Monday, May 12, 2014

कुएं को लेकर दो पक्ष कई बार आमने-सामने

पिछले साल वेस्ट यूपी में हुए सांप्रदायिक दंगों से अगर मेरठ जिला प्रशासन ने सीख ली होती तो शायद शानिवार को हुए मजहबी बवाल को रोका जा सकता था। मुहल्ला तीरगरान में कई दिनों से प्याउ को लेकर चल रहे दो पक्षों के बीच तनाव की जानकारी प्रशासन को थी। इसके बावजूद जिला प्रशासन विवाद की सूचना मिलने पर उसके परिणाम का आकलन करने में असफल रहा। सूचना के बावजूद पुलिस का मौके पर देर से पहुंचना भी बलवे का बड़ा कारण रहा। मौके पर थोड़ी संख्या में पहुंची पुलिस खुद अपना बचाव करने के लिए गलियों में छिपती दिखी। इससे दंगाइयों का मनोबल बढ़ गया और वे उत्पात मचाते रहे। सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि इस घटना के पीछे सोची समझी साजिश तो नहीं थी? 
थाना कोतवाली के मुहल्ला तीरगरान स्थित धार्मिक स्थल के पास कुंए का विवाद वर्षों पुराना है। कुएं को लेकर दो पक्ष कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। उनमें समझौते भी हुए। लेकिन हल नहीं निकल पाया। चार दिन पहले भी यहां विवाद हुआ था। इसकी जानकारी थाना पुलिस को भी थी। फिर शानिवार को जब यहां एक पक्ष के लोगों ने प्याउ बनाने का काम शुरू करना चाहा तो दूसरे पक्ष ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। लेकिन पुलिस अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। थोड़ी प्रतीक्षा के बाद दूसरे पक्ष ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। कुछ देर के लिए लगा कि मामला शांत हो गया है। लेकिन थोड़ी देर बाद ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। जमकर पथराव व फायरिंग हुई। दर्जनों लोग घायल हो गए। चार को गोली लगी जिसमें से एक की हालत नाजुक बनी हुई है। बलवाईयों ने दुकानें लूटीं, वाहनों को आग के हवाले किया और थोड़ी संख्या में मौके पर पहुंची पुलिस लाचार देखती रही। बाद में आईजी आलोक शर्मा भारी पुलिस बल लेकर पहुंचे और फिर पुलिस अपने रंग में नजर आई।
 
शानिवार को प्याउ को लेकर हुए विवाद के बाद दोनो पक्ष वापस चले गए थे। इस घटना के कुछ देर बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आए और पथराव व फायरिंग हुई। इससे ऐसा आभास मिलता है कि उन्हें किसी के द्वारा उकसाया या भड़काया गया था। पुलिस के सूत्र इसके पीछे किसी सुनियोजित साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहे हैं। घटना के बाद जिस तरह बड़ी संख्या में दोनों पक्षों की ओर से फायरिंग की गई है, उससे भी आखिर यह सवाल खड़ा हो रहा है कि इतनी बड़ संख्या में अवैध हथियार लोगों के पास कहां से आए। हाल ही में क्षेत्र में चुनाव हुए हैं। ऐसे में क्या पुलिस को इन हथियारों की कोई जानकारी नहीं थी। खुफिया विभाग की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है।
 

Thursday, May 8, 2014

मुजफ्फरनगर के कस्बा बुढ़ाना में ऑनर किलिंग मामला



 मुजफ्फरनगर के कस्बा बुढ़ाना में ऑनर किलिंग मामला सामने आया है। यहां की एक युवती को अपने ममेरे भाई से प्रेम करना मंहगा पड़ा। परिजनों के समझाने पर भी जब उसने अपना रास्ता नहीं बदला तो आरोप है कि उसकी हत्या कर दी गई। जैसे ही यह जानकारी उसके प्रेमी को मिली अगले दिन उसने जंगल में पेड़ से झूलकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। लड़की का नाम नगमा और युवक नाम मुबारक बताया गया है।
नगमा और मुबारक के बीच काफी समय से प्रेम संबंध चले आ रहे थे। युवती के परिजन को जब यह पता चला तो वह आपा खो बैठे उन्होंने उसे काफी डांट फटकार लगाई और बढ़ते कदम पीछे खींचने की हिदायत दी। यह शिकायत उन्होंने मुबारक के परिजनों से भी की। लेकिन जब दोनों ने मिलना-जुलना बंद नहीं किया तो आरोप है कि नगमा की गला दबाकर हत्या कर दी गई। परिजन उसका चुपचाप अंतिम संस्कार करना चाहते थे लेकिन इसी बीच यह भनक पुलिस को लग गई। पुलिस ने युवती के शव को कब्जे में ले उसका पोस्टमॉर्टम कराया। उसकी रिपोर्ट से यह बात सामने आई कि उसकी हत्या गला घोंट कर की गई।
उधर प्रेमिका की हत्या की खबर मिलने के बाद कल जंगल में मुबारक ने गले में फंदा लगा पेड़ से लटकर आत्महत्या कर ली। नगमा की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके दो भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

