Tuesday, October 14, 2014

यू-टर्न के बाद बीजेपी विपक्षी दलों के निशाने पर

यूपी के उपचुनाव में लव जिहाद को बड़ा मुद्दा बनाने वाली बीजेपी के सामने अब इसी पर फंस गई है। इस घटना के केंद्र में रही कथित गैंगरेप पीड़िता अपने उस बयान से पलट गई है, जिसमें उसने गैंगरेप और जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया था। युवती के इस यू-टर्न के बाद बीजेपी विपक्षी दलों के निशाने पर है।
मेरठ के इस मामले में नया मोड़ आने के बाद समाजवादी पार्टी ने कहा है कि इससे बीजेपी के दुष्प्रचार की पोल खुल गई है। पार्टी के नेता गौरव भाटिया ने कहा है कि जनता को बीजेपी का लव जेहाद का अजेंडा समझ आ गया है। वहीं, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि वह इससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रही थी।

युवती के मुताबिक नेताओं ने उसके परिवार को पैसे देने बंद कर दिए, जिससे परिजन उससे मारपीट कर रहे थे। बीजेपी के नेता विनीत अग्रवाल ने तब इसे लव जिहाद का मुद्दा बताते हुए युवती के घरवालों को 25 हजार रुपये दिए थे। युवती के बयान के बाद अब इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
उधर, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि युवती बयान से पलट रही है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यूपी बीजेपी अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अब इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
दो महीने खरखौदा में रहने वाली 22 वर्षीय लड़की ने आरोप लगाया था कि दूसरे संप्रदाय के एक युवक ने उसका अपहरण किया, जिसके बाद उसे गैंगरेप का शिकार बनाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस ने आरोपी युवक समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। हालांकि पिछले हफ्ते दायर चार्जशीट में पुलिस ने गैंगरेप की धाराएं हटाकर मुख्य आरोपी पर रेप का धाराएं लगाई हैं।
पुलिस के मुताबिक, दो महीने पहले खरखौदा के बहुचर्चित गैंगरेप प्रकरण से सुर्खियों में आई पीड़िता अपने परिजनों से जान का खतरा बताते हुए रविवार को महिला थाने पहुंची। पुलिस ने उसे सिटी मैजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां उसने बयान दिया कि वह दूसरे संप्रदाय के युवक के साथ अपनी मर्जी से गई थी।
कोर्ट में उसने अपने घरवालों के दबाव में बयान दिया था, जो उससे नाराज थे। वे अब भी उसे जान से मारना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने घर से पुलिस सुरक्षा हटवा दी है। सिटी मैजिस्ट्रेट ने युवती को नारी निकेतन भेजने के आदेश दिए। युवती ने पत्रकारों से कहा, मैंने अभी आधा सच बताया है। पूरा सच कोर्ट के सामने बताऊंगी। उधर, पीड़ित के थाने पहुंचने से आधा घंटा पहले ही उसके परिजनों ने उसकी गुमशुदगी खरखौदा थाने में दर्ज कराई थी।

समय पर पैसा मिल गया तो उनके बच्चों की दिवाली मन जाएगी

गन्ना पेमेंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के किसानों के हक में दिए गए फैसले के बाद किसानों को बेहतर दिवाली मनाने की उम्मीद जगी है। सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों की याचिका खारिज कर नीलाम की जाने वाली चीनी का बकाया पैसा 31 अक्टूबर तक किसानों को देने के लिए कहा है। मेरठ के डीसीओे का कहना है कि किसानों को दिवाली से पहले भुगतान मिल जाए इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस मामले को लेकर जल्द ही जिलाधिकारी सभी शुगर मिल प्रबंधकों को बुलाकर उन्हें समय से भुगतान के निर्देश देने वाले हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्राइवेट शुगर मिलों को चीनी की नीलामी कर उसका पैसा किसानों को देने के आदेश दिए थे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पीनएबी ने हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनका तर्क था कि शुगर मिलों पर उनके लोन का 8 हजार करोड़ रुपए बकाया है, इसलिए चीनी पर पहला हक उनका है। उनका यह भी तर्क था कि अगर उनका पैसा नहीं मिला तो लोन एनपीए हो जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने बैंको की इस दलील को खारिज करते हुए चीनी के पैसे पर पहला हक किसानों का बताया। कोर्ट ने कहा कि चीनी मिलों पर किसानों का 5440 करोड़ बकाया है। अगर उनका भुगतान नहीं हुआ तो किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने का डर है। कोर्ट ने डीएम के माध्यम से किसानों का भुगतान 31 अक्टूबर तक क्लियर करने के लिए कहा है।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से किसान खुश हैं। सरधना के किसान दयाल सिंह का कहना है कि अगर समय पर पैसा मिल गया तो उनके बच्चों की दिवाली मन जाएगी, नहीं तो हमारे लिए दिवाली का कोई मतलब नहीं होगा। बीकेयू के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कलंजरी ने भी कोर्ट के इस फैसले को सही फैसला बताया है। उनका कहना है कि किसान अगर मिल को गन्ना नहीं देता तो क्या बैंक उसे कर्ज देते?

