Saturday, August 16, 2014

ससुरालियों ने उसे और उसके बच्चों को घर से निकाल दिया

पति का गायब हो जाना और अपने तीन बच्चों का भूख से बिलखना मां से बर्दाश्त नहीं हुआ। गुरुवार को वह अपने बच्चों के साथ केरोसिन तेल लेकर आत्मदाह करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंच गई। खबर मिलते ही पुलिस ने महिला को कब्जे में लेकर उससे तेल की शीशी छीन ली। महिला का कहना है कि 15 दिनों से उसका पति लापता है। पति के जाने के बाद उसके ससुरालियों ने उसे और उसके बच्चों को घर से निकाल दिया। शासन से अर्थिक मदद की मांग की थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी जब कोई मदद मिलती दिखाई नहीं दी, तो उसने यह कठोर निर्णय लिया। वहीं, महिला को अपने साथ थाने ले गई पुलिस अब उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है। 
9 साल पहले रेनू यादव ने लालकुर्ती तोपखाना निवासी शमीम खान से प्रेम विवाह किया था। शादी के समय शमीम ने रेनू को बताया था कि वह पत्रकार है। लेकिन कुछ ही दिनों में शमीम की हकीकत रेनू के सामने आ गई। उसे पता चला कि शमीम बेरोजगार है और उसे शराब की लत है। शराब पीकर शमीम अक्सर रेनू के साथ मारपीट किया करता था। रेनू के अनुसार पति के उत्पीड़न के बावजूद वह चुप रहती थी। इसी दौरान उनके तीन बच्चे हो गए। 15 दिन पहले शमीम बिना किसी को कुछ बताए अचानाक घर से कहीं चला गया। रेनू का आरोप है कि उसके पति के घर से चले जाने के बाद उसके जेठ ने उसे और उसके बच्चों को जबरन घर से निकाल दिया। रेनू के अनुसार तब से वह अपने पति की बरामदगी और बच्चों के पालन पोषण के लिए शासन से अर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रही है। उसका कहना है कि कुछ दिन पहले उसने शासन से अर्थिक सहायता के लिए डीएम के नाम ज्ञापन भी दिया था। उसका कहना है कि भूख से बिलबिलाते बच्चों को देख कर उसने यह कदम उठाने का फैसला किया। 

Thursday, August 14, 2014

सनाउल्लाह गिरफ्तार

खरखौदा गैंगरेप और धर्म परिवर्तन मामले में जिस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस के पसीने छूट रह थे, बुधवार को वह गढ़ रोड स्थित सोहराब गेट डिपो पर मिल गया। पुलिस ने उसे आननफानन में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके साथ ही एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लगभग उसे क्लीन चिट भी दे दी। पुलिस ने उसे मीडिया के सामने पेश करना भी उचित नहीं समझा। 
खरखौदा मामले में पुलिस दो महिलाओं समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। लेकिन इस केस का मुख्य आरोपी सनाउल्लाह उसकी पकड़ से बाहर रहा। पुलिस के अधिकारी दावा करते रहे कि सनाउल्लाह की गिरफतारी के लिए पांच टीमें बना दी गई है, और वह जल्द उनके कब्जे में होगा। सर्विलांस के एक्सपर्ट भी उसकी लोकेशन के लिए दिन रात लगे रहे। लेकिन वह हाथ नहीं लगा था। थक हार कर पुलिस ने उस पर पांच हजार रुपये का ईनाम घोषित कर दिया। चर्चा यह होती रही कि सनाउल्लाह एक सियसतदां की सरपरस्ती में है, लेकिन पुलिस इस बात का खंडन करती रही। 
इसे पुलिस की किस्मत कहें या फिर उसकी बाजीगरी कि जिस सनाउल्लाह की तलाश में मेरठ पुलिस दिन-रात एक किए हुए थी, वह उसे बुधवार को सोहराब गेट बस अड्डे पर मिल गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी ने बताया कि सनाउल्लाह पर अपहरण और रेप के आरोप के साक्ष्य नहीं मिले हैं। पुलिस के अनुसार जिस दिन पीड़िता के साथ गैंगरेप होने का आरोप है, उस दिन सनाउल्लाह दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में एडमिट था और अपने दिल का इलाज करा रहा था। पुलिस का कहना है कि सनाउल्लाह ने उन्हें अपने अस्पताल में भर्ती होने और वहां इलाज कराने संबंधी कागजात उन्हें सौंपे हैं। एसपी आरए कैप्टन एमएम बेग का कहना है कि सनाउल्लाह की ओर से सौंपे गए कागजात और दी गई जानकरी की जांच की जा रही है। 
जिस सनाउल्लाह को पुलिस तलाशने में एड़ी चोटी का जोर लगा रही थी, वह अचानक बस स्टैंड पर उसे कैसे मिल गया। चर्चा है कि सनाउल्लाह के सरपरस्त के ईशारे पर उसने खुद को पुलिस के हवाले किया है। दूसरा सवाल यह उठ रहा है कि मामले के मुख्य आरोपी को पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के बजाए, सीधे जेल क्यों भेज दिया। पुलिस ने यह भी मुनासिब नहीं समझा कि सनाउल्लाह द्वारा दी गई जानकारी को जांचने तक उसे अपने पास रखती। छोटे से अपराधी को पकड़ कर मीडिया के सामने पेश कर अपनी पीठ थपथपाने वाली पुलिस सनाउल्लाह के ममाले में बिल्कुल अलग नजर आई। उसने मीडिया से बचाने के लिए सनाउल्लाह को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश नहीं किया। उलटे पूरे प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसएसपी और एसपी आरए सनाउल्लाह का पक्ष रख उसे क्लीन चिट देते नजर आए। 

