अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को सेना के 3 हजार जवानों और अधिकारियों के साथ
आरवीसी सेंटर के पोलो ग्राउंड पर रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर योग करेंगे।
रक्षामंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। यहां तक
की मीडिया को भी इस कार्यक्रम से दूर रखा जाएगा। सभी खुफिया एजेंसियों को सर्तक कर
दिया गया है। सेना और जिले के आला अधिकारी आपस में तालमेल बनाए हुए हैं।
रक्षामंत्री योग करने के बाद मेरठ- हापुड़ के बीजेपी सांसद राजेंद्र अग्रवाल के घर
भी गया ।
Monday, June 22, 2015
Wednesday, June 17, 2015
जोहडी गांव में वीपी सिंघल इंडोर शूटिंग रेंज का उद्घाटन
राज्यपाल राम नाईक ने शनिवार को बडौत तहसील क्षेत्र के जोहडी
गांव में वीपी सिंघल इंडोर शूटिंग रेंज का उद्घाटन किया। राज्यपाल ने शूटिंग को सबसे
सस्ता और कम खर्च का खेल बताते हुए युवाओं को रोजगार दिलाने में उपयोगी बताया।
राज्यपाल ने कहा कि आज की व्यस्त और भागदौड भरी जिंदगी के लिए योग जरूरी हो गया
है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं संविधान के अनुसार काम करता हूं।
अनावश्यक बोलना स्वभाव नहीं है। कानून व्यवस्था में सविंधान के अनुसार काम करने से
सुधार होता है। कुछ लोगों को विरोध के लिए विरोध करने की आदत होती है। पत्रकार
जगेंद्र हत्याककांड पर कहा कि इसकी जांच चल रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई होगी।
Tuesday, June 16, 2015
गौरव राठौर हॉरर किलिंग का शिकार
कंप्यूटर इंजीनियर गौरव राठौर हॉरर किलिंग का शिकार हुआ
है। उसके परिजनों ने यह आरोप लगाते हुए उसकी प्रेमिका से पत्नी बनी युवती के पिता
और भाई समेत 4 आरोपियों
के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। गौरतलब है कि रविवार देर शाम सीसीएस
यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित तपोवन में सिर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल गौरव
संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला था। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। शव के पास
तमंचा पड़ा मिलने के कारण शुरू में पुलिस इसे आत्महत्या बता रही थी। देर रात गौरव
के घर वाले सहारनपहुर से यहां पहुंचे तो उन्होने इसे हत्या बताते हुए एफआईआर दर्ज
कराई।
पास से मिले पहचान पत्र
से युवक की पहचान गौरव राठौर पुत्र रमेश राठौर सहारनपुर के रहने वाले के रूप में
हुई। देर रात सूचना पाकर गौरव के परिजन यहां पहुंचे। गौरव के पिता रमेश कुमार
राठौर ने इसे हॉरर किलिंग का मामला बताते हुए रविंद्र, नरेंद्र, जितेंद्र और अनिल कुमार
के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
गौरव के पिता रमेश
कुमार और चाचा प्रमोद कुमार राठौर ने बताया कि गौरव और प्रियंका सैनी बचपन से ही
साथ-साथ पढ़े थे। बाद में गौरव ने रुड़की से इंजिनीयरिंग का डिप्लोमा किया था। इस
दौरान प्रियंका भी रुड़की में उसके साथ थी। 31 मई 2014 को दोनों ने अपने
परिवार वालों से छिप कर कोर्ट मैरिज कर ली थी। रमेश कुमार के अनुसार उनके परिवार
को इसकी कोई जानकारी नहीं थी, जबकि प्रियंका की मां को इसकी जानकारी हो गई थी। लड़की
पक्ष के लोग जानकारी मिलने के बाद रूड़की पहुंचे और यह कहकर कि वे उनकी शादी धूमधाम
से करेंगे, प्रियंका
