Thursday, March 28, 2013

आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत


 दलित समुदाय की एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के मामले में एक पुलिस कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि जिले के मिरानपुर शहर में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़की के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में कॉन्स्टेबल सरफराज को गिरफ्तार किया गया।

स्थानीय अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों ने सरफराज की पिटाई करने के बाद उसे पुलिस को सौंपा जिसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है

Tuesday, March 26, 2013

होली की हार्दिक शुभकामनायें


होली की हार्दिक शुभकामनायें 

Wednesday, March 13, 2013

मेडिकल कॉलेज में पीजी और एमबीबीएस में सीटें बढ़ाए


मेरठ स्थित लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में पीजी और एमबीबीएस में सीटें बढ़ाए जाने की प्रक्रिया में फैकल्टी की कमी सबसे बड़ी बाधा बन हुई है। भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग की एक टीम की ओर से मेडिकल कॉलेज का सर्वे करने के बाद सीटें बढ़ाने की सिफारिश की जा चुकी है। रिपोर्ट के आधार पर केंद्र व प्रदेश की सरकार ने इस मद के लिए अपने-अपने हिस्से का फंड जारी कर दिया है। लेकिन फैकल्टी की कमी को देखते हुए मेडिकल कॉउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने सीटें बढ़ाने की अनुमति अभी नहीं दी है। 

कॉलेज में वर्तमान में पीजी की 72 और एमबीबीएस की 100 सीटें है। बढ़ती मांग को देखते हुए काफी समय से कॉलेज प्रशासन इन सीटों को बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहा है। पिछले साल केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने मेडिकल कॉलेज का दौरा किया था। टीम की तरफ से वहां मौजूद इन्फ्रास्ट्रक्चर व अन्य सुविधाओं का आकलन किया गया था। जानकारों का मानना है कि मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ने से मेडिकल के छात्रों को बहुत लाभ पहुंचेगा। साथ ही इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी पूरी होगी। 

कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विनय अग्रवाल ने बताया कि सर्वे के बाद टीम ने अपने रिपोर्ट में पीजी और एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने की सिफारिश की थी। टीम ने पीजी की सीट 72 से बढ़ाकर 112 करने और एमबीबीएस की 100 से बढ़ाकर 150 करने की सिफारिश की थी। प्रिंसिपल ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज प्रशासन की मांग पर केंद्र सरकार ने 2 करोड़ 45 लाख और प्रदेश सरकार ने 88 लाख का फंड जारी कर दिया है। इसके बाद उन्होंने एमसीआई से सीट बढ़ाए जाने की अनुमति देने की मांग की थी। 

Monday, March 11, 2013

ग्राम प्रधान की गोली मारकर हत्या


उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के एक गांव में कार में सवार कुछ लोगों ने शनिवार शाम एक ग्राम प्रधान की गोली मारकर हत्या कर दी।
जिला पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि रजापुर गांव का प्रधान अनिल (35) अपने बेटे ओमवीर सिंह के साथ मोटरसाइकल से अपने घर जा रहे थे तभी रास्ते में कार में सवार कुछ लोगों ने उन पर गोलियां चला दीं और फरार हो गए। इसके बाद अनिल को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रवक्ता ने बताया कि अनिल के परिजनों की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर रजापुर के ही रहने वाले दो भाइयों प्रदीप और प्रवेश के अलावा कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

Friday, March 8, 2013

एक जूलर के 5 साल के बेटे को अगवा

शहर से गुरुवार सुबह स्कूल से एक जूलर के 5 साल के बेटे को अगवा कर लिया गया। गुरुवार देर रात बच्चे को गाजियाबाद के करीमनगर इलाके से बरामद कर लिया गया है। इस संबंध में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है। मुख्य आरोपी ड्राइवर अशोक फरार है। इसमें ड्राइवर के अलावा उसकी बहन और बहनोई भी शामिल हैं। बताया गया है कि ड्राइवर को नौकरी से निकाल दिया गया था। 
छुट्टी से पहले क्यों जाने दिया 
देवांश के अपहरण के मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। देवांश को स्कूल स्टाफ ने छुट्टी होने से पहले ही वहां उसे लेने पहंुचे राहुल जैन के नौकरी से हटाए गए आरोपी ड्राइवर अशोक को सौंप दिया था। वहीं, स्कूल प्रबंधन का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि ड्राइवर अशोक को नौकरी से हटा दिया गया है। 
स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप 
जूलर राहुल जैन का 5 साल का बेटा देवांश थाना लालकुर्ती क्षेत्र के बेगमबाग स्थित एपेक्स स्कूल में एलकेजी का छात्र है। रोज की तरह देवांश गुरुवार सुबह अपने घर से स्कूल आया था। बताया गया है कि दोपहर 11:30 बजे जब राहुल जैन का वर्तमान ड्राइवर देवांश को घर लाने के लिए स्कूल पहंुचा तो उसे वहां नहीं मिला। स्कूल के स्टाफ से पता चला कि देवांश को राहुल जैन का पुराना ड्राइवर अशोक अपने साथ ले गया है। इस बात की जानकारी मिलते ही ड्राइवर ने फोन पर अपने मालिक को पूरे मामले की जानकारी दी। इस बात की खबर मिलते ही देवांश के परिजन स्कूल पहुंच गए। थोड़ी देर में ही क्षेत्र के विधायक व क्षेत्रवासी भी स्कूल पर जमा हो गए। उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन पर अपना गुस्से का इजहार किया। 