Monday, May 5, 2014

कश्मीरियों के अंदर से निकालने का बढ़िया तरीका

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे न लगाने की वजह से कश्मीरी छात्रों की पिटाई की सख्त आलोचना की है। ग्रेटर नोएडा में हुई इस घटना पर आक्रोश जताते हुए उमर अब्दुल्ला ने राज्य सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने ट्वीट कर कटाक्ष किया, 'क्यों न देशभक्ति को कश्मीरी स्टूडेंट्स में पीट-पीट कर भर दें। अलग-थलग कर दिए जाने के डर को कश्मीरियों के अंदर से निकालने का बढ़िया तरीका है!'
उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा, 'अगर विश्वविद्यालय और राज्य सरकारें अपने यहां आए कश्मीरी छात्रों को सुरक्षा नहीं दे पा रही हैं तो उन्हें अपनी असमर्थता और अनिच्छा स्वीकार करनी चाहिए।'
 
ग्रेटर नोएडा के पाई सेक्टर के नेहा अपार्टमेंट में कई कॉलेज और यूनिवर्सिटीज के छात्र रहते हैं। शनिवार को अपार्टमेंट में रहने वाले एक कॉलेज के करीब 6 छात्रों ने शराब के नशे में जमकर हंगामा किया। आरोपियों ने एक यूनिवर्सिटी के 3 कश्मीरी छात्रों के कमरे में घुसकर उनके साथ मारपीट की और उनसे जबर्दस्ती 'हिंदुस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे लगवाए। एक छात्र ने मीडिया को बताया, 'रात के वक्त नशे में धुत कुछ छात्रों ने जबरन हमारे कमरे का दरवाजा खुलवाया और पूछा कि कश्मीरी कौन है। फिर उन्होंने हमसे भारत जिंदाबाद का नारा लगाने को कहा। हमने लगा दिया। उसके बाद उन्होंने हमसे पाकिस्तान मुर्दाबाद बोलने को कहा। हमारे इनकार करने पर उन्होंने हमारे साथ मारपीट की और हमें आतंकवादी कहा।'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उन्हें फिलहाल इस घटना की जानकारी नहीं है। यादव ने कहा, 'कश्मीरी छात्रों की पिटाई मामले के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। यह गंभीर मसला है मैं इसकी जांच कराऊंगा।'
 
उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली में तैनात अपने राज्य के रेजिडेंट कमिश्नर को मामले की जानकारी लेने के लिए ग्रेटर नोएडा भेजा है। नोएडा में इससे पहले भी ऐसी ही एक घटना हो चुकी है जब भारत-पाकिस्तान मैच में पाकिस्तान का समर्थन करने की वजह से एक निजी यूनिवर्सिटी से कश्मीरी छात्रों को सस्पेंड कर दिया था। तब राज्य पुलिस ने उन छात्रों पर देशद्रोह का केस भी दर्ज कर दिया था। हालांकि बाद में मुकदमा वापस ले लिया गया था।

Friday, May 2, 2014

1925 से लेकर 1970 तक यातायात में आए बदलाव पर रिसर्च

जर्मनी की गैटिनियन यूनिवर्सिटी का एक छात्र स्टीफन टेट जलाफ भारत में 1925 से लेकर 1970 तक यातायात में आए बदलाव पर रिसर्च करने के लिए इन दिनों भारत में हैं।
देश के कई हिस्सों में शोध करने के बाद स्टीफन आजकल मेरठ और मुजफ्फरनगर में अपने रिसर्च के काम में लगे हुए हैं। मेरठ में रिसर्च करने के बाद गुरुवार को वे मुजफ्फरनगर पहुंचे। उनका कहना है कि जर्मनी की कुल जनसंख्या भारत के कई राज्यों से कम है। इसके बावजूद जर्मनी की सड़कों की चौड़ाई ज्यादा है। टेट को हिंदी का भी अच्छा ज्ञान है।
 
मुजफ्फरनगर के डीएम कार्यालय पहुंचे स्टीफन ने डेप्युटी कलक्टर मुनीष चंद शर्मा से मिलकर अपने रिसर्च के बारे में जानकारी दी और सहयोग की अपील की। स्टीफन ने मुलाकात के दौरान बताया कि उन्होंने जेएनयू से इतिहास का अध्ययन किया है। यूं तो वे जर्मनी की गैटिनियन यूनिवर्सिटी के प्रफेसर रवि आहूजा के अंडर में शोध कर रहे हैं, लेकिन भारत में उनके सेकंड गाइड की भूमिका प्रो. राधिका सिंह निभा रही हैं।
 