Tuesday, August 12, 2014

नर्स ने अपने ही साथ काम करने वाले एक डॉक्टर के खिलाफ रेप की कोशिश का आरोप

रक्षापुरम स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में काम करने वाली नर्स ने अपने ही साथ काम करने वाले एक डॉक्टर के खिलाफ रेप की कोशिश का आरोप लगाया है। आरोप है कि विरोध करने पर डॉक्टर ने उसके साथ मारपीट कर उसके कपड़े फाड़ दिए। इस घटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता के परिजनों ने आरोपी की गिरफतारी की मांग को लेकर गंगानगर पुलिस चौकी पर हंगामा किया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी डॉक्टर फरार है। अस्पताल के मालिक डॉक्टर को नौकरी से हटाने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। 
थाना इंचौली क्षेत्र के रक्षापुरम में डॉ. राहुल ने करीब 9 माह पहले अपना अस्पताल खोला था। आरोप लगाने वाली युवती नर्स का काम करती है, जबकि मंडी धनौरा का रहने वाला आरोपी सारिक वहां रेजिडेंट डॉक्टर है। नर्स के अनुसार करीब एक हफ्ते से डॉक्टर सारिक उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा था। उसने इस बात की जानकारी अस्पताल प्रशासन को भी दी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई, जिससे आरोपी का मनोबल और बढ़ गया। पीड़िता का आरोप है कि रविवार रात करीब 10 बजे सारिक ने उसे ओपीडी में अकेला पाकर कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। उसने विरोध किया तो आरोपी ने उसकी पिटाई करते हुए उसके कपड़े फाड़ दिए। नर्स का आरोप है कि पिटाई के दौरान आरोपी ने उसका सिर दीवार पर दे मारा जिससे उसे चोट आ गई। इसी दौरान उसकी चीख-पुकार सुन ओपीडी के बाहर बैठे तीमारदारों ने दरवाजा खटखटना शुरू कर दिया। मौका पाकर पीड़ित नर्स ने दरवाजा खोल दिया। अंदर का नजारा देख तीमारदारों ने डॉ. सारिक को पकड़कर उसकी जमकर धुनाई की, आरोपी डॉक्टर वहां से फरार हो गया। नर्स की सूचना पर उसके परिजन आ गए। परिजनों ने गंगानगर पुलिस चौकी पर करीब तीन घंटे तक आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस ने अस्पताल के मालिक राहुल को वहां बुला लिया। उसने बताया कि आरोपी डॉक्टर को उन्होंने अस्पताल से निकाल दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। वहीं, खबर यह भी मिल रही है कि दोनों पक्षों में समझौता की कोशिश चल रही है। 