Thursday, February 21, 2013

पश्चिमी यूपी को लोगों को एक बार फिर निराशा


 प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री के बजट से आस लगाए बैठे पश्चिमी यूपी को लोगों को एक बार फिर निराशा हाथ लग गई है। प्रदेश के रेवेन्यू में एक बड़ा हिस्सा देना वाले वेस्टर्नर्न यूपी के लोग इस बजट के बाद अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। हालांकि, मेरठ-करनाल और मथुरा-अलीगढ़ हाईवे के निर्माण जैसे पुराने मुददे को एक बार फिर बजट में जगह मिलने से उनके जख्मों पर कुछ मरहम लगा है। उन्हें लगता है कि अगर यह मार्ग बन पाए तो क्षेत्र के विकास में इससे मदद मिलेगी। मेरठ मेडिकल कॉलेज में एमआरआई मशीन लगाने के लिए आठ करोड़ रूपए का बजट दिए जाने पर लोगों न प्रसन्न्ता व्यक्त की है।

युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाथों में प्रदेश की कमान आने के बाद वेस्टर्नर्न यूपी के लोग बहुत उत्साहित थे। उन्हें लगता था कि इस बार बजट में क्षेत्र की अनदेखी नहीं की जाएगी। इसके पीछे उनका अपना तर्क भी था। उनका मानना था कि प्रदेश के राजस्व का बड़ा हिस्सा देने वाले वेस्टर्नर्न यूपी को अखिलेश जरूर महत्व देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

मेरठ से हरियाणा व पंजाब को जोड़ने वाला मेरठ-करनाल हाइवे आज खस्ताहाल है। इस कारण लोग सहारनपुर, जगाधरी या दिल्ली होकर हरियाणा व पंजाब जाते हैं। इस मार्ग के बनने से लोग सीधे जा सकेगें जिससे उन्हे करीब सौ किमी की दूरी कम तय करनी पड़ेगी। इससे उनका उनका काफी समय व खर्च बचेगा। इसका सबसे ज्यादा लाभ व्यापारियों व उद्योगपतियों का होगा। हरियाणा व पंजाब से मेरठ व इसके इस पर के उद्योगों के लिए भारी मात्रा में रॉ मटीरियल आता है। यहां तैयार सामान वापस हरियाणा व पंजाब जाता है। इस मार्ग के बनने से ट्रकों की आवाजाही भी आसान हो जाएगी।

पश्चिमी यूपी को लोगों को एक बार फिर निराशा


 प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री के बजट से आस लगाए बैठे पश्चिमी यूपी को लोगों को एक बार फिर निराशा हाथ लग गई है। प्रदेश के रेवेन्यू में एक बड़ा हिस्सा देना वाले वेस्टर्नर्न यूपी के लोग इस बजट के बाद अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। हालांकि, मेरठ-करनाल और मथुरा-अलीगढ़ हाईवे के निर्माण जैसे पुराने मुददे को एक बार फिर बजट में जगह मिलने से उनके जख्मों पर कुछ मरहम लगा है। उन्हें लगता है कि अगर यह मार्ग बन पाए तो क्षेत्र के विकास में इससे मदद मिलेगी। मेरठ मेडिकल कॉलेज में एमआरआई मशीन लगाने के लिए आठ करोड़ रूपए का बजट दिए जाने पर लोगों न प्रसन्न्ता व्यक्त की है।

युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाथों में प्रदेश की कमान आने के बाद वेस्टर्नर्न यूपी के लोग बहुत उत्साहित थे। उन्हें लगता था कि इस बार बजट में क्षेत्र की अनदेखी नहीं की जाएगी। इसके पीछे उनका अपना तर्क भी था। उनका मानना था कि प्रदेश के राजस्व का बड़ा हिस्सा देने वाले वेस्टर्नर्न यूपी को अखिलेश जरूर महत्व देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

मेरठ से हरियाणा व पंजाब को जोड़ने वाला मेरठ-करनाल हाइवे आज खस्ताहाल है। इस कारण लोग सहारनपुर, जगाधरी या दिल्ली होकर हरियाणा व पंजाब जाते हैं। इस मार्ग के बनने से लोग सीधे जा सकेगें जिससे उन्हे करीब सौ किमी की दूरी कम तय करनी पड़ेगी। इससे उनका उनका काफी समय व खर्च बचेगा। इसका सबसे ज्यादा लाभ व्यापारियों व उद्योगपतियों का होगा। हरियाणा व पंजाब से मेरठ व इसके इस पर के उद्योगों के लिए भारी मात्रा में रॉ मटीरियल आता है। यहां तैयार सामान वापस हरियाणा व पंजाब जाता है। इस मार्ग के बनने से ट्रकों की आवाजाही भी आसान हो जाएगी।