मेरठ के डिस्ट्रिक्ट केन ऑफिसर राजीव राय का कहना है कि उन्होंने किसानों को दिवाली से पहले गन्ना मूल्य दिलाने की लिए कोशिशें शुरू कर दी हैं। वैसे तो वे पहले से ही इस दिशा में प्रयास कर रहे थे , डीएम के माध्यम से लगातार मिलों को नोटिस भेजे जा रहे थे। मवाना, किनौनी और नगलामल शुगर मिलों के खिलाफ तो एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है। उनका कहना है कि अब वे तेजी से मिलों की चीनी बिकवा कर किसानों का भुगतान कराएंगे। चीनी के अलावा मिलों से अन्य संसाधनों के द्वारा भी भुगतान करने का दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही डीएम भी चीनी मिलों के प्रबंधकों के साथ बैठक कर उनसे समयबद्ध तरीके से भुगतान करने के लिए आदेश देंगे। जो मिलें निर्देश का पालन नहीं करेंगी उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीसीओ ने बताया कि मेरठ जनपद की शुगर मिलों पर किसानों का अभी 371 करोड़ बकाया है, जिसमें से अकेले मवाना शुगर मिल पर 191 करोड़ की देनदारी है। जनपद की सभी चीनी मिलों द्वारा भुगतान करने पर जनपद के करीब डेढ़ लाख किसानों के परिवार लाभान्वित होंगे।

Thursday, October 9, 2014

बेगमपुल पर जाम लगाकर प्रर्दशन

सोमवार शाम से लापता एक कॉलेज के प्रवक्ता की बेटी के मामले में पुलिस की अबतक की कार्रवाई से नाराज कॉलेज के टीचर्स, स्टूडेंट्स और कर्मचारियों ने बुधवार दोपहर बेगमपुल पर जाम लगाकर प्रर्दशन किया। वे अगवा छात्रा की बरामदगी की मांग कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम खोला।
गौरतलब है कि मोती प्रयाग निवासी एक कॉलेज के प्रवक्ता की बेटी 12वीं की छात्रा सोमवार की शाम ट्यूशन पढ़ने गई थी। देर शाम तक उसके घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने पूरी रात उसकी तलाश की। बाद में उसकी गुमशुदगी की थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उसकी स्कूटी दौराला थाना क्षेत्र से पुलिस ने बरामद कर ली थी। उसके बाद उसके कॉल रेकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने उसके एक सहपाठी सावन को उठा लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार सावन ने पूछताछ के दौरान बताया कि छात्रा ने उसे थप्पड़ मारा था, इसलिए उसकी गला दबा कर हत्या कर दी और शव को गंगनहर में फेंक दिया। हालांकि पुलिस इस बात की पुष्टि तो नहीं कर रही है, लेकिन आज दिन भर पुलिस सरधना के आसपास नहर के किनारे सक्रिय दिखाई दी।
पुलिस रवैये से नाराज

दूसरी ओर मेरठ कॉलेज के शिक्षकों,कर्मचारियों और छात्रों में इस घटना को लेकर भारी रोष है। बुधवार को मेरठ कॉलेज के टीचर्स का एक प्रतिनिधमंडल एसएसपी ओंकार सिंह से मिला। टीचर्स ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए लापता छात्रा के संबंध में जानकारी मांगी। मेरठ कॉलेज शिक्षक संघ के पूर्व महामंत्री प्रवीण दुबलिश के अनुसार एसएसपी की बातों से लगा कि वे कुछ छिपा रहे हैं। इससे नाराज कॉलेज के टीचर्स, स्टूडेंट्स और कर्मचारियों ने जूलूस की शक्ल में नारे लगाते हुए बेगमपुल पहुंचे और वहां जाम लगाकर प्रर्दशन किया।

Wednesday, October 8, 2014

पानी की निकासी को लेकर दो पक्षों में जमकर संघर्ष

यहां मंगलवार को नाली के पानी की निकासी को लेकर दो पक्षों में जमकर संघर्ष हुआ। इस दौरान दोनों ओर से काफी देर तक जम कर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले। हवाई फायरिंग भी की गई। घंटों तक चले इस झगड़े में दोनों पक्षों के कई महिलाओं सहित लगभग एक दर्जन लोग जख्मी हो गए। कई की हालत नाजुक बताई गई है। पुलिस ने लाठी भांजकर भीड़ को खदेड़ा और घायलों को पीएचसी में भर्ती कराया। 
खिवाई में सैय्यदों वाली मस्जिद के पास गांव के पीरू और हफीज के मकान हैं। दोनों के मकान के सामने से नाली गुजर रही है। पीरू पक्ष का आरोप है कि नाली में हफीज पक्ष के लोग रोज गंदगी बहाते हैं, जो उनके घर के सामने जमा हो जाती है। इसे लेकर कई बार पहले भी विवाद हो चुका है। मंगलवार को इस विवाद ने गंभीर रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे लेकर निकल पड़े। छतों से पथराव भी किया गया। बाद में लोगों ने बीच-बचाव किया। इस दौरान दोनों पक्षों के कई महिलाओं सहित एक दर्जन लोग जख्मी हो गए। मौके पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने दोनों पक्षों के कई लोगों को हिरासत में लिया है। 
इस मामले को निपटाने के बाद जैसे ही पुलिस चौकी पर लौटी, तो फिर से दोनों पक्षों के लोगों में धारदार हथियार लेकर निकल पड़े। कुछ लोगों ने छतों से चढ़कर कई राउंड हवाई फायरिंग कर दी। जिससे गांव में दहशत फैल गई। सूचना पर पुलिस ने फिर लाठियां भांजकर लोगों को भगाया। चौकी इनचार्ज देवेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक रिपोर्ट दर्ज नही हो पाई है। दोनों पक्षों के कई लोग हिरासत में हैं। 