को अपने साथ ले गए थे। बाद में प्रियंका ने घर वालों से छिपकर गौरव को फोन कर
बताया कि उसे घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता है। उसके घर वाले उनकी शादी भी
नहीं कराएंगे। इस पर गौरव ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक रिट दायर की थी। इस पर 26 मई को सुनवाई होनी थी।
गौरव के चाचा प्रमोद कुमार के अनुसार जब कोर्ट से कागज आए तब उन्हें इस बात की
जानकारी हुई। प्रमोद के अनुसार प्रियंका के घर वालों ने उसे धमकी दी थी कि अगर वह
कोर्ट में गौरव के पक्ष में बयान देगी तो वे वहीं जहर खाकर आत्महत्या कर लेंगे।
रमेश कुमार राठौड़ ने
बताया कि 13 जून
को परिवार में शादी थी इसलिए सभी लोग गांव गए हुए थे। सिर्फ गौरव अकेला घर पर था।
इसी बीच प्रियंका के परिजनों ने फतहपुर थाने पर गौरव के खिलाफ उनके घर पर गोली
चलाने व धमकाने का झुठा मुकदमा दर्ज कराया था। 15 जून को दोनो पक्ष में
आपस में बैठ कर फैसला की बात करना तय हुआ था। रमेश कुमार के अनुसार फैसले का धोखा
देकर उससे पहले ही प्रियंका के पिता रविंद्र, भाई जितेंद्र, चाचा नरेंद्र और एक
अन्य रिश्तेदार अनिल कुमार ने उसकी हत्या कर दी। यह पूछे जाने पर की पुलिस इसे
आत्महत्या का मामला बता रही थी। रमेश ने कहा कि गौरव के सिर पर बाई ओर गोली लगी
थी। गौरव राइट हैंडेड था, वह
बाई ओर गोली कैसे मार सकता था। उनके अनुसार गौरव का फोन भी उसके पास से नहीं मिला
है। उसके पास से सिर्फ सिम बरामद हुआ है। एसओ मेडिकल कॉलेज राकेश सिंह यादव का
कहना है कि गौरव के पिता की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले
की सभी एंग्ल से जांच की जा रही है।
Monday, June 15, 2015
जंगल में साधु का शव मिला
यहां एक जंगल में साधु का शव मिला है। पेट में त्रिशुल
घोंप कर उनकी हत्या की गई है। पुलिस हत्या के आरोपियों की तलाश कर रही है।
सैफपुर के जंगल में एक
साधु की पेट में त्रिशूल मारकर हत्या कर दी गई। उसके बाद शव को खेत में फेंक दिया
गया। बुधवार सुबह खेत पर काम करने गए मांगेराम ने खेत पर शव पड़ा देखा। उसकी आवाज
सुनकर खेत पर काम कर रहे लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस
ने शव की पहचान जयनाथ के रूप में की है। ग्रामीणों का कहना है कि महाराज पांडवान
के जंगल में कुटी बनाकर अकेला रहते थे। गांव में महाराज का न तो परिवार का सदस्य
है और न ही कोई रिश्तेदार है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Friday, June 12, 2015
मेरठ में मेट्रो का निर्माण
मेरठ में मेट्रो की तैयारियों पर राइट्स कंपनी ने कमिश्नर की
अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रोजेक्ट का शुरुआती मॉडल पेश किया है। इसके मुताबिक, दो कॉरिडोर में भूमिगत और एलिवेटेड
मार्ग पर मेट्रो दौड़ेगी। लगभग हर एक किमी पर एक स्टेशन होगा। कंपनी अगले तीन
महीनों में प्रारंभिक डीपीआर तैयार कर प्रदेश सरकार को सौंप देगी। 2016 के अंत या फिर 2017 की शुरुआत तक मेरठ में मेट्रो का
निर्माण शुरू हो जाएगा।
गुरुवार को कमिश्नर आलोक सिन्हा की
अध्यक्षता में एमडीए सभागार में मेरठ मेट्रो की बैठक हुई। इसमें राइट्स (रेल
इन्फ्रा टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस) कंपनी की तरफ से महाप्रबंधक पीयूष गोयल ने
प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने मेट्रो परियोजना का शुरुआती मॉडल पेश करते हुए बताया कि
