Wednesday, October 31, 2012

गन्ना उत्पादक किसान और गुड़ व्यापारी दोनों ही परेशान


 कभी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों की खुशहाली का राज़ इस क्षेत्र में पैदा होने वाले गन्ने को माना जाता था। लेकिन आज उसी गन्ने ने क्षेत्र के किसानों के जीवन से मिठास छीन ली है। देश का शुगर बाउल समझे जाने वाले वेस्टर्न यूपी के गन्ना उत्पादक किसान और गुड़ व्यापारी दोनों ही परेशान हैं।

बुधवार को राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने मेरठ कमिशनर कार्यालय पर प्रदर्शन कर कमिशनर को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें गन्ने का मूल्य शीघ्र घोषित कर चीनी मिलों को शुरू करने की मांग की गई है। मांगें शीघ्र पूरी न किए जाने पर सड़क व रेल मार्ग जाम करने की चेतावनी भी दी गई है।

प्रदेश सरकार ने गन्ने का मूल्य अभी तक घोषित नहीं किया है जिसके कारण चीनी मिलों का पेराई सत्र अभी तक शुरू नहीं किया है। चीनी मिलों में पेराई सत्र के शुरू न होने के कारण किसानों को गन्ना औने -पौने दामों पर कोल्हू में डालना पड़ रहा है। जो किसान प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना मूल्य की घोषणा किए जाने के इंतजार में गन्ना खेत में रोके हुए हैं, उन्हें गेहूं की बुवाई का समय बीत जाने की चिंता सता रही है। वहीं जो थोड़ा बहुत गुड़ कोल्हूओं में बन रहा है, उसके देश की अन्य मंडियों में जाने के कारण मुज़फ्फरनगर स्थित एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी वीरान पड़ी है। इस कारण गुड़ व्यापारियों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।

गन्ना उत्पादक किसान और गुड़ व्यापारी दोनों ही परेशान


 कभी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों की खुशहाली का राज़ इस क्षेत्र में पैदा होने वाले गन्ने को माना जाता था। लेकिन आज उसी गन्ने ने क्षेत्र के किसानों के जीवन से मिठास छीन ली है। देश का शुगर बाउल समझे जाने वाले वेस्टर्न यूपी के गन्ना उत्पादक किसान और गुड़ व्यापारी दोनों ही परेशान हैं।

बुधवार को राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने मेरठ कमिशनर कार्यालय पर प्रदर्शन कर कमिशनर को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें गन्ने का मूल्य शीघ्र घोषित कर चीनी मिलों को शुरू करने की मांग की गई है। मांगें शीघ्र पूरी न किए जाने पर सड़क व रेल मार्ग जाम करने की चेतावनी भी दी गई है।

प्रदेश सरकार ने गन्ने का मूल्य अभी तक घोषित नहीं किया है जिसके कारण चीनी मिलों का पेराई सत्र अभी तक शुरू नहीं किया है। चीनी मिलों में पेराई सत्र के शुरू न होने के कारण किसानों को गन्ना औने -पौने दामों पर कोल्हू में डालना पड़ रहा है। जो किसान प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना मूल्य की घोषणा किए जाने के इंतजार में गन्ना खेत में रोके हुए हैं, उन्हें गेहूं की बुवाई का समय बीत जाने की चिंता सता रही है। वहीं जो थोड़ा बहुत गुड़ कोल्हूओं में बन रहा है, उसके देश की अन्य मंडियों में जाने के कारण मुज़फ्फरनगर स्थित एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी वीरान पड़ी है। इस कारण गुड़ व्यापारियों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।

Sunday, October 21, 2012

भोला झाल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा


मेरठ में गंगनहर स्थित भोला झाल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। वेस्टर्न यूपी की सड़के 15 दिनों में गड्ढा मुक्त हो जाएंगी। काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नही जाएगा। शुक्रवार को प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने यहां आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। 
सड़कों के लिए 450 करोड़ का बजट! 
पीडब्ल्यूडी, सिंचाई व सहकारिता विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने यहां आए शिवपाल ने कहा कि उनकी सरकार जल्द ही पूरे प्रदेश की सड़कों की दशा सुधार देगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को वेस्ट यूपी की सड़कों को 15 दिनों में गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिए हैं। मेरठ व सहारनपुर की सड़कें सुधारने के लिए 450 करोड़ का बजट रखा गया है। शिवपाल ने बताया कि गाजियाबाद जनपद की सड़कों को भी जल्द ही चमका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुरादनगर से मसूरी कांवड़ मार्ग को चौड़ा किया जाएगा। 
भोला की झाल बनेगा टूरिस्ट प्लेस 
शिवपाल ने कहा कि मेरठ में गंगनगर पर स्थित भोला की झाल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले इलाकों में इस आपदा से बचाव के लिए एक योजना तैयार की गई है। इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए केंद्र से आर्थिक मदद की मांग की गई है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव शुक्रवार को 11 बजे लखनऊ से शासकीय प्लेन से यहां पहंुचे थे। परतापुर हवाई पट्टी पर आला अधिकारियों व एसपी नेताओं ने उनकी अगवानी की। 

