Wednesday, February 19, 2014

झूठी शान दिखाने के लिए की जाने वाली फायरिंग थमने का नाम नहीं ले रही

पुलिस की सख्ती के तमाम दावों के बावजूद शादी में झूठी शान दिखाने के लिए की जाने वाली फायरिंग थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार रात जनपद के दो अलग-अलग गांवों में चढ़त के दौरान की गई फायरिंग में दो बच्चे घायल हो गए। इनमें से एक बच्चा तो अपनी ही पिता की चलाई गई गोली का शिकार बना है।
सोमवार रात सरधना के गांव ईकड़ी में शादी थी। मेरठ के सुभाष नगर निवासी दवा कारोबारी नितिन त्यागी इस शादी में शामिल होने के लिए अपनी पत्नी नेहा और बेटे कृष्णा के साथ पहुंचे थे। शादी में चढ़त के दौरान कुछ लोगों की ओर से फायरिंग की जा रही थी। उन्हें फायरिंग करता देख नितिन ने भी अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल ली और फायरिंग करने लगे। आरोप है कि उनके पिस्टल से निकली एक गोली उनके बेटे के सिर पर जा लगी। गोली लगते ही वहां कोहराम मच गया।
गंभीर रूप से घायल कृष्णा को एक प्रइवेट नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। देर रात अस्पताल से सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस का मानना है कि नितिन त्यागी की गोली से ही उसका बेटा जख्मी हुआ है।
दूसरी घटना थाना परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गांव कैलीरामपुर की है। सोमवार रात गांव में सरूरपुर थाना क्षेत्र के गांव जिठौला से बारात आई थी। चढ़त के दौरान कुछ युवकों ने वहां तमंचों से फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक गोली से निकले छर्रे से एक युवक घायल हो गया। घायल बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। गांव के चिकित्सकों के अनुसार बच्चे को मामूली जख्म आया है। इस मामले में जब स्थानीय पुलिस से जानकारी की गई तो उसने ऐसी किसी घटना से इनकार किया। गौरतलब है कि वेस्ट यूपी में इस तरह की घटनाएं आए दिन होती रहती हैं। पुलिस और प्रशासन इस बात को लेकर दावे करता रहता है कि वह शादी व अन्य समारोह में फायरिंग करने वाले के साथ सख्ती से पेश आ रहा है। लेकिन बावजूद इसके इस तरह की घटनाएं रूकने का नाम नहीं ले रही हैं।

Wednesday, February 12, 2014

आभूषण लूटने वाली दो महिलाओं को मंगलवार को लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया

गाजियाबाद और मेरठ की महिलाओं को अपना शिकार बना कर उनके आभूषण लूटने वाली दो महिलाओं को मंगलवार को लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया। दोनों थाना रेलवे रोड क्षेत्र में एक महिला से उसकी चेन लूटने की कोशिश कर रही थीं। लोगों ने दोनो आरोपी महिलाओं को पकड़ लिया। पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ कर रही है। 
रोहटा रोड निवासी उम्मी मंगलवार की दोपहर करीब 3 बजे रेलवे रोड जमुनियाबाग के पास से जा रही थी। आरोप है कि उसी समय दो महिलाओं ने उसे घेर लिया और उसके गले से चेन लूटने का प्रयास करने लगी। इस पर उम्मी ने उनका विरोध करते हुए शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग वहां आ गए और दोनों आरोपी महिलाओं को पकड़ लिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। लोगों ने दोनों महिलाओं को पुलिस के हवाले कर दिया। दोनो महिलाएं राजनगर चौराहा मोदीनगर की रहने वाली हैं। उनमें से एक शिल्पी व दूसरी सविता है। दोनो की उम्र 30-35 साल के करीब है। पूछताछ के दौरान उन्होंने पुलिस को बताया कि वे इससे पहले भी महिलाओं से जेवर लूटने का काम कर चुकी हैं। वे अक्सर गाजियाबाद व मेरठ में आती-जाती रहती हैं। किसी महिला को अकेले में पाकर वे जेवर लूट लिया करती हैं। 

