Thursday, February 21, 2013

पश्चिमी यूपी को लोगों को एक बार फिर निराशा


 प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री के बजट से आस लगाए बैठे पश्चिमी यूपी को लोगों को एक बार फिर निराशा हाथ लग गई है। प्रदेश के रेवेन्यू में एक बड़ा हिस्सा देना वाले वेस्टर्नर्न यूपी के लोग इस बजट के बाद अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। हालांकि, मेरठ-करनाल और मथुरा-अलीगढ़ हाईवे के निर्माण जैसे पुराने मुददे को एक बार फिर बजट में जगह मिलने से उनके जख्मों पर कुछ मरहम लगा है। उन्हें लगता है कि अगर यह मार्ग बन पाए तो क्षेत्र के विकास में इससे मदद मिलेगी। मेरठ मेडिकल कॉलेज में एमआरआई मशीन लगाने के लिए आठ करोड़ रूपए का बजट दिए जाने पर लोगों न प्रसन्न्ता व्यक्त की है।

युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाथों में प्रदेश की कमान आने के बाद वेस्टर्नर्न यूपी के लोग बहुत उत्साहित थे। उन्हें लगता था कि इस बार बजट में क्षेत्र की अनदेखी नहीं की जाएगी। इसके पीछे उनका अपना तर्क भी था। उनका मानना था कि प्रदेश के राजस्व का बड़ा हिस्सा देने वाले वेस्टर्नर्न यूपी को अखिलेश जरूर महत्व देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

मेरठ से हरियाणा व पंजाब को जोड़ने वाला मेरठ-करनाल हाइवे आज खस्ताहाल है। इस कारण लोग सहारनपुर, जगाधरी या दिल्ली होकर हरियाणा व पंजाब जाते हैं। इस मार्ग के बनने से लोग सीधे जा सकेगें जिससे उन्हे करीब सौ किमी की दूरी कम तय करनी पड़ेगी। इससे उनका उनका काफी समय व खर्च बचेगा। इसका सबसे ज्यादा लाभ व्यापारियों व उद्योगपतियों का होगा। हरियाणा व पंजाब से मेरठ व इसके इस पर के उद्योगों के लिए भारी मात्रा में रॉ मटीरियल आता है। यहां तैयार सामान वापस हरियाणा व पंजाब जाता है। इस मार्ग के बनने से ट्रकों की आवाजाही भी आसान हो जाएगी।

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