Thursday, December 20, 2012

केन डेप्युटी कमिश्नर ने गन्ना मूल्य का समय से भुगतान न करने वाली आठ शुगर मिलों को नोटिस जारी किया।


चालू पेराई सत्र में किसानों को गन्ना मूल्य का समय से पूरा भुगतान न करने वाली शुगर मिलों पर गन्ना विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया। केन डेप्युटी कमिश्नर ने गन्ना मूल्य का समय से भुगतान न करने वाली आठ शुगर मिलों को नोटिस जारी किया। साथ ही बैंक के साथ किए गए करार की सूचना न देने वाली मिलों को भी नोटिस जारी किया गया। खरीद केंद्रो पर घटतौली की शिकायत पर छापे मारी की जा रही है।

रीजनल केन डेप्युटी कमिश्नर डॉ वी बी सिंह के अनुसार अब तक मंडल की 16 चीनी मिलों में से आठ मिलें किसानों को उनके गन्ना मूल्य का 70 करोड़ 72 लाख रुपए भुगतान कर चुकी हैं। जिसमें दौराल मिल ने 2196 लाख, सकौती ने 527 लाख, सिभावली ने 641 लाख, नंगलामल ने 935 लाख, बागपत ने 936 लाख, अनामिका ने 490 लाख, रमाला ने 871 लाख और अनूपशहर मिल ने 474 लाख का भुगतान किया। बाकी मिलें किसानों का भुगतान दबाए बैठी हैं।

डॉ. सिंह के अनुसार गन्ना आपूर्ति एवं खरीद अधिनियम 1953 की धारा 17 के अधीन मिलों द्वारा किसानों को गन्ना मूल्य का तुरंत भुगतान करने का प्रावधान है। गन्ना मूल्यों का समय से भुगतान न करने से किसान परेशान हैं। यह जिलाधिकारी के टैगिंग आदेशों का भी उल्लंघन हैं। इन आदेशों और अधिनियम का उल्लंघन कर रही मंडल की मवाना, नंगलामल, किनौनी, सिंभावली, बृजनाथपुर, मोदीनगर,मलकपुर व साबितगढ़ की शुगर मिलों को नोटिस जारी किया गया। साथ ही मंडल की पांच शुगर मिलों को बैंक के साथ करार करने की जानकारी न देने के लिए भी नोटिस भेजे गए।

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