Sunday, February 9, 2014

मृतका 25 जनवरी से लापता

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के थाना हस्तिनापुर क्षेत्र में बीसीए की छात्रा के साथ रेप करने के बाद उसके ही प्रेमी ने जहर देकर मार डाला और शव को गड्ढे में दबा दिया। मृतका 25 जनवरी से लापता थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, 20 वर्षीय बीसीए की छात्रा 25 जनवरी को घर से बाजार जाने के लिए कहकर गई थी, लेकिन वापस नही लौटी। परिजनों द्वारा पड़ोस के 25 वर्षीय पप्पन उर्फ मोहित पुत्र पुष्पेन्द्र पर शक जाहिर करने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बुधवार को युवती का शव चेतावाला गांव के जंगल से बरामद कर लिया।
अभियुक्त ने शव को जमीन में गड्ढा खोदकर दबा रखा था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती के साथ उसका पिछले एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती उस पर शादी का दबाव बना रही थी। इसलिए उसने उसे रास्ते से हटाने के लिए घटना के दिन मिलने के बहाने से बुलाकर जहर देकर मार डाला। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

Friday, February 7, 2014

सत्यपाल सिंह

सत्यपाल सिंह साहित्य पढ़ने और लेखन में भी रुचि रखते हैं। उनकी पुस्तक 'तलाश इंसान की' अब तक एक लाख से ज्यादा प्रतियां बिक चुकी है। सिंह के अनुसार उनकी पुस्तक का उर्दू में भी अनुवाद कराया गया है, जिसका विमोचन 14 अक्टूबर को अमिताभ बच्चन और जावेद अख्तर ने किया था। इस पुस्तक के लिए उन्हे काका कालेलकर साहित्य पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।
31 जनवरी 2013 को मुंबई के पुलिस कमिशनर पद से त्यागपत्र देकर बीजेपी का दामन थामने वाले सत्यपाल सिंह का जन्म 29 नवंबर 1955 को बड़ौत के एक छोटे से गांव बासौली में हुआ था। किसान परिवार में जन्मे सिंह की प्रारम्भिक शिक्षा गांव के ही स्कूल में हुई। बड़ौत के जैन कॉलेज से एमएससी करने के बाद उन्होने दिल्ली विश्वविद्यालय से पीएचडी की। राजनीति से जुड़ने और अन्य सवालों पर प्रेमदेव शर्मा से हुई बातचीत।

आजकल सभी राजनैतिक दलों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहें हैं। ऐसे समय में आपने मुंबई पुलिस कमिश्नर का पद छोड़ कर राजनीति में आने का फैसला क्यों लिया?
प्लूटो ने अपनी पुस्तक 'द रिपब्लिक' में लिखा है कि देश के लोगों का जीवन अच्छा बनाना है तो पॉलिटिक्स में अच्छे लोगों को आना पड़ेगा। सिर्फ आलोचना से कुछ नही होगा। कौटिल्य ने कहा है कि सभी धर्म राजधर्म में प्रविष्ट हो जाते हैं। यदि राजधर्म ठीक है तो सभी धर्म अपने आप ठीक हो जाते हैं। इसलिए मैंने राजनीति मे आने का मन बनाया।
क्या आप पुलिस विभाग में कुछ घुटन महसूस कर रहे थे, जो राजनीति में आए?
ऐसा नहीं है। हां, अब मेरा दायरा जरूर बढ़ गया है। पुलिस की नौकरी में इतनी आजादी नहीं मिलती है।
आपने राजनीति के लिए भाजपा का ही क्यों चुना। आप मोदी से प्रभावित थे या भाजपा की नीतियों से?
बचपन से जो विचार मुझे संस्कार में मिले थे वे भाजपा की नीतियों के काफी नजदीक थे- जैसे राष्ट्र निर्माण, शिक्षा व्यवस्था भारतीय संस्कृति आदि। देश में मुख्य दो ही पार्टियां हैं। कांग्रेस व भाजपा। हमारे क्षेत्र में वैसे भी आजकल कांग्रेस का कोई जनाधार नहीं है।
भविष्य में राजनीति को लेकर आपकी क्या योजनाएं हैं?
राजनीति में एक आर्दश उदाहरण पेश करना चाहता हूं। मैं यह साबित करना चाहता हूं कि राजनीति में ईमानदारी से भी सेवा की जा सकती है। मैंने जैसे पुलिस में सेवा की है वैसी ही राजनीति में करना चाहता हूं।
यदि पार्टी ने आपको चुनाव लड़ने के लिए कहा तो आपका क्या जवाब होगा?
पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उसका पूरा निष्ठा के साथ पालन करूंगा।
यह क्षेत्र आपकी जन्मभूमि है, जबकि महाराष्ट आपकी कर्मभूमि। क्या आपको लगता है कि चुनाव में खड़े होने पर यहां की जनता आपको स्वीकार करेगी?
आईपीएस बनने के बाद भी मेरा अपने क्षेत्र से नाता टूटा नही हैं। हमारे गांव में कन्याओं के लिए कोई स्कूल नही था। मैंने अपने पिता स्व. श्री रामकिशन जी के सहयोग से उनके लिए स्कूल खोला है। पिता के देहांत के बाद अपने पैतृक निवास में श्री रामकिशन संस्कार एकेडेमी खोली है। जोहड़ी रायफल क्लब का मैं प्रारंभ से ही पैटर्न रहा हूं। इसलिए मैं मानता हूं कि लोग आज भी मुझसे जुड़े हैं। वैसे भी आजकल लोग अच्छे लोगों को ही राजनीति में चाहते हैं।
राजनीति में आने के लिए आपने भाजपा से संपर्क साधा था, या फिर भाजपा ने आपसे?
हंसते हुए- भाजपा के एक शीर्ष नेता ने मुझसे संपर्क किया था, लेकिन उसका नाम मैं नहीं बता सकता।

शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र में अवैध खनन का विरोध

 शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र में अवैध खनन का विरोध कर रहे किसानों और बीकेयू नेताओं पर खनन माफियाओं ने गुरुवार को तमंचों, तलवारों और राइफलों से हमला बोल दिया। वारदात की कवरेज कर रहे पत्रकारों पर भी जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई। कई पत्रकारों के कैमरे तोड़े और कुछ पत्रकारों के कैमरे छीन भी लिए गए। खनन माफिया घंटों तक वहां खूनीव मचाते रहे। इस वारदात में 6 लोग घायल हो गए, जिनमें 2 की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों को जिले के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने के बावजूद पुलिस घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। 
शामली के खनन माफिया खुलेआम प्रशासन की नाक के नीचे भारी भरकम जेसीबी मशीन से यमुना का सीना चीरकर अखिलेश सरकार को करोड़ों का चूना लगा रहे है। इन माफियाओं ने क्षेत्रीय किसानों की हजारों एकड़ जमीन को खनन से बरबाद कर दिया है। मामला शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र के यमुना किनारे स्थित गांव बडोली सादान का है। किसान अपना दुखडा डीएम को सुना चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
 
गुरुवार को इस मामले में स्थानीय किसान भारतीय किसान यूनियन के साथ पंचायत कर अवैध खनन का विरोध कर रहे थे तो खनन माफियाओं ने सैकड़ों गुर्गों ने अवैध तंमचों, राइफलों और तलवारों से किसानों और बीकेयू नेताओं पर हमला कर दिया।
 

दरअसल शामली में खनन माफियाओं की यह पहली करतूत नहीं है। करीब 4 महीने पहले इन माफियाओं ने पुलिस टीम पर गोली चलाई थी, जिसमें थानाध्यक्ष बीपी सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके अलावा भी यहां दर्जनों ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें कई लोगों की जानें जा चुकी है। 
सत्ता के इशारे पर खनन का खेल
 
सत्ता के ही इशारों पर ही चलता है। सूत्रों की माने तो खनन के कारोबार में प्रतिदिन करोड़ों के खेल में खाकी और खादी दोनों ही गोते लगाती है। खनन से यमुना नदी को भारी नुकसान होता है और उसके तटबंध कमजोर हो रहे है, जिससे हर साल यहां बाढ़ आ जाती है, दर्जनों गांव उसकी चपेट में आ जाते है। जिससे जान और माल दोनों की हानि होती है

