Saturday, August 30, 2014

विवाहिता पत्नी को दोस्त के साथ सेक्स करने के लिए मजबूर करने आरोप

एक युवक पर पैसों के लिए अपनी नव विवाहिता पत्नी को दोस्त के साथ सेक्स करने के लिए मजबूर करने आरोप है। विवाहिता ने जब विरोध किया तो उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। विवाहिता परिजनों के साथ थाने पहुंची, लेकिन आरोप है कि वहां उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार को विवाहिता ने एसएसपी से मामले की शिकायत की है। बताया गया है कि आरोपी पति इलाके का हिस्ट्रीशीटर है।
लिसाडीगेट थानाक्षेत्र की रहने वाली महिला ने बताया कि उसकी शादी क्षेत्र निवासी शख्स से दो माह पहले हुई थी। विवाहिता ने बताया कि उसका पति शादी-विवाह में हलवाई का काम करता है और शराब पीने का आदी है। तीन दिन पहले उसने चंद रुपयों की खातिर अपने दोस्त के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए दवाब बनाया। किसी तरह उसने अपनी जान बचाई और अपनी बड़ी बहन को पूरी घटना बताई।

इसके बाद विवाहिता के परिजन थाने पहुंचे। पुलिस ने तहरीर तो ले ली, लेकिन आरोपी पति को गिरफ्तार नहीं किया। विवाहिता और उसके परिजन शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे और एसएसपी ओंकार सिंह को प्रार्थनापत्र सौंपकर पति को गिरफ्तार करने की मांग की। एसएसपी ओंकार सिंह ने लिसाडीगेट थानाध्यक्ष को आरोपी को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है।
पुलिस कार्यालय पहुंची विवाहिता की बहन ने बताया कि वे मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। 2008 में उसकी शादी यहां पर हुई थी। आरोपी उसे बहन कहता था, जिस कारण उसने अपनी बहन की शादी आरोपी से कराई थी। शादी के बाद आरोपी का असली चेहरा सामने आया। उसे नहीं पता था कि आरोपी पैसों के लिए इतना कुछ कर सकता है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी इलाके का हिस्ट्रीशीटर है। थाने में भी पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है।

Thursday, August 28, 2014

यूपी में सांप्रदायिक दंगे, रंगदारी, मर्डर और लूट

वेस्टर्न यूपी में सांप्रदायिक दंगे, रंगदारी, मर्डर और लूट की लगातार बढ़ रही घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एडीजी मुकुल गोयल ने बुधवार को यहां आईजी, डीआईजी और एसएसपी के साथ बैठक की। 
एडीजी कानून व्यवस्था मुकुल गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले कुछ समय से वेस्ट यूपी के हालात नाजुक बने हुए हैं। ऐसे में अधिकारियों को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने छोटी-छोटी बातों पर बढ रही सांप्रदायिक घटनाओं पर भी विराम लगाने की बात कही। उन्होंने माना कि थाना स्तर पर अभी भी कहीं कुछ कमियां है, जिन्हें दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस छोटे-छोटे मसलों पर निष्पक्षता से कार्रवाई करती है, तो कानून व्यवस्था स्वतः ही सुधरती जाएगी। छेड़खानी की बढ़ रही घटनाओं पेर गोयल ने कहा कि मनचलों को सबक सिखाने के लिये पुलिस विशेष अभियान चलाएगी। थानों में दलालों की रोकथाम के लिये भी आवश्यक दिशा निर्देश थानाध्यक्षों को दिये जाएंगे। 
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जैसे ही एडीजी बाहर निकले तो छेड़खानी के मामले में आरोपी गगन के परिजनों ने उनका घेराव किया और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि उनके बेटे के इस केस में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला फैसले के नाम पर उनसे दस लाख रुपये की मांग कर रही है। एडीजी ने एसएसपी ओंकार सिंह को इस मामले में निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। 

