Wednesday, July 16, 2014

कांवड़ रोड़ गड्ढा मुक्त

गुरु पूर्णिमा से कांवड़ियों ने हरिद्वार, गंगोत्री से गंगाजल लेकर अपने श्रद्घा केंद्र शिवालयों की और कूच करना शुरू कर दिया। फिलहाल राजस्थान और हरियाणा के दूरदराज इलाके के कांवड़िये ही अपने मिशन पर निकल रहे हैं। हरिद्वार और खतौली के बीच कांवड़िये दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाइवे पर नजर आ रहे हैं। दो दिन बाद उनकी संख्या में खासा इजाफा हो जाएगा। एनएच पर बोल बम की गूंज सुनाई दे रही है। दूसरी और अब तक मंगलौर से लेकर गाजियाबाद जिले निवाड़ी तक पूरी तरह से कांवड़ रोड़ गड्ढा मुक्त नहीं हुई है। 
गुरु पूर्णिमा के बाद करीब एक हफ्ते तक दिल्ली-हरिद्वार एनएच और कांवड़ रोड़ राजस्थान के और हरियाणा के दूरदराज इलाके कांवडिय़ों की ही भरमार रहती है। दो दिन बाद दिल्ली में भी खासी संख्या में कांवड़िये नजर आने लगेंगे। राजस्थान और हरियाणा के कांवड़ियों को मंगलौर से कांवड़ रोड़ ही ज्यादा सूट कर करता है। उसमें दूरी भी कम तय करनी पड़ती है। यह लोग मुरादनगर पहुंचने के बाद गंगनहर की पटरी से दिल्ली को गंगाजल की सप्लाई के लिए पाइप लाइन रोड़ पकड लेते हैं। वहां से भजनपुरा होते हुए अपनी आगे की यात्रा तय करते हैं। 
कांवडियों की सेवा के लिए के लिए कांवड़ रोड़ पर जगह कांवड़ शिविर लग गए हैं। वहां कांवडिय़ों की सेवा के लिए कच्चा और पक्का दोनों तरह के खाने के अलावा फल, दूध और चाय की व्यवस्था तो है ही, साथ ही पैरों में पड़े छालों को ठीक रकने के लिए और ठंडक पहुंचाने के लिए मेहंदी की भी हर शिविर में व्यवस्था है। एलोपैथिक दवाइयां भी शिविर संचलाक अपने यहां रखे हैं। उधर दिल्ली की सीमा से लेकर मुजफ्फरनगर बाईपास पर जगह जगह कांवड़ शिविर लगाए जाने का काम तेजी चल रहा है। इस बार इस प्रकार की खबरें मिल रही हैं कि कांवड़ शिवरों की संख्या में इजाफा होगा। दो दिन बाद इस हाइवे पर भी कांवडिय़ों की संख्या में इजाफा होगा। कांवड़ लेने जाने वाले श्रद्घालुओं की संख्या आज काफी बढ़ोतरी हुई है। कांवडिय़ों को हरिद्वार लेकर जाने वाली बसों का इस हाइवे पर काफी दबाव बढ़ा है। ट्रेनों से भी कांवड़िये जा रहे हैं। रेलवे स्टेशन बोल बम की गूंज सुनाई देने लगी है। हाइवे स्थित शहरों और कस्बों में कांवड़ियों के लिए ड्रेस की दुकानें सज गई हैं। 

Monday, July 14, 2014

पुलिस तलाश में जुट गई

अपने को हाईकोर्ट का जज बताकर एक शातिर ठग ने सीजेएम से 90 हजार रुपये ठग लिए। इससे पहले आरोपी ने सीजेएम से एक प्राइेवट मेडिकल कॉलेज में एक छात्र का एडमिशन कराने के लिए भी कहा था। तीसरी बार आरोपी की ओर से तीन लाख की डिमांड करने पर सीजेएम का माथा ठनका। सीजेएम ने ठग के खिलाफ अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। 
पुलिस का कहना है कि बाउंड्री रोड निवासी सीजेएम संजीव कुमार ने थाना सिविल लाइंस में एक अज्ञात शख्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। तहरीर के अनुसार सीजेएम को करीब 20 दिन पहले एक फोन आया था। फोन करने वाले ने बताया कि वह हाईकोर्ट का जज है। उसने सीजेएम के अपने एक मित्र के बेटे का एडमिशन एक स्थानीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में कराने के लिए सिफारिश की थी। सीजेएम के छात्र का नाम पूछने पर कथित हाईकोर्ट के जज ने जियाउल हक खान का नाम एसएमएस कर भेजा था। 8 जुलाई को फिर उसी नंबर से सीजेएम के पास फोन आया। दूसरी बार आरोपी ने कहा कि मेरे एक रिश्तेदार की तबीयत खराब है और इलाहाबाद में एसबीआई का सर्वर खराब है। इसलिए वह मेरे खाते में 90 हजार रुपये जमा करा दें। सीजेएम ने उसे हाईकोर्ट का जज समझते हुए उसके बताए खाते में रुपये जमा करा दिए। गुरुवार को सीजेएम के पास फिर कॉल आई और इस बार अंकल के बीमार होने की बात कहते हुए खाते में तीन लाख जमा कराने के लिए कहा गया। इस पर सीजेएम को शक हुआ। उन्होंने हाइकोर्ट के जज के सीयूजी नंबर पर फोन मिलाया, तो पता चला कि कोई उन्हें ठग रहा है। सीजेएम ने पूरे मामले की जानकारी एसएसपी को दी। एसएसपी ने सीजेएम से तहरीर लेकर थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज करा दिया। 
पुलिस ने सीजेएम से वह नंबर ले लिया है जिससे उन्हें कॉल आया करती थी। पुलिस ने वह नंबर सर्विलांस पर लगा दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार वह नंबर अभी भी एक्टिव है और नंबर बिहार का है। पुलिस ने उस खाते का भी पता लगा लिया है, जिस खाते में सीजेएम से 90 हजार रुपये जमा कराए गए थे। वह खाता संजीत कुमार निवासी चांदी भोजपुर के नाम से खुला हुआ है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी जल्द ही हिरासत में होगा। 

