के डिवाइडर के ऊपर से गुजारने को कहा है। 
सूत्रों का कहना है कि एनएचएआई ने अपना यह सुझाव एनसीआर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड को दे दिया है। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट की परामर्शी कंपनी ने रूट के संशोधन प्लान पर विचार शुरू कर दिया है। अगर रूट का नया संशोधित प्लान मान लिया गया तो हाई स्पीड टे्रन के रूट की लंबाई 97 किमी से बढ़कर 104 किमी हो जाएगी और इस प्रोजेक्ट की लागत 15 हजार करोड़ से बढ़कर 15800 करोड़ हो जाएगी। 

Wednesday, July 10, 2013

नमाज पढ़ने वालों की संख्या अधिक होने की वजह से सड़क- तनाव

 रोड पर नमाज पढ़ने को लेकर मेरठ में दो समुदायों के बीच बुधवार को तनाव पैदा हो गया। सूचना मिलते ही काफी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक ऑफिसरों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस बल की मौजूदगी में लोगों ने नमाज अदा की। ऑफिसरों ने दोनों समुदायों को आश्वासन दिया है कि गुरुवार को इस मसले का हल निकाल लिया जाएगा। इसके बाद जाकर तनाव थोड़ा कम हुआ। हिंदूवादी संगठनों ने चेतावनी दी है कि सड़क पर किसी भी हालत में नमाज नहीं होने देंगे।

लालकुर्ती थाने के छीपी टैंक में रोड की एक ओर मस्जिद, तो दूसरी ओर शिव मंदिर हैं। बुधवार रात मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिद में नमाज अदा कर रहे थे। नमाज पढ़ने वालों की संख्या अधिक होने की वजह से लोग सड़क और फिर मंदिर की दीवार तक पहुंच गए। इसकी खबर मिलते ही बीजेपी के कई नेता और हिंदूवादी संगठनों के सैकड़ों सदस्य वहां पहुंच गए। उन्होंने सड़क पर नमाज अदा करने पर रोक लगाने की मांग की। यहां तक चेतावनी दी गई कि यदि सड़क पर नमाज अदा करने पर रोक नहीं लगाई गई तो गुरुवार से मंदिर पर भंडारा किया जाएगा। दोनों ओर से बढ़ते तनाव को देखते हुए पूरे जिले की पुलिस और पीएसी बुला ली गई। इस दौरान बीजेपी के पूर्व विधायक अमित अग्रवाल और एसएसपी दीपक कुमार में नोकझोंक भी हुई।

पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के लोगों की नमाज अदा कराई और पिछले साल की तरह व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। शिव चौक पर नमाज पढ़ने को लेकर पहले भी कई बार दोनों समुदाय में विवाद हो चुका है। अतीत में हिंदू संगठनों के लोगों ने भंडारे का आयोजन कर दिया था। बीजेपी नेताओं ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि गुरुवार को सड़क पर नमाज अदा हुई तो फिर मंदिर में भंडारा कराया जाएगा और इसका जिम्मेदार पुलिस-प्रशासन होगा। बीजेपी नेताओं ने कहा कि अधिकारियों को पहले ही सचेत किया था कि सड़क पर नमाज नहीं होनी चाहिए।


·         बुधवार को ही बीजेपी का एक प्रतिनिधमंडल एसएसपी दीपक कुमार से मिला था और रोड पर नमाज पढ़े जाने पर रोक लगाने की मांग की थी। इन नेताओं का कहना था कि रमजान के दौरान सड़कों पर नमाज अदा की जाती है, जिससे जाम लग जाता है और काफी परेशानी होती है। बीजेपी नेताओं का कहना था कि इसकी वजह से टकराव की आशंका बनी रहती है। पुलिस ने इस पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पुलिस-प्रशासन का कहना है कि गुरुवार को आपसी सहमति से इस मसले का हल निकाला जाएगा।

Tuesday, July 2, 2013

नए सिरे से आंदोलन शुरु करने की घोषणा

केंद्र में जाटों के आरक्षण की मांग को लेकर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ नए सिरे से आंदोलन शुरु करने की घोषणा की है। इस संबंध में रणनीति तय करने के लिए नौ जुलाई को मेरठ में समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है।

संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने संवाददाताओं से बातचीत में केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि जब केंद्र में जाटों को आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर समिति के बैनर के तहत जाटों ने प्रभावी आंदोलन शुरु किए तब केंद्र सरकार ने जाटों को केंद्र की ओबीसी श्रेणी में शामिल करने का आश्वासन देकर आंदोलन को खत्म कराया है। लेकिन अभी तक केंद्र सरकार जाटों को आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है।

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर इस साल 5 मार्च से 10 मई तक चले आंदोलन के दौरान विभिन्न दलों के सांसदों तथा केंद्रीय मंत्रियों द्वारा भी प्रधानमंत्री को लिखित संस्तुति के बाद भी आज तक आरक्षण लागू नहीं हो सका है।