Tuesday, June 15, 2010

महिला को पचास हजार रुपये में मेरठ के कोठे पर बेच दिया

नौकरी का झांसा देकर वेस्ट बंगाल से दिल्ली लाई गई महिला को पचास हजार रुपये में मेरठ के कोठे पर बेच दिया गया। महिला को नारकीय स्थिति में पहुंचाने से पहले इस धंधे से जुड़े लोगों ने उसकी दोनों बेटियों को अपने कब्जे मे कर लिया। 10 दिन तक उस पर जिस्मफरोशी के लिए दबाव बनाया गया। मौका मिलने पर शुक्रवार को तड़के वह कोठे से भाग निकली और एक समाजसेवी संस्था के कार्यकर्ता को अपनी व्यथा सुनाई। पुलिस ने कोठे पर छापा मारकर तीन महिलाओं को हिरासत में ले लिया है, लेकिन अभी तक महिला के बच्चों को पुलिस बरामद नहीं किया जा सका है। शुक्रवार की सुबह करीब पांच बजे एक महिला सामाजिक संस्था संकल्प के कार्यकर्ताओं के पास पहुंची। घबराई हुई उस महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह वेस्ट बंगाल के गांव की रहने वाली सौम्या बनर्जी (बदला हुआ नाम) है। एक युवक से प्रेम विवाह के चलते उसके घरवालों ने उससे रिश्ते खत्म कर दिए थे, लेकिन कुछ दिनों के बाद उसके पति ने उसे धोखा दे दिया। उसकी दो लड़कियां हैं। जब पति ने उसका साथ छोड़ दिया तो वह नौकरी की तलाश में लग गई। इस दौरान वह दिल्ली की यमुना (बदला हुआ नाम) नाम की एक महिला के संपर्क मे आई। उसने उसे दिल्ली में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। वह अपनी दोनों बच्चियो के साथ दिल्ली आ गई। वहां यमुना ने उसकी दोनों बच्चियों को अपने पास रख लिया और उसे पचास हजार रुपये में मेरठ की जरीना (बदला हुआ नाम) के हवाले कर दिया। जरीना ने उस पर जिस्म फरोशी के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। शुक्रवार को मौका मिलने पर वह वहां से फरार हो गई। सामाजिक संस्था संकल्प के कार्यकर्ता ने इस सारी घटना की जानकारी अध्यक्ष अतुल शर्मा को दी। अतुल शर्मा ने महिला को पूरी सुरक्षा देने का वादा कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस अभी तक बच्चियों को बरामद नहीं कर सकी हैं।

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