Thursday, July 10, 2014

दिल्ली से मेरठ के बीच एक्सप्रेस वे

दिल्ली से मेरठ के बीच एक्सप्रेस वे बनाने के प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने कैबिनेट बैठक में हरी झंडी दे दी। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत बनाया जाएगा। अब रोड मिनिस्ट्री आगे का ब्लूप्रिंट तैयार करेगी।

वकील बुधवार को हड़ताल पर

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय की पीठ स्थापित किए जाने की मांग को लेकर केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर वकील बुधवार को हड़ताल पर रहे। समिति के सचिव मुकेश वालिया ने हड़ताल को पूरी तरह से सफल होने का दावा करते हुए कहा कि मेरठ, बिजनौर, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्धनगर, मुरादाबाद, बागपत, जेपीनगर, बुलन्दशहर समेत वेस्ट यूपी के 20 जिलों के वकील पूरी तरह इसमें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हडताल के दौरान कचहरी परिसर में वकीलों के चैंबर, दुकानें, होटल आदि सभी बंद हैं।
इसके साथ ही दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता भी हडताल पर हैं। मुकेश वालिया के अनुसार वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट की बेंच की मांग को लेकर मेरठ समेत सभी 20 जिलों के हड़ताली वकीलों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन दिए हैं। उन्होंने कहा कि वेस्टर्न यूपी के वकीलों और क्षेत्र की जनता की इस मांग को पूरा नहीं किया गया तो समिति आंदोलन को और अधिक तेज करेगी।

Tuesday, July 8, 2014

संगीत सोम-मैं तो बीजेपी का एक साधारण कार्यकर्ता हूं।

मुरादाबाद के कांठ गांव में एक धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर उतारे जाने के बाद हुए हंगामे के बाद से सरधना क्षेत्र के बीजेपी के विधायक संगीत सोम एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। 
- मुजफ्फरनगर के दंगों के दौरान आप पर गंभीर आरोप लगे और अब कांठ की घटना के बाद भी आप सुर्खियों में है। क्या पार्टी में बड़े रोल की तैयारी है।
 
संगीत सोम-मैं तो बीजेपी का एक साधारण कार्यकर्ता हूं। दलितों, गरीबों व असहायों के लिए लड़ता रहा हूं ओर लड़ता रहूंगा। प्रदेश में किसी भी शख्स के खिलाफ अन्याय होगा तो मैं उसके लिए खड़ा होउंगा। पार्टी में किसकी क्या भूमिका होगी, यह हमारा शीर्ष नेतृत्व तय करता है। हमार काम है नेतृत्व के निर्देशों का पालन करना।
 
प्रशन- आपका कहना है कि प्रदेश सरकार ने अपके खिलाफ झूठे मुकदमें दर्ज कराए है। कहीं एसपी भी आपको भावी सीएम बनने से रोकने के लिए आपको घेरने की तैयारी तो नहीं कर रही है।
 
संगीत सोम- एसपी क्या सोचती है यह तो मुझे पता नहीं। लेकिन यह सच है कि मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। मुजफ्फरनगर में साइबर क्राइम से लेकर आतंकवाद की धाराओं में मेरे खिलाफ केस दर्ज किए गए। लेकिन मैं इससे डरा नहीं हूं। आगे भी मैं गरीबों और दलितों के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखूंगा।
 
- कांठ का वास्तविक मुद्दा क्या है?
 

