Friday, November 8, 2013

भुगतान नहीं मिलने से वेस्टर्न यूपी के किसान पूरी तरह से गुस्से में

गन्ने के दाम घोषित नहीं किए जाने, शुगर मिलों को चलाने में हो रही देरी और अबतक पिछले पेराई सत्र का पूरा बकाया भुगतान नहीं मिलने से वेस्टर्न यूपी के किसान पूरी तरह से गुस्से में है। इन्हीं मुद्दों को लेकर गुरूवार को यहां किसान पंचायत हुई। उसमें जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद केसी त्यागी ने केंद्र और यूपी की एसपी सरकार को जमकर आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दोनों सरकारें किसानों का खुला शोषण और मानसिक उत्पीड़न कर रहीं हैं। अब तक गन्ने के दाम घोषित नहीं किया जाना और बकाया का भुगतान नहीं होना इस बात का सबूत है। 
इस पंचायत में करीब पांच दर्जन से भी अधिक गांवों सें आए किसान शामिल हुए। इसमें त्यागी को विशेष रूप से बुलाया गया था। त्यागी ने कहा की कैसी विडंबना है कि रात दिन महनत कर किसान अन्न और गन्ना पैदा करता है और उसे उसकी मेहनत का वाजिब दाम भी नहीं मिलता। शुगर मिलों को गन्ने देने के बाद किसान भुगतान के लिए दर-दर भटकता है। उसके उत्पाद के दाम सरकार तय करती है जबकि मिलों में बनने वाली चीजों के भाव खुद मिल मालिक तय करता है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में किसानों का करीब 2600 करोड़ रुपये बकाया है। 700 करोड़ रुपये तो मेरठ मंडल की 15 मिलों का ही है। 
त्यागी ने कहा कि गन्ना उत्पादक किसानों पर इस समय तिहरी मार पड़ रही है। एक तो उन्हें अबतक उन्हें गन्ने का बकाया भुगतान नहीं मिला जिसके चलते वह भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। मिल न चलने से किसानों के सामने पशुओं के लिए चारा और खेत खाली नहीं होने से गेहूं बोने की समस्या खड़ी हो गई है। इसके अलावा अब तक गन्ने के रेट भी घोषित नहीं किए। 

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