Tuesday, February 4, 2014

रैली में यह मोदी का क्रेज

यह मोदी का क्रेज था या फिर राजनीतिक उत्सुकता। मोदी को सुनने मुसलिम समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में रैली में पहुंचे। जो रैली में नहीं पहुंच पाए उन्होने अपने घरों व दुकानों में टीवी के सामने बैठ मोदी के भाषण को बड़े ध्यान से सुना। मोदी के भाषण के बाद से मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में उनके भाषण पर चर्चा शुरू हो गई। मोदी के रैली में बोले गए हर बोल को तोला जाने लगा। 
मोदी की यहां हुई विजय शंखनाद रैल को हुए 24 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है। लेकिन मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में अब भी उनके भाषण को लेकर चर्चा जारी है। लिसाड़ी गेट निवासी सलीम बताते हैं कि जिस समय मोदी रैली में अपना भाषण दे रहे थे, शहर के मुस्लिम वर्ग के लोग भी अपने टीवी के सामने बैठ कर उनका भाषण बड़े ध्यान से सुन रहे थे। पूरे भाषण के दौरान मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र के मोहल्ले व बाजार खाली नजर आए। भाषण समाप्त होने के बाद लोगों ने घर से बाहर निकल कर उस पर चर्चा शुरू कर दी। मुसलमानों की नुमाइंदगी करने वाले एक शख्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मुस्लिम समुदाय के लोगों की तरफ से मोदी के द्वारा रैली में बोले गए हर शब्द की व्याखा बड़ी बारीकी से की गई है। इस बात के पीछे उनकी मंशा यह जानने की है कि अल्पसंख्यकों के बीच अन्य पार्टियों की तरफ से मोदी का जो खौफ दिखाया जा रहा है वह कहां तक सच है। वे यह जानना चाहते थे कि इस तथ्य के पीछे कुछ सचाई है या फिर यह अन्य दलों का राजनीतिक खेल है। गौरतलब है कि रविवार को माधवकुंज शताब्दीनगर में नरेन्द्र मोदी की विजय शंखनाद रैली में 14 संसदीय क्षेत्र से उनके समर्थक आए थे। बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष का दावा है कि रैली में मेरठ के अलावा गाजियाबाद, सहारनपुर, हापुड़, गढ़मुक्तेशवर व बागपत से भी मुसलमान आए थे। इनको रैली में आगे स्थान नहीं मिल पाया तो उन्होने पीछे खड़े होकर ही मोदी का भाषण सुना था।

Wednesday, January 29, 2014

कॉलेज जा रही 4 छात्राओं पर तीन युवकों ने तेजाब से हमला

सरूरपुर थाना क्षेत्र के पांचली बुजुर्ग गांव में कॉलेज जा रही 4 छात्राओं पर तीन युवकों ने तेजाब से हमला कर दिया। हालांकि, युवकों के इरादों को भांपते हुए चारों छात्राएं खेत में कूद गई, जिससे तेजाब उनके कपड़ों पर गिरा और वे बाल-बाल बच गईं। लड़कियों के शोर मचाने पर आसपास के लोग जब तक मौके पर पहुंचते सभी हमलावर युवक वहां से फरार हो चुके थे। वहीं, तीनों आरोपी एक संप्रदाय विशेष के होने के कारण क्षेत्र में साम्प्रदायिक तनाव फैल गया। घटना के विरोध में लोगों ने हंगामा करते हुए जाम लगा दिया। वारदात की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। 
जानकारी के मुताबिक, गांव पांचली बुजुर्ग निवासी चार छात्राएं गोटका स्थित किसान इंटर कॉलेज में पढ़ने जा रही थी। बताया जा रहा है कि उनके गांव से बाहर निकलते ही पहले से ही रास्ते में खड़े गांव के तीन युवकों ने उन पर तेजाब से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि युवकों के पास तेजाब से भरी सीरिंज थी। छात्राएं शायद उन युवकों के मंसूबों को पहले ही भांप गई थी, इसलिए उन्होंने अपना बचाव करते हुए पास के खेत में छलांग लगा दी। इससे तेजाब उनके कपड़ों पर गिरा और चारों बाल-बाल बच गईं। इसी दौरान छात्राओं का शोर सुनकर आसपास के किसान वहां आ गए, लेकिन तब तक तीनों हमलावर फरार हो चुके थे। 
वहां से गुजर रही अन्य छात्राओं ने स्कूल जाकर प्रिंसिपल सुशील कुमार को भी घटना की जानकारी दी। तीनों आरोपी एक सम्प्रदाय विशेष से हैं, जिस वजह से इलाके में तनाव फैल गया। घटना के विरोध में लोगों ने मेरठ-करनावल हाइवे पर जाम लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। गांववालों ने पुलिस को बताया कि छात्राओं पर तेजाब से हमला करने वाले गांव के ही गुलजार, सैफअली खां और एक अन्य हैं। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को भरोसा दिया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के समझाने-बुझाने के बाद लोग शांत हुए और उन्होंने जाम खोल दिया। वहीं, क्षेत्र में फैले साम्प्रदायिक तनाव को देखते हुए वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।