मेरठ में मेट्रो के दो कॉरिडोर होंगे। पहला कॉरिडोर परतापुर से बेगमपुल होते
पल्लवपुरम फेज-2
तक 20 किमी का होगा। इसमें परतापुर से
बेगमपुल तक भूमिगत ट्रैक बनाया जाएगा। बेगमपुल से पल्लवपुरम एलिवेटेड मार्ग होगा।
इसके बीच कुल 18
स्टेशन प्रस्तावित हैं।
20 किमी का यह सफर 35 मिनट में पूरा होगा। वहीं, दूसरे कॉरिडोर में रजबन बाजार से
गोकुलपुर गांव के बीच कुल 9 स्टेशन
होंगे, यह दूरी सिर्फ 20 मिनट में तय की जाएगी। गोकुलग्राम
में एक डीपो भी प्रस्तावित है। कंपनी ने बताया कि भूमिगत मार्ग को बनाने और
रख-रखाव में खर्च अधिक होगा, इसलिए
केवल 10 किमी मार्ग को ही भूमिगत रखा गया
है। कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि इस पूरी परियोजना में 8-10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
भूमिगत मार्ग के निर्माण में प्रति किमी 350 करोड़
की लागत आएगी। वहीं, एलिवेटेड
मार्ग में यह खर्च एक किमी पर सिर्फ 250 करोड़
रुपये ही आएगा।
ये होंगे प्रमुख स्टेशन
20 किमी
के पहले कॉरिडोर में परतापुर, पंचवटी
एंक्लेव, रिठानी, रिठानी पश्चिम, शताब्दीनगर, देवलोक, माधवपुरम, मेरठ रेलवे स्टेशन रोड, लाजपत बाजार (भैसाली बस अड्डे के
पास), बेगमपुल, गांधीबाग, लेखानगर, पल्लवपुरम डोरली, अंसल सिटी व पल्लवपुरम फेस-2 प्रमुख स्टेशन होंगे। इसमें
परतापुर से रिठानी पश्चिम तक ऐलिवेटेड व शताब्दीनगर से लेखानगर तक भूमिगत मेट्रो
चलेगी। परतापुर में 20 हेक्टेयर
में और पल्लवपुरम में 15 हेक्टेयर
में डिपो का निर्माण प्रस्तावित है।
दूसरा कॉरिडोर पूरी तरह एलीवेटेड
होगा, जो रजबन बाजार से शुरू होगा। इसमें
प्रमुख स्टेशन रजबन बाजार, आबूनाला, हापुड़ रोड, जीआईसी, शिवाजी पार्क, हापुड़ अड्डा, गढ़ स्टैंड, तेजगढ़ी, मेडिकल कॉलेज, राधा गोविंद कॉलेज और गोकुलपुर
विलेज होंगे। यह मार्ग भी 10 किलोमीटर
का होगा। गोकुलपुर में 15 हेक्टेयर
में डिपो का निर्माण किया जाएगा।
Tuesday, June 9, 2015
बच्चे के परिजनों और जूनियर डॉक्टर के बीच हाथापाई
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए एडमिट एक 3 साल के बच्चे के
परिजनों और जूनियर डॉक्टर के बीच हाथापाई हो गई। अरोप है कि बच्चे के परिजनों ने
जूनियर डॉक्टर की पिटाई कर दी। इससे आक्रोशित जूनियर डॉक्टर्स हड़ताल पर चले गए।
बाद में पीड़ित डॉक्टर ने 3 आरोपियों
के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के
बाद डॉक्टर्स फिर से काम पर वापस आ गए।
किनानगर
के कपिल का बेटा अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती था। कपिल की पत्नी सुशीला ने बताया
कि डॉक्टरों ने बच्चे में खून की कमी बताई थी। कहा था कि उसे खून चढ़ाया जाएगा।
सुशीला का आरोप है कि उनके बार-बार कहने के बावजूद डॉक्टर उसके बच्चे के इलाज पर
ध्यान नहीं दे रहे थे। इस बात पर कपिल की बेटे का इलाज कर रहे जूनियर डॉक्टर सुबोध
से कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ी की उनके बीच हाथापाई होने लगी। आरोप है कि कपिल और
उसके दो रिशतेदारों ने डॉ. सुबोध के साथ मारपीट की। इससे जूनियर डॉक्टरों में रोष
फैल गया और उन्होने हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी। जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल की
सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बंद कर दी गई। वहां आए मरीज और उनके
तीमारदार इधर उधर भटकने लगे। सूचना पर पुलिस और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अधिकारी
पहुंचे, उन्होने
जूनियर डॉक्टरों से बात की। एसओ मेडिकल ने बताया कि पीड़ित डॉक्टर की तहरीर पर
मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अरोपियों की गिरफ्तारी
के बाद जूनियर डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी। लगभग 3 घंटे तक हड़ताल चली।
Thursday, June 4, 2015
सोहनलाल सदमें में है
मुम्बई की नर्स अरूणा शानबाग पर हमला करने के आरोप में सजा काट चुका यूपी के
जिला हापुड़ के गांव पारपा का रहने वाला सोहनलाल भरता वाल्मीकि को इन दिनों समाज
के लगातार विरोध और आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। उसके इस कुकृत्य के लिए उसे
नौकरी से निकाला जा चुका है। वह दादरी के एनटीपीसी में सफाई कर्मचारी का काम किया
करता था।
नौकरी से निकाले जाने की खबर मिलने के बाद से सोहनलाल सदमें में है और दो दिन उसने खाना पीना भी छोड़ दिया है।
नौकरी से निकाले जाने की खबर मिलने के बाद से सोहनलाल सदमें में है और दो दिन उसने खाना पीना भी छोड़ दिया है।
बताया जा रहा है कि सोहनलाल दिल की बीमारी से पीड़ित है और लोगों के आक्रोश से
बचाने के लिए पुलिस ने उसको सुरक्षा दी है। इतना ही नहीं प्रशासन ने भी अपना
लेखपाल उसकी देखरेख में लगा दिया है। पूरे गांव को सोहनलाल से सहानुभूति है। वहीं
ग्रामीणों व उसके परिवार वालों ने मीडिया को धमकी दी है यदि मीडिया दोबारा गांव
में आएगी तो वे उसे छोड़ेंगे नहीं और काटकर नहर में बहा देंगे।
नौकरी छूटने के बाद सोहनलाल ने खाना-पीना छोड़ दिया है। सोहनलाल बीमार हालत में है और उससे चला भी नहीं जा रहा। नौकरी के छूट जाने के गम में उसने खाना पीना सब छोड़ दिया है। सोहनलाल के साथ किसी प्रकार की कोई अनहोनी ना हो जाए इसलिए उसकी सुरक्षा में एक दरोगा और दो सिपाही घर पर तैनात किए गए हैं। गांव की महिलाएं मीडिया पर अपनी भड़ास निकाल रही हैं, तो सोहनलाल अपने आप को निर्दोष बताकर माफी मांग रहा है।
पंचायत द्वारा गांव से निकालने की बात पर पूरे गांव ने विरोध कर दिया कि सोहनलाल निर्दोष है। पूरा गांव और समाज उसके साथ है। उनका कहना है कि उसकी हालत दयनीय है और ऐसी हालत में उसे गांव से नहीं निकाला जाना चाहिए। वैसे भी सोहनलाल अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है।
नौकरी छूटने के बाद सोहनलाल ने खाना-पीना छोड़ दिया है। सोहनलाल बीमार हालत में है और उससे चला भी नहीं जा रहा। नौकरी के छूट जाने के गम में उसने खाना पीना सब छोड़ दिया है। सोहनलाल के साथ किसी प्रकार की कोई अनहोनी ना हो जाए इसलिए उसकी सुरक्षा में एक दरोगा और दो सिपाही घर पर तैनात किए गए हैं। गांव की महिलाएं मीडिया पर अपनी भड़ास निकाल रही हैं, तो सोहनलाल अपने आप को निर्दोष बताकर माफी मांग रहा है।
पंचायत द्वारा गांव से निकालने की बात पर पूरे गांव ने विरोध कर दिया कि सोहनलाल निर्दोष है। पूरा गांव और समाज उसके साथ है। उनका कहना है कि उसकी हालत दयनीय है और ऐसी हालत में उसे गांव से नहीं निकाला जाना चाहिए। वैसे भी सोहनलाल अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है।
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