Monday, August 25, 2014

न्याय चाहिए, न कि इनाम

पति को पीट रहे गुंडों को दौड़ा दौड़ाकर पीटने वाली यूपी के मेरठ की ममता यादव के केस ने नया लेकिन बदसूरत टर्न ले लिया है। ममता ने आरोप लगया है कि आरोपी के पिता, जोकि प्रदेश में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी (एसपी) से जुड़े हैं, उनपर स्टेटमेंट चेंज करने के लिए दबाव डाल रहे हैं। ममता का कहना है कि समाजवादी पार्टी की ओर से डाले जा रहे दबाब के बावजूद वह न्याय के साथ खड़ी होगीं और लड़ती रहेगीं।
परेशान ममता का कहना है कि ऐसा लग रहा है कि मैं खुद ही दोषी हूं। ममता ने हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ से बातचीत में कहा, 'मुझे न्याय चाहिए, न कि इनाम।'
बेटियों से अन्‍याय और दुराचार की खबरों के बीच महिलाओं के लिए मिसाल बनी मेरठ की बहादुर बे‍टी ममता को यूपी सरकार ने हाल ही में इनाम दिया था। सीएम अखिलेश यादव ने ममता को उसके साहस पर एक लाख का इनाम दिया था। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जिले के अधिकारियों ने ममता के घर जाकर उन्हें चेक सौंपा था।
यहां बता दें कि ममता अपने पति को पीटने वाले 5 कार सवार युवकों से भिड़ गई थीं। ममता ने न सिर्फ अपनी बहादुरी से पति को बचाया बल्कि प्रदेश और देश की महिलाओं को भी संदेश दिया। पूरा मामला मेरठ के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में मंगलवार सुबह साढ़े 10 बजे कचहरी पुल का है।

Wednesday, August 20, 2014

गांगनोली गांव पप्पू (32) की हत्या

35 साल के परचून सप्लायर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कोतवाली क्षेत्र के बाघु गांव निवासी अब्बास (35) मंगलवार सुबह वारदात के समय बाइक से सामान सप्लाई करने जा रहा था। परिजनों ने गांव के युवक पर पुराने विवाद को लेकर हत्या का संदेह जताया है। पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं, गांगनौली में सोमवार शाम जंगल में चारा लेने गए युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या में एक लाख इनामी प्रमोद सहित सात लोग नामजद किए गए हैं। मरने वाले युवक के परिवार में यह 5वीं हत्या बताई जा रही है। गांगनोली गांव निवासी पप्पू (32) जंगल में चारा लेने गया था। 13 नवंबर को इसी स्थान पर पुलिस कस्टडी में पप्पू के चाचा रामवीर और सरोज की हत्या कर दी गई थी। पप्पू को भी पुलिस सुरक्षा मिली हुई थी, लेकिन वह चारा लेने अकेला ही गया था। 

Monday, August 18, 2014

खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक एजेंट को गिरफ्तार किया

मेरठ से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक एजेंट को गिरफ्तार किया गया है। हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ की खबर के मुताबिक, इस एजेंट को एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया है। एजेंट पर सेना ने जुड़ी जानकारी पाकिस्तान भेजने का शक है।
इस शख्स को आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में मेरठ में हिरासत में लिया गया। बताया जा रहा है कि इस शख्स ने आर्मी डिप्लॉयमेंट से जुड़ी जानकारी जुटाई थी और उसे इस जानकारी के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। उसकी पहचान आसिफ अली के रूप में बताई जा रही है और कहा जा रहा है कि वह एक भारतीय नागरिक है।
जानकारी के मुताबिक, आसिफ ने मेरठ और झांसी के आर्मी कैंटोनमेंट में लोगों से संपर्क साधा था। यह भी शक जताया जा रहा है कि आसिफ किसी बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है। सूत्रों के मुताबिक, आसिफ ने जासूसी की बात कबूल ली है।

Saturday, August 16, 2014

ससुरालियों ने उसे और उसके बच्चों को घर से निकाल दिया

पति का गायब हो जाना और अपने तीन बच्चों का भूख से बिलखना मां से बर्दाश्त नहीं हुआ। गुरुवार को वह अपने बच्चों के साथ केरोसिन तेल लेकर आत्मदाह करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंच गई। खबर मिलते ही पुलिस ने महिला को कब्जे में लेकर उससे तेल की शीशी छीन ली। महिला का कहना है कि 15 दिनों से उसका पति लापता है। पति के जाने के बाद उसके ससुरालियों ने उसे और उसके बच्चों को घर से निकाल दिया। शासन से अर्थिक मदद की मांग की थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी जब कोई मदद मिलती दिखाई नहीं दी, तो उसने यह कठोर निर्णय लिया। वहीं, महिला को अपने साथ थाने ले गई पुलिस अब उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है। 
9 साल पहले रेनू यादव ने लालकुर्ती तोपखाना निवासी शमीम खान से प्रेम विवाह किया था। शादी के समय शमीम ने रेनू को बताया था कि वह पत्रकार है। लेकिन कुछ ही दिनों में शमीम की हकीकत रेनू के सामने आ गई। उसे पता चला कि शमीम बेरोजगार है और उसे शराब की लत है। शराब पीकर शमीम अक्सर रेनू के साथ मारपीट किया करता था। रेनू के अनुसार पति के उत्पीड़न के बावजूद वह चुप रहती थी। इसी दौरान उनके तीन बच्चे हो गए। 15 दिन पहले शमीम बिना किसी को कुछ बताए अचानाक घर से कहीं चला गया। रेनू का आरोप है कि उसके पति के घर से चले जाने के बाद उसके जेठ ने उसे और उसके बच्चों को जबरन घर से निकाल दिया। रेनू के अनुसार तब से वह अपने पति की बरामदगी और बच्चों के पालन पोषण के लिए शासन से अर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रही है। उसका कहना है कि कुछ दिन पहले उसने शासन से अर्थिक सहायता के लिए डीएम के नाम ज्ञापन भी दिया था। उसका कहना है कि भूख से बिलबिलाते बच्चों को देख कर उसने यह कदम उठाने का फैसला किया। 