संगीत सोम- यह मामला एसपी सरकार की तुष्टिकरण का नतीजा है। किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना जुर्म है। मंदिर में पिछले दस साल से लाउडस्पीकर लगा है। यह बात आईबी की रिर्पोट में भी है। इसके बावजूद सरकार गलत बयानी कर कह रही है कि मंदिर में हर साल सिर्फ शिवरात्री के अवसर पर ही लाउडस्पीकर लगाया जाता रहा है। सरकार इसे नई परंपरा बता रही है। धर्म से जुड़ी चीजें परंपरा नहीं आस्था होती हैं। 
प्रशन- यदि प्रशासन को लगता है कि मंदिर पर लगे लाउडस्पीकर से कानून- व्यवस्था की समस्या हो सकती है तो आप लोगो को इस बात से एतराज क्यों हैं।
 
संगीत सोम- गांव में 10 साल से एक ही मंदिर है। जबकि इसी दौरान वहां मस्जिद की संख्या एक से बढ़कर चार हो गई है और सभी में लाउडस्पीकर लगे हैं। अगर समस्या है तो मस्जिदों से लाउडस्पीकर क्यों नहीं उतारे गए।
 
प्रशन
 - आपके अनुसार ऐसा करने के पीछे सरकार की क्या मंशा है ? 
संगीत
 सोम - यूपी की एसपी सरकार आज हर मुद्दे पर फेल हो चुकी है। सड़कें , बिजली - पानी की समस्या वहदूर नहीं कर पा रही है। कानून - व्यवस्था चरमरा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव भी यह कह चुके हैं कि यूपीसेफ नहीं है। ऐसे में जनता का ध्यान समस्यों से हटाने के लिए सरकार यह सब खेल , खेल रही है। बीजेपी कीछवि को धूमिल करने के लिए उस पर झूठे आरोप लगा रही है। जब से यह सरकार बनी है प्रदेश में छोटे - बड़ेमिलाकर 110 दंगे हो चुके हैं। सरकार खुद संप्रदायिकता फैला रही है और दोष हम पर मढ़ रही है। सरकार की विफलताओं को जनता के सामने लाएंगे। हम सदन से लेकर सड़क तक लोकतंत्रिकतरीके से सरकार की गलत नीतियों का विरोध करेंगे। लेकिन अगर सरकार जनहित में कोई फैसला लेगी तो हमउसका सर्मथन भी करेगे। 

Friday, July 4, 2014

कलीना गांव में एक किशोर की हत्या

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के कलीना गांव में एक किशोर की हत्या कर शव फांसी पर लटका कर हमलावर फरार हो गए। जिला पुलिस प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि मृतक की शिनाख्त मुकेश (15) के रुप में हुई है। मुकेश का शव मंगलवार को गांव के जंगल में पेड़ पर रस्सी से लटका मिला था। सूचना पर पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।
प्रवक्ता के मुताबिक मृतक के हाथ में खुदकुशी नोट नोट मिला है। जबकि परिजनों और गांव वालों का कहना है कि मृतक अनपढ़ था। ऐसे में लग रहा है कि किसी ने हत्या कर इसे आत्महत्या दर्शाने के लिए शव को रस्सी से पेड़ पर लटका दिया और हाथ में खुदकुशी नोट थमा दिया। लेकिन ,शायद हमलावर यह नहीं जानता था कि मृतक अनपढ़ था।पुलिस मामले की जांच में जुटी है। उधर, मृतक के पिता ने सचिन, रामू, काला और श्यामवीर को नामजद करते हुए तहरीर दी है। हालांकि तहरीर में हत्या की वजह नही बताई गई है।

Tuesday, July 1, 2014

आईटी पार्क डिवेलप करने की योजना

सूचना एवं प्रौद्योगिकी विकास विभाग ने प्रदेश में आईटी पार्क डिवेलप करने की योजना पर काम तेज कर दिया है। प्रदेश का पहला आईटी पार्क मेरठ में स्थापित किए जाने की कवायद विभाग की ओर से शुरू कर दी गई है। करीब तीन एकड़ जमीन में बनने वाले आईटी पार्क के लिए मेरठ डिवेलपमेंट अथॉरिटी जमीन मुहैया कराएगा। जबकि आईटी पार्क का निर्माण सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) से कराया जाएगा।
मेरठ में स्थापित होने वाले इस आईटी पार्क में प्रदेश सरकार की तरफ से लीज पर जमीन मुहैया कराएगी। प्रदेश के दो शहरों लखनऊ और आगरा में आईटी सिटी डिवेलप करने की योजना के साथ ही कई दूसरे शहरों में आईटी पार्क बनाने की योजना बनाई थी। जिन शहरों में आईटी पार्क डिवेलप किया जाना है, उनमें गोरखपुर, लखनऊ, मेरठ, आगरा शामिल हैं। विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक एक बार मेरठ में आईटी पार्क का काम शुरू होने के बाद दूसरे शहरों में भी आईटी पार्क बनाने की योजना को अंजाम दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार चाहती है कि प्रदेश के बड़े शहरों में आईटी पार्क बनाया जाए। ताकि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों को शहरों में ही नौकरी मिल सके।