Friday, October 12, 2012

दिल्ली में करती थी नौकरी


शामली जनपद के थाना कांधला एरिया में बुधवार को एक शख्स ने अपने छोटे भाई के साथ मिलकर अपनी बेटी की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी दोनों भाइयों को अरेस्ट कर लिया है। लड़की के पिता का कहना है कि उसकी बेटी का चाल-चलन ठीक नही था, जिसके कारण गांव में उनकी बदनामी हो रही थी। इसीलिए उन्होंने बुधवार को उसे मौत के घाट उतार दिया। 
कांधला थाना क्षेत्र के गांव भभीसा निवासी रामपाल की बेटी छवि का विवाह तितावी थाना क्षेत्र के गांव दुधाहेड़ी में हुआ था। बताया जाता है कि छवि काफी समय से दिल्ली में एक कॉल सेंटर में नौकरी कर रही थी। वहीं उसका एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। घरवालों की ओर से इसका विरोध किए जाने पर कुछ साल पहले वह अपने प्रेमी के साथ भाग गई थी। छवि के ससुराल से फरार हो जाने के कारण उसके परिजनों को काफी बदनामी झेलनी पड़ रही थी। उन्होंने छवि से पूरी तरह से संबंध तोड़ लिए थे। 
आई थी घायल मां को देखने 
बुधवार को छवि को सूचना मिली कि उसके पिता व मां के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया है और उसकी मां गंभीर रुप से घायल हो गई है। बुधवार की दोपहर करीब दो बजे छवि दो युवकों के साथ गांव भभीसा पहुंची। युवकों के साथ घर आने पर उसके पिता ने एतराज उठाया। इस पर उसकी अपने पिता से कहासुनी हो गई। आरोप है कि इस पर उसके पिता रामपाल व चाचा पप्पू ने छवि को से मारपीट शुरू कर दी। जब छवि के साथ आए युवकों ने इसका विरोध किया तो उन्होंने दोनों युवकों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। दोनों युवक किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग गए। आरोप है कि इसके बाद गुस्से में आपा खो चुके रामपाल व उसके छोटे भाई पप्पू ने धारदार हथियारों से छवि पर तब तक वार किए जब तक की उसने दम नहीं तोड़ दिया। घटना के बाद दोनों आरोपी वहां से भाग निकले। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी। एसओ आरएन यादव का कहना है कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

Monday, October 8, 2012

जबरन किन्नर बनाने का मामला


उत्तर प्रदेश के थाना खरखौदा क्षेत्र में एक युवक को जबरन किन्नर बनाने का मामला सामने आया है। किन्नरों ने सोमवार को एक युवक का प्राइवेट पार्ट काट डाला और जब खून बहना बंद नहीं हुआ, तो बेहोशी की हालत में उसे जंगल में फेंक कर फरार हो गए। स्थानीय ग्रामीणों ने युवक को अस्पताल भर्ती कराया।

खरखौदा पुलिस के अनुसार, घायल युवक का नाम महबूब पुत्र मकसूद अली है। सरधना के बिनौली निवासी 25 वर्षीय महबूब ने पुलिस को बताया कि उसकी शहर के खत्ता रोड क्षेत्र के कुछ किन्नरों से दोस्ती थी। कुछ समय बाद किन्नरों ने उस पर साथ रहने का दबाव बनाया, तो वह अपना घर छोड़ कर नूरनगर आकर रहने लगा। उन्होंने बताया कि रविवार को शमशाद, नदीम, सरताज, ममता व दो अन्य किन्नर जबरदस्ती उसे अपने साथ कहीं ले गए। खाना खिलाने के बाद किन्नरों ने चाकू से उसके लिंग पर प्रहार किया। लिंग कट जाने के कारण वह बेहोश हो गया। सोमवार सुबह होश आया तो खुद को खरखौदा के जंगल में पाया। स्थानीय ग्रामीणों ने उसकी मदद कर अस्पताल पहुंचाया।