Thursday, August 14, 2014

सनाउल्लाह गिरफ्तार

खरखौदा गैंगरेप और धर्म परिवर्तन मामले में जिस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस के पसीने छूट रह थे, बुधवार को वह गढ़ रोड स्थित सोहराब गेट डिपो पर मिल गया। पुलिस ने उसे आननफानन में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके साथ ही एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लगभग उसे क्लीन चिट भी दे दी। पुलिस ने उसे मीडिया के सामने पेश करना भी उचित नहीं समझा। 
खरखौदा मामले में पुलिस दो महिलाओं समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। लेकिन इस केस का मुख्य आरोपी सनाउल्लाह उसकी पकड़ से बाहर रहा। पुलिस के अधिकारी दावा करते रहे कि सनाउल्लाह की गिरफतारी के लिए पांच टीमें बना दी गई है, और वह जल्द उनके कब्जे में होगा। सर्विलांस के एक्सपर्ट भी उसकी लोकेशन के लिए दिन रात लगे रहे। लेकिन वह हाथ नहीं लगा था। थक हार कर पुलिस ने उस पर पांच हजार रुपये का ईनाम घोषित कर दिया। चर्चा यह होती रही कि सनाउल्लाह एक सियसतदां की सरपरस्ती में है, लेकिन पुलिस इस बात का खंडन करती रही। 
इसे पुलिस की किस्मत कहें या फिर उसकी बाजीगरी कि जिस सनाउल्लाह की तलाश में मेरठ पुलिस दिन-रात एक किए हुए थी, वह उसे बुधवार को सोहराब गेट बस अड्डे पर मिल गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी ने बताया कि सनाउल्लाह पर अपहरण और रेप के आरोप के साक्ष्य नहीं मिले हैं। पुलिस के अनुसार जिस दिन पीड़िता के साथ गैंगरेप होने का आरोप है, उस दिन सनाउल्लाह दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में एडमिट था और अपने दिल का इलाज करा रहा था। पुलिस का कहना है कि सनाउल्लाह ने उन्हें अपने अस्पताल में भर्ती होने और वहां इलाज कराने संबंधी कागजात उन्हें सौंपे हैं। एसपी आरए कैप्टन एमएम बेग का कहना है कि सनाउल्लाह की ओर से सौंपे गए कागजात और दी गई जानकरी की जांच की जा रही है। 
जिस सनाउल्लाह को पुलिस तलाशने में एड़ी चोटी का जोर लगा रही थी, वह अचानक बस स्टैंड पर उसे कैसे मिल गया। चर्चा है कि सनाउल्लाह के सरपरस्त के ईशारे पर उसने खुद को पुलिस के हवाले किया है। दूसरा सवाल यह उठ रहा है कि मामले के मुख्य आरोपी को पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के बजाए, सीधे जेल क्यों भेज दिया। पुलिस ने यह भी मुनासिब नहीं समझा कि सनाउल्लाह द्वारा दी गई जानकारी को जांचने तक उसे अपने पास रखती। छोटे से अपराधी को पकड़ कर मीडिया के सामने पेश कर अपनी पीठ थपथपाने वाली पुलिस सनाउल्लाह के ममाले में बिल्कुल अलग नजर आई। उसने मीडिया से बचाने के लिए सनाउल्लाह को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश नहीं किया। उलटे पूरे प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसएसपी और एसपी आरए सनाउल्लाह का पक्ष रख उसे क्लीन चिट देते नजर आए।