गुरुवार को वाणिज्य कर विभाग
की टीम ने टीपी नगर स्थित दो ट्रांसपोर्टरों और बाईपास स्थित एक
रिसार्ट पर छापेमारी की। इस दौरान टीम ने सभी जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे
में लेकर उसकी जांच की। इसमें कुछ जगह से टैक्स चोरी का मामला पकड़ में
आया। ट्रांसपोर्ट आफिस में देर शाम टीम दस्तावेज खंगालने में जुटी रही। वाणिज्य
कर के ज्वाइंट कमिश्नर आरएस द्विवेदी के नेतृत्व में टीपी नगर स्थित श्री
बांके बिहारी ट्रांसपोर्ट कंपनी और यश ट्रांसपोर्ट पर भी टीम ने छापेमारी
की।
इन ट्रांसपोर्ट कंपनी में अघोषित रूप से
माल पकड़ा गया, जिसका
पर्चा सही नहीं
पाया गया। कंपनी के पास सही बिल भी नहीं मिला। बिल की जांच के बाद माल को जब्त कर लिया
गया। एक ट्रांसपोर्ट कंपनी से 65 हजार रुपये जमा कराए
गए। दोनों ट्रांसपोर्ट कंपनियों के
रिकार्ड में गड़बड़ी पाई गई, जिसकी
जांच में
देर शाम टीम जुटी रही। इस दौरान वाणिज्य कर अधिकारी विनोद कुमार सिंह, गोपाल सिंह सहित करीब
13 अधिकारियों
की टीम ने जरूरी दस्तावेज खंगाले। जांच
में जुटे अधिकारियो ने बताया कि अभी
ट्रांसपोर्ट कंपनी से प्राप्त बिल की
जांच की जा रही है। इसके बाद स्थिति साफ
होगी। उधर, वाणिज्य
कर विभाग की टीम
ने एनएच-58 स्थित
ग्रैंड फाइव रिसार्ट में भी जांच के लिए पहुंची। अचानक छापे से
रिसोर्ट में अफरा-तफरी मच गई। टीम ने दो घंटे तक रिसोर्ट के बिल बुक और अन्य
दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों ने बताया कि रिसोर्ट मालिक को नोटिस दिया
गया है। अधिकारियों ने बु¨कग
में कमी दिखाकर टैक्स की बात कही है। सूचना पर पहुंचे व्यापारी नेताओं ने टीम का विरोध
किया। रोबिन चौधरी
और गुलाब ¨सह
चौधरी का ग्रैंड-5 नाम
से रिसार्ट है। रिसार्ट में
पहुंची टीम ने बु¨कग के रजिस्टर खंगाले
तो रजिस्टर में बु¨कग
अधिक दिखाई गई थी, लेकिन बिल कम कटे
मिले। वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों के पहुंचने की सूचना मिलते ही
व्यापारी नेता सुभाष गोयल भी मौके पर पहुंच गए। व्यापारी नेताओं ने कारवाई का
विरोध किया और उनकी टीम से उनकी जमकर नोकझोंक हुई।
जांच के बाद आगे की कार्रवाई
ज्वाइंट कमिश्नर आरएस द्विवेदी ने बताया
कि प्रथमदृष्टया दस्तावेजों की
जांच में टैक्स चोरी का मामला पाया गया
है, जिसके
चलते रिसोर्ट मालिक को नोटिस दिया गया है। रिसोर्ट से जब्त दस्तावेजों का दाखिल किए
गए रिटर्न से मिलान
किया जा रहा है। जांच के बाद सख्त कारवाई की जाएगी।
ईमानदारी से टैक्स चुकाने वाले का
उत्पीड़न नहीं
एडीशनल कमिश्नर विनोद कुमार ¨सह का कहना है कि
शासन के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य का किसी का भी उत्पीड़न
करना नहीं है।
जिन लोगों ने भी ईमानदारी से टैक्स चुकाया है,
उन्हें किसी भी तरह से नहीं छेड़ा जा रहा है।
लेकिन जहां भी टैक्स चोरी की आशंका है,
उसकी जांच करके कार्रवाई की
जाएगी।

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