मेरठ स्थित लाला लाजपत
राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में पीजी और एमबीबीएस में सीटें बढ़ाए जाने की
प्रक्रिया में फैकल्टी की कमी सबसे बड़ी बाधा बन हुई है। भारत सरकार के स्वास्थ्य
विभाग की एक टीम की ओर से मेडिकल कॉलेज का सर्वे करने के बाद सीटें बढ़ाने की
सिफारिश की जा चुकी है। रिपोर्ट के आधार पर केंद्र व प्रदेश की सरकार ने इस मद के
लिए अपने-अपने हिस्से का फंड जारी कर दिया है। लेकिन फैकल्टी की कमी को देखते हुए
मेडिकल कॉउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने सीटें बढ़ाने की अनुमति अभी नहीं दी है।
कॉलेज में वर्तमान में पीजी की 72 और एमबीबीएस की 100 सीटें है। बढ़ती मांग को देखते हुए काफी समय से कॉलेज प्रशासन इन सीटों को बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहा है। पिछले साल केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने मेडिकल कॉलेज का दौरा किया था। टीम की तरफ से वहां मौजूद इन्फ्रास्ट्रक्चर व अन्य सुविधाओं का आकलन किया गया था। जानकारों का मानना है कि मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ने से मेडिकल के छात्रों को बहुत लाभ पहुंचेगा। साथ ही इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी पूरी होगी।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विनय अग्रवाल ने बताया कि सर्वे के बाद टीम ने अपने रिपोर्ट में पीजी और एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने की सिफारिश की थी। टीम ने पीजी की सीट 72 से बढ़ाकर 112 करने और एमबीबीएस की 100 से बढ़ाकर 150 करने की सिफारिश की थी। प्रिंसिपल ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज प्रशासन की मांग पर केंद्र सरकार ने 2 करोड़ 45 लाख और प्रदेश सरकार ने 88 लाख का फंड जारी कर दिया है। इसके बाद उन्होंने एमसीआई से सीट बढ़ाए जाने की अनुमति देने की मांग की थी।
कॉलेज में वर्तमान में पीजी की 72 और एमबीबीएस की 100 सीटें है। बढ़ती मांग को देखते हुए काफी समय से कॉलेज प्रशासन इन सीटों को बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहा है। पिछले साल केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने मेडिकल कॉलेज का दौरा किया था। टीम की तरफ से वहां मौजूद इन्फ्रास्ट्रक्चर व अन्य सुविधाओं का आकलन किया गया था। जानकारों का मानना है कि मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ने से मेडिकल के छात्रों को बहुत लाभ पहुंचेगा। साथ ही इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी पूरी होगी।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विनय अग्रवाल ने बताया कि सर्वे के बाद टीम ने अपने रिपोर्ट में पीजी और एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने की सिफारिश की थी। टीम ने पीजी की सीट 72 से बढ़ाकर 112 करने और एमबीबीएस की 100 से बढ़ाकर 150 करने की सिफारिश की थी। प्रिंसिपल ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज प्रशासन की मांग पर केंद्र सरकार ने 2 करोड़ 45 लाख और प्रदेश सरकार ने 88 लाख का फंड जारी कर दिया है। इसके बाद उन्होंने एमसीआई से सीट बढ़ाए जाने की अनुमति देने की मांग की थी।