Monday, September 10, 2012

अफजाल का नाम मुकदमे से निकाला गया तो जनता सड़क पर उतर कर उग्र आंदोल


 4 साल पहले कोतवाली थाना क्षेत्र में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी इजलाल के भाई अफजाल के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की तैयारी की सूचना मिलने पर विरोध में सोमवार को हिंदू दल भड़क गए। सैकड़ों लोगों ने बीजेपी, एवीवीपी व छात्र नेताओं के साथ डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अफजाल का नाम मुकदमे से निकाला गया तो जनता सड़क पर उतर कर उग्र आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेगी। डीएम ने शासन को मामले की गंभीरता से अवगत कराने का आश्वासन दिया है। 

4 साल पहले 22 मई 2008 को कोतवाली क्षेत्र निवासी हाजी इजलाल और उसके भाई अफजाल पर अपने साथियों के साथ 3 छात्र सुनील ढाका, पुनित गिरी व सुधीर उज्ज्वल की हत्या करने का आरोप लगा था। मरने वाला पुनीत गिरी दिल्ली क्राईम ब्रांच में इंस्पेक्टर एसके गिरी का भतीजा और सुनील ढाका यूपी पुलिस के हेड कांस्टेबल अनिल ढाका का भाई था। आरोप था कि तीनो की हत्या निर्मम तरीके से की गई। मारने से पहले उनकी आंखे भी फोड़ दी गईं। उनकी हत्या करने के बाद शवों को कार में डालकर बागपत जिले के बालैनी गांव क्षेत्र मे हिंडन के किनारे फेंक दिया गया था। पुलिस की जांच में पता लगा कि इजलाल ने अपनी प्रेमिका शीबा के कहने पर तीनो छात्रों को मौत के घाट उतारा था।
 

इस घटना से पूरे मेरठ में उबाल आ गया था। जनता में उमड़े आक्रोश को देखते हुए थाना कोतवाली में इजलाल समेत कुल 13 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 201, 364 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। काफी हंगामे के बाद इजलाल व अफजाल सहित कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि सम्मी व माजिद नाम के आरोपी अभी भी फरार हैं।

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