उन्होंने बताया कि भारत में शिक्षा का स्तर अच्छा है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं अच्छी नहीं हैं। उनका मानना है कि यहां शिक्षा के प्राइमरी और सेकंडरी लेवल को ऊंचा उठाने की आवश्यकता है। वह भारत में 1925 से लेकर 1970 के बीच मोटर परिवहन के इतिहास में हुए बदलावों पर शोध कर रहे हैं और अब तक दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर, आगरा और मेरठ का भ्रमण कर चुके हैं।
 
उन्होंने बताया कि जब वह सामाजिक कार्य के लिए 2002 में श्रीलंका गए थे, तभी यह शोध करने का विचार उनके मन में आया था। यह अलग तरह का शोध है, जिसके लिए काफी मेहनत करनी पड़ रही है।
 
उन्होंने बताया कि जर्मनी में जहां सड़कें चौड़ी होती हैं, वहीं भारत में ये काफी संकरी हैं। जर्मनी की जनसंख्या भारत के दिल्ली, कोलकाता, कानपुर की जनसंख्या से भी कम है। भारत में मिल रही मेहमानवाजी से स्टीफन काफी खुश हैं। स्टीफन मुजफ्फरनगर के अपर जिलाधिकारी प्रशासन इंद्रमणि त्रिपाठी से भी मिले। त्रिपाठी ने उन्हें ईआरके के पास पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए भेज दिया। स्टीफन यूं तो इन दिनों मेरठ में रह रहे हैं और वहीं से ही मुजफरनगर आते-जाते रहेंगे।

Tuesday, April 29, 2014

एक किसान की गोली मारकर हत्या के बाद जमकर बवाल

मुजफ्फरनगर बाईपास पर मीरांपुर पुलिस चौकी के पास रजवाहे वाली सड़क पर एक किसान की गोली मारकर हत्या के बाद जमकर बवाल हो गया। उग्र भीड़ ने वहलना चौक पर पहुंचकर रास्ता जाम कर दिया और वहां पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पर जमकर पथराव किया। इसमें कई अधिकारी व दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हो गए। एसपी सिटी, सिटी मैजिस्ट्रेट और नई मंडी कोवताली प्रभारी भी घायल होने वालों में शामिल हैं। पथराव के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर और भीड़ को तितर-बितर कर दिया। बाद में भीड़ ने एक बार फिर मीरांपुर पुलिस चौकी पर जाम लगा दिया, लेकिन अधिकारियों ने समझा बुझाकर जाम खुलवा दिया। भीड़ ने एंबुलेंस से शव को उतारने की कोशिश की। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई। नामजद आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। 
वहलना बाइपास पर स्थित मीरांपुर पुलिस चौकी के निकट से खांजापुर होते हुए सूजडू की ओर जाने वाले राजवाहे की पटरी पर सोमवार सुबह सूजडू निवासी किसान अपने बेटों के साथ ट्रैक्टर में भूसा लेकर जा रहा था। वहीं, राजवाहे की पटरी पर सूजडू निवासी एक शख्स बुग्गी लेकर आ रहा था। किसान ने जब उससे बुग्गी हटाने को कहा तो उसने बताया कि पीछे खांजापुर गांव का एक शख्स अपने ट्रैaक्टर ट्रॉली लिए खड़े हैं। इस बात को लेकर किसान ने जब दूसरे पक्ष के किसान को ट्रैक्टर-ट्रॉली हटाने को कहा तो उनकी कहासुनी हो गई जो बाद में मारपीट में बदल गई। मारपीट के बाद दूसरे पक्ष के किसान वहां से चले गए। इस बीच किसान जब अपनी गाड़ी मोड रहा था, तो दो बाइक पर सवार युवक ने उसे गोली मार दी और फरार हो गए। अस्पताल ले जाने के दौरान किसान की मौत हो गई। 
इस घटना के बाद सैकड़ों की तादाद में लोग जमा हो गए और उन्होंने वहलना चौक पर रास्ता जाम कर दिया। जाम की सूचना पर वहां पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो भीड़ ने पथराव कर दिया। पथराव में एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह, नगर मैजिस्ट्रेट विन्ध्यावासिनी राय, एसपी सिटी के गनर, मंडी कोतवाली प्रभारी अरुण सिंह और एक सिपाही विनोद समेत करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। सूचना पर भारी पुलिस बल वहां पहुंच गया और पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए उपद्रवियों को तितर-बितर कर दिया। घटना को लेकर भारी तनाव के चलते वहलना चौराहे पर यातायात घंटों जाम रहा। इस बीच मीरांपुर पुलिस चौकी पर कुछ लोगों ने रास्ता जाम कर दिया। मामले को लेकर 5 लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। 