Monday, August 11, 2014

किशोरी के साथ कुछ युवकों ने छेड़छाड़ की

थाना सदर बाजार क्षेत्र में एक किशोरी के साथ कुछ युवकों ने छेड़छाड़ और अगवा करने की कोशिश की। किशोरी के शोर मचाने पर लोगों ने एक युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। उसके दो साथी वहां से भाग निकलने में कामयाब रहे। इस घटना से वहां तनाव फैल गया। पुलिस ने आरोपी युवक को कब्जे में ले लिया। इसी दौरान बीजेपी के कार्यकर्ता थाने पहुंच गए और आरोपी युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। हाल ही में सहारनपुर की घटना से घबराए पुलिसकर्मियों ने युवती पक्ष से तहरीर लेकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। 
सोतींगज स्थित गुरुद्वारे के पास शुक्रवार दोपहर कुछ युवक खड़े थे। उसी समय 11 साल की नाबालिग लड़की वहां से गुजर रही थी। आरोप है कि युवकों ने उसके साथ छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी और उसे उठाने का प्रयास किया। लड़की के शोर मचाने पर परिजन और आसपास के लोगों ने युवकों को दौड़ाकर एक युवक को पकड़ लिया। आरोपी युवक की भीड़ ने धुनाई शुरू कर दी। उसके दो साथी वहां से भाग निकलने में सफल रहे। इस बात की जानकारी मिलते ही दूसरे पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गये। दोनो पक्ष आमने-सामने आ गए। मामला बिगड़ता इससे पहले पुलिस वहां पहुंच गई और आरोपी युवक को थाने ले आई। वहीं मामले की जानकारी मिलते ही बीजेपी नेता और कार्यकर्ता थाने पहुंचे। जहां पर उन्होंने थाने का घेराव करते हुए युवक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की मांग करते हुए हंगामा किया। सहारनपुर की हाल की घटना से घबराए पुलिसकर्मी उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे। इसी दौरान सीओ केंट मनीष मिश्र थाने पहुंचे और बीजेपी कार्यकर्ताओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित पक्ष के लोगों ने थाने में तहरीर दे दी है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। 

Friday, August 8, 2014

संदिग्ध मदरसों की भूमिका की जांच की मांग

गैंगरेप और धर्म परिवर्तन के मामले की जांच के लिए यहां आई राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी गुरुवार को पीड़िता के गांव पहुंची। जरीना ने पीड़ित युवती की मां से मिलकर हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है और आरोपी गिरफ्तार किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, दोनों समुदाय के नेता पुलिस अधिकारियों से मिले। बीजेपी ने संदिग्ध मदरसों की भूमिका की जांच की मांग की। वहीं, एक मुस्लिम संगठन ने कुछ लोगों पर सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगाया।
गैंगरेप और धर्मपरिवर्तन की घटना सामने आने के बाद से ही पूरे क्षेत्र में तनाव है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी गुरुवार को पीड़िता के गांव पहुंची। वहां उन्होंने बंद कमरे में पीड़िता की मां से बात की। बताया जा रहा है कि जरीना ने पीड़िता और उसके परिवार को हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया है। उस्मानी ने कहा कि पीड़ित पक्ष की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। जो फरार हैं, उनकी तलाश जारी है। जल्द ही वे सलाखों के पीछे होंगे। कहा कि जल्द ही अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगी।
दूसरी ओर इस घटना को लेकर गुरुवार को दोनों समुदाय के लोग अधिकारियों से मिले। बीजेपी के महानगर अध्यक्ष की अगुवाई में कार्यकर्ता कमिश्नर से मिले और उन्होंने संदिग्ध मदरसों की भूमिका की जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने इस केस के फरार मुख्य आरोपी के अब तक गिरफ्तार न किए जाने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होने तत्कालीन थानाध्यक्ष को सस्पेंड किए जाने की मांग की। कमिश्नर से पीड़ित परिवार को अर्थिक सहायता देने की मांग की। कमिश्नर ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वहीं, इफ्फाहादे मिल्लत कमिटी के अध्यक्ष की अगुवाई में लोग एसपी देहात कैप्टन एमएम बेग से मिले। उन्होंने खरखौदा कांड की निंदा करते हुए पीड़ित युवती को इंसाफ दिलाए जाने की मांग की। लेकिन उन्होंने युवती का जबरन धर्म परिवर्तन कराए जाने के आरोप को गलत बताया। उन्होंने कहा कि युवती ने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन किया है, इस बात की निष्पक्ष जांच के बाद ही पुलिस को कार्रवाई आगे बढ़ानी चाहिए। एसपी देहात ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

Wednesday, August 6, 2014

रेप के बाद आरोपी किशोरी को कैंट रेलवे स्टेशन के पास पटरियों पर फेंक कर फरार

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के थाना कंकरखेडा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की का अपहरण करने के बाद उससे गैंग रेप किए जाने का मामला सामने आया है। गैंग रेप के बाद आरोपी किशोरी को कैंट रेलवे स्टेशन के पास पटरियों पर फेंक कर फरार हो गए।
पुलिस ने पीड़िता के परिजनों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर बताया कि रविवार को कंकरखेडा निवासी 15 वर्षीय लड़की घर से पास ही स्थित बाजार से कुछ सामान लेने गई थी। काफी देर तक घर नही लौटने पर परिजनों ने जब उसे तलाश किया तो वह कैंट स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर बेहोशी की हालत में मिली।
होश में आने पर पीड़िता ने परिजनों को बताया कि उसको पड़ोस के वसीम और इदरीश नाम के युवक बाइक पर बैठा कर किसी अनजान जगब पर ले गए थे, जहां उन्होंने उससे रेप किया। विरोध करने पर उसकी पिटाई भी की गई।

