Monday, July 14, 2014

पुलिस तलाश में जुट गई

अपने को हाईकोर्ट का जज बताकर एक शातिर ठग ने सीजेएम से 90 हजार रुपये ठग लिए। इससे पहले आरोपी ने सीजेएम से एक प्राइेवट मेडिकल कॉलेज में एक छात्र का एडमिशन कराने के लिए भी कहा था। तीसरी बार आरोपी की ओर से तीन लाख की डिमांड करने पर सीजेएम का माथा ठनका। सीजेएम ने ठग के खिलाफ अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। 
पुलिस का कहना है कि बाउंड्री रोड निवासी सीजेएम संजीव कुमार ने थाना सिविल लाइंस में एक अज्ञात शख्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। तहरीर के अनुसार सीजेएम को करीब 20 दिन पहले एक फोन आया था। फोन करने वाले ने बताया कि वह हाईकोर्ट का जज है। उसने सीजेएम के अपने एक मित्र के बेटे का एडमिशन एक स्थानीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में कराने के लिए सिफारिश की थी। सीजेएम के छात्र का नाम पूछने पर कथित हाईकोर्ट के जज ने जियाउल हक खान का नाम एसएमएस कर भेजा था। 8 जुलाई को फिर उसी नंबर से सीजेएम के पास फोन आया। दूसरी बार आरोपी ने कहा कि मेरे एक रिश्तेदार की तबीयत खराब है और इलाहाबाद में एसबीआई का सर्वर खराब है। इसलिए वह मेरे खाते में 90 हजार रुपये जमा करा दें। सीजेएम ने उसे हाईकोर्ट का जज समझते हुए उसके बताए खाते में रुपये जमा करा दिए। गुरुवार को सीजेएम के पास फिर कॉल आई और इस बार अंकल के बीमार होने की बात कहते हुए खाते में तीन लाख जमा कराने के लिए कहा गया। इस पर सीजेएम को शक हुआ। उन्होंने हाइकोर्ट के जज के सीयूजी नंबर पर फोन मिलाया, तो पता चला कि कोई उन्हें ठग रहा है। सीजेएम ने पूरे मामले की जानकारी एसएसपी को दी। एसएसपी ने सीजेएम से तहरीर लेकर थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज करा दिया। 
पुलिस ने सीजेएम से वह नंबर ले लिया है जिससे उन्हें कॉल आया करती थी। पुलिस ने वह नंबर सर्विलांस पर लगा दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार वह नंबर अभी भी एक्टिव है और नंबर बिहार का है। पुलिस ने उस खाते का भी पता लगा लिया है, जिस खाते में सीजेएम से 90 हजार रुपये जमा कराए गए थे। वह खाता संजीत कुमार निवासी चांदी भोजपुर के नाम से खुला हुआ है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी जल्द ही हिरासत में होगा। 

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