Monday, November 18, 2013

आजाद हिंद फौज के सिपाही शामली निवासी ओमप्रकाश (91) का देहांत

 नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज के सिपाही शामली निवासी ओमप्रकाश (91) का शुक्रवार को देहांत हो गया। प्रशासन ने राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया। देश को आजाद कराने के लिए लड़ाई लड़ने वाले इस सैनिक का स्वराज का सपना तो पूरा हो गया, लेकिन अपनी ही नौकरानी से शादी करने की उनकी अंतिम ख्वाहिश अधूरी ही रह गई। अपनी इस इच्छा को पूरा करने के लिए वह 16 साल तक सामाजिक व कानूनी लड़ाई लड़ते रहे। इससे पहले की वह अपने इरादों में कामयाब होते, बीमारी की वजह से उनकी मौत हो गई। 
जनपद शामली के कस्बा गढ़ी पुख्ता के मुहल्ला चौधरान निवासी ओमप्रकाश स्वतंत्रता सेनानी थे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में सिपाही रहे ओमप्रकाश ने अंग्रेजों को देश से खदेड़ने के लिए जंग लड़ी थी। वह करीब एक महीने से बीमार चल रहे थे। शुक्रवार को उनका देहांत हो गया। बताया जा रहा है कि ओमप्रकाश अपनी नौकरानी गासिया के साथ शादी करना चाहते थे। गासिया की सेवा से प्रभावित होकर उन्होंने 1997 में उससे विवाह करने का निर्णय लिया था। उनके इस निर्णय का परिजनों और कुछ रिश्तेदारों ने विरोध किया।
किसी की परवाह न करते हुए 26 मार्च 2010 को उन्होंने गासिया से विवाह करने के लिए विशेष विवाह अधिकारी के यहां अर्जी दी। इस अर्जी को कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि गासिया शादीशुदा है और उसका अपने पति मुनीर से तलाक नहीं हुआ है। इस पर गासिया ने 16 नवंबर 2012 को लखीमपुर खीरी के सिविल जज जूनियर डिविजन के यहां से अपने पति से तलाक ले लिया। 
गासिया के तलाक की खबर मिलते ही ओमप्रकाश के बेटों व कुछ अन्य लोगों ने उनकी विशेष विवाह अधिकारी के यहां दी गई अर्जी पर आपत्ति लगा दी। ओमप्रकाश ने उन आपत्तियों का जबाव दाखिल किया। इस मामले में फैसला हो पाता इससे पहले ही शुक्रवार को ओमप्रकाश का बीमारी के कारण निधन हो गया और उनकी अंतिम इच्छा उनके साथ ही समाप्त हो गई।

No comments:

Post a Comment