: शनिवार की घटना के बाद रविवार को पूरा शहर खौफ के साए में दिखा। प्रभावित क्षेत्र केबाजार आधे अधूरे खुले , लेकिन शहर का सर्राफा बाजार पूरी तरह बंद रहा। सड़कों पर लोगों की मौजूदगी नके बराबर रही। जानकारों का मानना है कि रविवार को करीब 5 करोड़ का व्यापार प्रभावित हुआ है। प्रभावितघटनास्थल छावनी में तब्दील दिखा। वहीं , खौफजदा लोग घर से बाहर निकलने से बचे। जिन सड़को पर चलनाभी दुश्वार होता था , आज वहां गाड़ियां फर्राटे से निकल रही थीं। खैरनगर , घंटाघर व वैलीबाजार इलाके कीदुकानें कुछ खुली , कुछ बंद नजर आईं। खुली दूकानों पर कस्टमर नजर नहीं आए। शहर के हर चौराहे पर पुलिसका अमला नजर आया। प्रभावित क्षेत्र को तो पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है। हर गली में पुलिस ,पीएसी और आरएएफ तैनात दिखी। जानकारों का मानना है कि आज मेरठ के बाजार में दंगे का प्रभाव होने केकारण करीब 5 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है।
शनिवार को मुहल्ला तीरगरान में दो पक्षों के बीच हुए बवाल के मामले में देर रात लगभग दो बजे पांच लोगों नेअलग अलग तहरीर देकर एक पार्टी के नेताओं समेत करीब 200 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। यहमुकदमें एक पक्ष के लोगों की तरफ से दर्ज कराए गए हैं। इनमें करीब 15 लोगों को नामजद किया गया है।मीडियाकर्मियों की ओर से भी मारपीट , लूटपाट की धराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। सभी मुकदमे थानाकोतवाली में दर्ज कराए गए हैं। वहीं , दूसरे पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। उनके पक्ष का एक शख्सघटना के बाद से गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है , जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
मेरठ में हुई घटना की जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कहना है प्रदेश के प्रमुखसचिव ( होम ) ए . के . गुप्ता का। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को घटना के दौरान हुई चल अचल संपत्ति केनुकसान का जायजा लेकर रिर्पोट देने के लिए कहा गया है। जिनका नुकसान हुआ है , उन्हें मुआवजा दियाजाएगा। वहीं , प्रदेश के डीजीपी ने माना कि पुलिस की कमी के कारण प्रशासन को दिक्कतें आईं। लेकिन अब पूराफोर्स तैनात कर दिया गया है। साथ ही मेरठ में पुलिस पिकेटिंग की पुरानी व्यवस्था को भी तत्काल प्रभाव सेलागू कर दिया गया है।
प्रदेश के प्रमुख सचिव ( होम ) ए के गुप्ता और डीजीपी आनंद लाल बनर्जी रविवार सुबह यहां पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अमले के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। बाद में वे मेडिकल कॉलेज में घायलों से मिलने पहुंचेसर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए गुप्ता ने कहा कि चूक कहां हुई , घटना के दौरान क्या कमियां रहीं औरभविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए क्या किया जाना जरूरी है , इस पर भी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसघटना के दौरान चलअचल संपत्ति का जो नुकसान हुआ है , उसका ब्यौरा जिला प्रशासन से मांगा गया है। उन्हेंसरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे चार में तीन घायलों से मिले हैं। उनकी हालतठीक है। जबकि एक घायल की हालत नाजुक बनी हुई है।
डीजीपी आनंद लाल बनर्जी ने माना कि चुनाव के कारण जिले का फोर्स बाहर गया हुआ था , जिस कारण घटनाको कंटोल करने में दिक्कत आई। अब फोर्स यहां आ चुका है। शहर शांत है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।मेरठ में तत्काल प्रभाव से पुलिस पिकेटिंग की पुरानी व्यवस्था को बहाल करने के आदेश दे दिए हैं।
शनिवार को मुहल्ला तीरगरान में दो पक्षों के बीच हुए बवाल के मामले में देर रात लगभग दो बजे पांच लोगों नेअलग अलग तहरीर देकर एक पार्टी के नेताओं समेत करीब 200 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। यहमुकदमें एक पक्ष के लोगों की तरफ से दर्ज कराए गए हैं। इनमें करीब 15 लोगों को नामजद किया गया है।मीडियाकर्मियों की ओर से भी मारपीट , लूटपाट की धराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। सभी मुकदमे थानाकोतवाली में दर्ज कराए गए हैं। वहीं , दूसरे पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। उनके पक्ष का एक शख्सघटना के बाद से गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है , जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
मेरठ में हुई घटना की जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कहना है प्रदेश के प्रमुखसचिव ( होम ) ए . के . गुप्ता का। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को घटना के दौरान हुई चल अचल संपत्ति केनुकसान का जायजा लेकर रिर्पोट देने के लिए कहा गया है। जिनका नुकसान हुआ है , उन्हें मुआवजा दियाजाएगा। वहीं , प्रदेश के डीजीपी ने माना कि पुलिस की कमी के कारण प्रशासन को दिक्कतें आईं। लेकिन अब पूराफोर्स तैनात कर दिया गया है। साथ ही मेरठ में पुलिस पिकेटिंग की पुरानी व्यवस्था को भी तत्काल प्रभाव सेलागू कर दिया गया है।
प्रदेश के प्रमुख सचिव ( होम ) ए के गुप्ता और डीजीपी आनंद लाल बनर्जी रविवार सुबह यहां पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अमले के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। बाद में वे मेडिकल कॉलेज में घायलों से मिलने पहुंचेसर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए गुप्ता ने कहा कि चूक कहां हुई , घटना के दौरान क्या कमियां रहीं औरभविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए क्या किया जाना जरूरी है , इस पर भी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसघटना के दौरान चलअचल संपत्ति का जो नुकसान हुआ है , उसका ब्यौरा जिला प्रशासन से मांगा गया है। उन्हेंसरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे चार में तीन घायलों से मिले हैं। उनकी हालतठीक है। जबकि एक घायल की हालत नाजुक बनी हुई है।
डीजीपी आनंद लाल बनर्जी ने माना कि चुनाव के कारण जिले का फोर्स बाहर गया हुआ था , जिस कारण घटनाको कंटोल करने में दिक्कत आई। अब फोर्स यहां आ चुका है। शहर शांत है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।मेरठ में तत्काल प्रभाव से पुलिस पिकेटिंग की पुरानी व्यवस्था को बहाल करने के आदेश दे दिए हैं।