Tuesday, October 7, 2014

रुड़की रोड पर रोडवेज बसों समेत भारी गाड़ियों का आवाजाही एक महीने के लिए प्रतिबंधित

मंगलवार सो से मोदीपुरम फ्लाई ओवर से कंपनी बाग के बीच रुड़की रोड पर रोडवेज बसों समेत भारी गाड़ियों का आवाजाही एक महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।
जिला पुलिस प्रशासन ने सोमवार को बताया कि आरक्षी पुलिस भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा रूडकी रोड स्थित पीएसी मेरठ में शुरू हो रही है। इस भर्ती में अभ्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों के काफी संख्या में पहुंचने के कारण रूड़की रोड पर ट्रैफिक जाम और सड़क दुघर्टना से बचाव की दृष्टि से मोदीपुरम फ्लाई ओवर से कम्पनी बाग गांंधी बाग के बीच रूड़की रोड पर भारी गाड़ियों का आवागमन सात अक्टूबर तक प्रतिबन्धित किया गया है। प्रवक्ता के मुताबिक भारी गाड़ियों के आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की गई है। 

Saturday, October 4, 2014

प्रधानमंत्री के मुंह से अपना नाम सुनकर गौतम पाल काफी रोमांचित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल रेडियो पर अपने 'मन की बात' रखते हुए गौतम पाल के सुझाव का जिक्र किया था। आकाशवाणी पर प्रधानमंत्री के मुंह से अपना नाम सुनकर गौतम पाल काफी रोमांचित हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों mygov.in साइट लॉन्च की थी, जहां लोग सरकार के कामकाम और योजनाओं से जुड़े सुझाव पोस्ट कर सकते हैं। गौतम पाल ने इसी फोरम पर पिछले सप्ताह अपना सुझाव पोस्ट किया था।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने कहा था, 'मुझे गौतम पाल नाम के व्यक्ति ने सुझाव दिया कि देश में कुछ स्पेशल चाइल्ड हैं, उनके लिए नगपालिकाओं और पंचायतों को कुछ करना चाहिए। यह सुझाव मुझे बहुत अच्छा लगा है। इस बारे में मेरा निजी अनुभव भ है। मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तब मैंने स्पेशल बच्चों के साथ कुछ समय बिताया था। वह मेरे जीवन का बहुत इमोशनल अनुभव था।' प्रधानमंत्री ने कहा था कि ऐसे बच्चे सिर्फ अपने माता-पिता की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी हैं।
पाल ने बताया, 'साइट पर यह मेरा दूसरा सुझाव था। इसे मैंने पिछले सप्ताह पोस्ट किया था। सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए यह बहुत बड़ा फोरम है और हमें यह देश के लिए कुछ करने का अवसर उपलब्ध कराता है। मुझे जरा भी अंदाजा नहीं था कि प्रधानमंत्री खुद मेरे विचारों पर ध्यान देंगे और उन्हें सारे देश के साथ बांटेंगे। मुझे उनका भाषण सुनकर कितना अच्छा लग रहा है, मैं बता नहीं सकता। यह मेरी जिंदगी का सबसे यादगार दिन है।'

Wednesday, October 1, 2014

दो किशोर फरार

सूरजकुंड स्थित बाल सुधार घर में बंद दो किशोर मंगलवार सुबह यहां तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही का लाभ उठाकर फरार हो गए। कर्मचारियों ने फैंटम पुलिस की मदद से एक फरार किशोर को पकड़ लिया। दूसरे की तलाश जारी है। पिछले दिनों बाल सुधार घर में किशोरों की ओर से किए गए हंगामे के बाद इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि कुछ बंदी किशोर वहां से निकल भागने की फिराक में है। हंगामे को देखते हुए किशोरों को नीचे और ऊपर छत पर घुमने की छूट दे दी गई थी। मंगलवार सुबह दो किशोरों ने इसी का फायदा उठाया। नीशू शर्मा और सलमान यहां से भाग निकले। मंगलवार सुबह पौने आठ बजे कर्मचारी योगेश दूध लेने के लिए सुधार घर की गेट पर पहुंचे। इसी दौरान दोनों किशोर कर्मचारी को धक्का देकर फरार हो गए। सिविल लाइन थाने की फैंटम ने कर्मचारियों की मदद से नीशू को पकड़ लिया, जबकि सलमान फरार हो गया।