Friday, April 25, 2014

डासना से मेरठ के परतापुर तक 35 किमी की सड़क छह लेन की

दिल्ली स्थित निजामुद्दीन ब्रिज से शुरू होकर डासना होते हुए मेरठ के लिए 75 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे की योजना अब परवान चढ़ती नजर आ रही है। यह एक्सप्रेस-वे कागजों से निकलकर जमीनी हकीकत बनने की तैयारी में है। इसके लिए जनपद मेरठ और गाजियाबाद के गांवों की भू-अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट के लिए एनएचएआई पहले ही जमीन का सर्वे कर चुका है। अधिग्रहण से संबंधित आपत्तियां जमा करने की अंतिम तारीख 29 अप्रैल तय की गई है।
6571 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली से मेरठ के बीच बनाए जाने वाले एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 75 किमी होगी। यह एक्सप्रेस वे दिल्ली स्थित निजामुद्दीन ब्रिज से शुरू होगा। ब्रिज से डासना तक प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे और वर्तमान हाइवे को मिलाकर 14 लेन की सड़क बनाने का प्रस्ताव है। डासना से मेरठ के परतापुर तक 35 किमी की सड़क छह लेन 
की  होगी। परतापुर तिराहे से यह दो भागों में बंट जाएगी। यहां से एक रोड दिल्ली रोड पर जागरण तिराहा, बिजली बंबा, हापुड़ रोड होते हुए बच्चा पार्क तक जाएगी। दूसरी रोड एनएच- 58 परतापुर बाइपास से जुड़ जाएगी। इस योजना के लिए मेरठ के घोसीपुर, हाजीपुर, शाकरपुर, ढिकौली, नरहेड़ा, सलेमपुर, चंदसारा, खानपुर, नंगलापटटू, अछरौंडा, भूडबराल और बराल परतापुर की कुल 12,32,468 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।
इस प्रोजेक्ट के लिए गाजियाबाद के 19 और मेरठ के 12 गांवों की 345 एकड़ जमीन का सर्वे किया जा चुका है। अब भूमि अधिग्रहण के लिए नैशनल हाइवे अधिनियम 1956 की धारा 3ए के प्रकाशन के बाद आपति और उसके निस्तारण के लिए 3जी का प्रकाशन कर दिया गया है। अधिग्रहित की जानी वाली जमीन के बारे में 29 अप्रैल तक आपत्ति मांगी गई है। जनपद मेरठ से संबंधित जमीन की आपत्तियों का निस्तारण 7 मई को और जनपद गाजियाबाद की आपत्तियों का निस्तारण 8 मई को किया जाएगा। उसके बाद अवॉर्ड घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से एक्सप्रेस-वे के काम को शुरू करने के लिए अंतिम तारीख 31 मार्च 2014 तय की गई थी। इस घोषणा के बाद ही एनएचएआई पीपीपी के तहत रिक्वेस्ट फॉर टेंडर पहले ही जारी कर चुकी है। लेकिन इसके लिए कंपनी का चयन अब तक नहीं हो पाया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर केंद्र और राज्य सरकार की रजामंदी के बाद केन्द्रीय वित मंत्रालय भी अपनी सहमति प्रदान कर चुका है। इस प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद की सीमा में बिजली लाइन शिफ्ट करने के लिए भी 580.70 करोड़ का टेंडर निकाला जा चुका है।

Wednesday, April 23, 2014

बेटी का रेप कराने की आरोपी मां को पुलिस ने जेल भेज दिया

अपने प्रेमी से अपनी ही बेटी का रेप कराने की आरोपी मां को पुलिस ने जेल भेज दिया। थाना प्रभारी रणवीर सिंह यादव ने बताया कि टीपी नगर क्षेत्र निवासी एक किशोरी ने पड़ोस के एक व्यक्ति के खिलाफ रेप की शिकायत दर्ज कराई थी। 
पुलिस के अनुसार पीड़ित किशोरी अपनी मां के साथ ही रहती थी, जबकि किशोरी का पिता और बड़ा भाई बाहर रहते थे। पुलिस को किशोरी ने बताया कि उसके हाथ-पैर बांध कर मां ने अपने प्रेमी आरोपी धर्मेंद्र सैनी को बुला लिया और रेप कराया। यहां से किशोरी किसी तरह भाग कर अपने बड़े भाई के पास पहुंची और उसको घटना के बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद आरोपी मां किशनवीरी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मां के प्रेमी धमेन्द्र सैनी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई जगहों पर दबिश डाली हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी और पीड़ित का पिता दोनो टैंपो चलाते हैं। दोस्त होने के कारण ही धर्मेंद्र का पीडि़त किशोरी के घर आना-जाना था।