यूपी के उपचुनाव में लव जिहाद को बड़ा मुद्दा बनाने वाली बीजेपी के सामने अब
इसी पर फंस गई है। इस घटना के केंद्र में रही कथित गैंगरेप पीड़िता अपने उस बयान
से पलट गई है, जिसमें उसने गैंगरेप और जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया
था। युवती के इस यू-टर्न के बाद बीजेपी विपक्षी दलों के निशाने पर है।
मेरठ के इस मामले में नया मोड़ आने के बाद समाजवादी पार्टी ने कहा है कि इससे बीजेपी के दुष्प्रचार की पोल खुल गई है। पार्टी के नेता गौरव भाटिया ने कहा है कि जनता को बीजेपी का लव जेहाद का अजेंडा समझ आ गया है। वहीं, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि वह इससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रही थी।
मेरठ के इस मामले में नया मोड़ आने के बाद समाजवादी पार्टी ने कहा है कि इससे बीजेपी के दुष्प्रचार की पोल खुल गई है। पार्टी के नेता गौरव भाटिया ने कहा है कि जनता को बीजेपी का लव जेहाद का अजेंडा समझ आ गया है। वहीं, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि वह इससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रही थी।
युवती के मुताबिक नेताओं ने उसके परिवार को पैसे देने
बंद कर दिए, जिससे परिजन उससे मारपीट कर रहे थे। बीजेपी
के नेता विनीत अग्रवाल ने तब इसे लव जिहाद का मुद्दा बताते हुए युवती के घरवालों
को 25 हजार रुपये दिए थे। युवती के बयान के बाद अब
इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
उधर, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि युवती बयान से पलट रही है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यूपी बीजेपी अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अब इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
दो महीने खरखौदा में रहने वाली 22 वर्षीय लड़की ने आरोप लगाया था कि दूसरे संप्रदाय के एक युवक ने उसका अपहरण किया, जिसके बाद उसे गैंगरेप का शिकार बनाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस ने आरोपी युवक समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। हालांकि पिछले हफ्ते दायर चार्जशीट में पुलिस ने गैंगरेप की धाराएं हटाकर मुख्य आरोपी पर रेप का धाराएं लगाई हैं।
पुलिस के मुताबिक, दो महीने पहले खरखौदा के बहुचर्चित गैंगरेप प्रकरण से सुर्खियों में आई पीड़िता अपने परिजनों से जान का खतरा बताते हुए रविवार को महिला थाने पहुंची। पुलिस ने उसे सिटी मैजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां उसने बयान दिया कि वह दूसरे संप्रदाय के युवक के साथ अपनी मर्जी से गई थी।
कोर्ट में उसने अपने घरवालों के दबाव में बयान दिया था, जो उससे नाराज थे। वे अब भी उसे जान से मारना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने घर से पुलिस सुरक्षा हटवा दी है। सिटी मैजिस्ट्रेट ने युवती को नारी निकेतन भेजने के आदेश दिए। युवती ने पत्रकारों से कहा, मैंने अभी आधा सच बताया है। पूरा सच कोर्ट के सामने बताऊंगी। उधर, पीड़ित के थाने पहुंचने से आधा घंटा पहले ही उसके परिजनों ने उसकी गुमशुदगी खरखौदा थाने में दर्ज कराई थी।
उधर, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि युवती बयान से पलट रही है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यूपी बीजेपी अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अब इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
दो महीने खरखौदा में रहने वाली 22 वर्षीय लड़की ने आरोप लगाया था कि दूसरे संप्रदाय के एक युवक ने उसका अपहरण किया, जिसके बाद उसे गैंगरेप का शिकार बनाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस ने आरोपी युवक समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। हालांकि पिछले हफ्ते दायर चार्जशीट में पुलिस ने गैंगरेप की धाराएं हटाकर मुख्य आरोपी पर रेप का धाराएं लगाई हैं।
पुलिस के मुताबिक, दो महीने पहले खरखौदा के बहुचर्चित गैंगरेप प्रकरण से सुर्खियों में आई पीड़िता अपने परिजनों से जान का खतरा बताते हुए रविवार को महिला थाने पहुंची। पुलिस ने उसे सिटी मैजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां उसने बयान दिया कि वह दूसरे संप्रदाय के युवक के साथ अपनी मर्जी से गई थी।
कोर्ट में उसने अपने घरवालों के दबाव में बयान दिया था, जो उससे नाराज थे। वे अब भी उसे जान से मारना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने घर से पुलिस सुरक्षा हटवा दी है। सिटी मैजिस्ट्रेट ने युवती को नारी निकेतन भेजने के आदेश दिए। युवती ने पत्रकारों से कहा, मैंने अभी आधा सच बताया है। पूरा सच कोर्ट के सामने बताऊंगी। उधर, पीड़ित के थाने पहुंचने से आधा घंटा पहले ही उसके परिजनों ने उसकी गुमशुदगी खरखौदा थाने में दर्ज कराई थी।