रेप के बाद आरोपियों ने उसे पुलिस से शिकायत करने पर परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी, जिसके कारण परिजनों ने पुलिस को सूचना नही दी।
मंगलवार को लड़की की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने देर रात कंकरखेडा पुलिस को घटना की जानकारी दी। कंकरखेडा थाना प्रभारी महावीर सिंह ने बुधवार को बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ रेप का केस दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।

Monday, August 4, 2014

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक नया बवाल

मेरठ के खरखौदा कस्बे में युवती से गैंग रेप और जबरन इस्लाम कबूल करवाने की वारदात सामने आने के बाद सांप्रदायिक हिंसा की आग में झुलस रहे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक नया बवाल खड़ा हो गया है। 10 दिन पहले अगवा की गई युवती रविवार को परिवार के साथ बदहवास स्थिति में थाने पहुंची और जबरन इस्लाम धर्म कबूल करवाने और मदरसे में गैंग रेप का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। युवती ने बताया कि इस दौरान उसे मदरसों में बंधक बनाकर रखा गया था। युवती के पेट पर ऑपरेशन के निशान से उसकी किडनी निकाले जाने की भी आशंका है।
घटना के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया। बीजेपी के कार्यकर्ता मेरठ-हापुड़ रोड पर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस से उनकी झड़प भी हुई। पुलिस के बड़े अधिकारियों के पहुंचने पर मदरसे के हाफिज और ग्राम प्रधान समेत नौ लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया। लापरवाही पर एसओ दिनेश कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया। देर रात घटना को लेकर कुछ लोगों ने एक घर पर पथराव कर दिया।
पीड़ित युवती ग्रैजुएशन करने के बाद गांव के ही मदरसे में हिंदी और अंग्रेजी पढ़ाती थी। छह महीने पहले उसने मदरसे में पढ़ाने का काम बंद कर दिया था। युवती के पिता की ओर से दर्ज एफआईआर में बताया गया कि 23 जुलाई को मदरसे के हाफिज सन्नाउल्ला और ग्राम प्रधान नवाब ने साथियों के साथ युवती का अपहरण कर लिया। हापुड़ स्थित मदरसे ले जाकर उससे गैंग रेप किया और जबरदस्ती उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। उसकी पिटाई करने के साथ जान से मारने की धमकी भी दी गई।
युवती ने बताया कि उसे ग्राम प्रधान नवाब खां, मदरसे के मौलाना सनाउल्ला, उसकी पत्नी, बेटी सना उर्फ निसरत आदि ने अगवा कर लिया था। इसके बाद हापुड़ के दोताई मदरसे में 31 जुलाई को धर्म परिवर्तन कर उसका नाम बुशरा जन्नत रख दिया और उसका गैंग रेप किया गया। युवती ने पुलिस को बताया कि उसे हापुड़ के अलावा गढ़मुक्तेश्वर के एक गांव और फिर मुजफ्फरनगर और देवबंद स्थित मदरसों में बंधक बनाकर रखा गया। वहां उसे बेहोश रखने के लिए नशे का इन्जेक्शन लगाया जाता था। युवती के मुताबिक, मुजफ्फरनगर के एक मदरसे से वह किसी तरह रविवार तड़के भाग निकली। भैसाली बस अड्डा पहुंचकर किसी राहगीर से मोबाइल फोन लेकर उसने परिवार वालों को पूरा हाल बताया।
युवती के बयान के अनुसार, मुजफ्फरनगर के मदरसे में करीब दो दर्जन युवतियां थीं और उनकी भी ऐसी हालत कर वहां बंधक बनाकर रखा गया है। हालांकि, पुलिस के छापे में इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान मदरसे में 40 से अधिक लड़कियों का रजिस्ट्रेशन पाया गया, जिनमें से 16 लड़कियों को रमजान और ईद की छुट्टियों में घर जाने की बात बताई गई है। मेरठ से एसपी देहात कैप्टन एमएम बेग ने बताया कि मेडिकल टेस्ट में युवती से रेप की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि नवाब और सना को गिरफ्तार कर लिया गया है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें बनाकर दबिशें दी जा रही हैं।
पीड़ित परिवार के समर्थन में इलाके में जबर्दस्त आक्रोश है। रविवार रात करीब 11 बजे खरखौदा के एक मोहल्ले में युवकों की भीड़ लाठी डंडे और सरिये लेकर पहुंच गई। युवकों ने कई घरों में तोड़फोड़ मचा दी। दरवाजों पर पथराव कर दिया। इससे घरों में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद खरखौदा थाने से पुलिस और पीएसी के जवान मौके पर पहुंचे। तब तक पथराव और तोड़फोड़ करने वाले फरार हो चुके थे। इस मोहल्ले में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई।