मेरठ में मेट्रो की तैयारियों पर राइट्स कंपनी ने कमिश्नर की
अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रोजेक्ट का शुरुआती मॉडल पेश किया है। इसके मुताबिक, दो कॉरिडोर में भूमिगत और एलिवेटेड
मार्ग पर मेट्रो दौड़ेगी। लगभग हर एक किमी पर एक स्टेशन होगा। कंपनी अगले तीन
महीनों में प्रारंभिक डीपीआर तैयार कर प्रदेश सरकार को सौंप देगी। 2016 के अंत या फिर 2017 की शुरुआत तक मेरठ में मेट्रो का
निर्माण शुरू हो जाएगा।
गुरुवार को कमिश्नर आलोक सिन्हा की
अध्यक्षता में एमडीए सभागार में मेरठ मेट्रो की बैठक हुई। इसमें राइट्स (रेल
इन्फ्रा टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस) कंपनी की तरफ से महाप्रबंधक पीयूष गोयल ने
प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने मेट्रो परियोजना का शुरुआती मॉडल पेश करते हुए बताया कि
मेरठ में मेट्रो के दो कॉरिडोर होंगे। पहला कॉरिडोर परतापुर से बेगमपुल होते
पल्लवपुरम फेज-2
तक 20 किमी का होगा। इसमें परतापुर से
बेगमपुल तक भूमिगत ट्रैक बनाया जाएगा। बेगमपुल से पल्लवपुरम एलिवेटेड मार्ग होगा।
इसके बीच कुल 18
स्टेशन प्रस्तावित हैं।
20 किमी का यह सफर 35 मिनट में पूरा होगा। वहीं, दूसरे कॉरिडोर में रजबन बाजार से
गोकुलपुर गांव के बीच कुल 9 स्टेशन
होंगे, यह दूरी सिर्फ 20 मिनट में तय की जाएगी। गोकुलग्राम
में एक डीपो भी प्रस्तावित है। कंपनी ने बताया कि भूमिगत मार्ग को बनाने और
रख-रखाव में खर्च अधिक होगा, इसलिए
केवल 10 किमी मार्ग को ही भूमिगत रखा गया
है। कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि इस पूरी परियोजना में 8-10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
भूमिगत मार्ग के निर्माण में प्रति किमी 350 करोड़
की लागत आएगी। वहीं, एलिवेटेड
मार्ग में यह खर्च एक किमी पर सिर्फ 250 करोड़
रुपये ही आएगा।
ये होंगे प्रमुख स्टेशन
20 किमी
के पहले कॉरिडोर में परतापुर, पंचवटी
एंक्लेव, रिठानी, रिठानी पश्चिम, शताब्दीनगर, देवलोक, माधवपुरम, मेरठ रेलवे स्टेशन रोड, लाजपत बाजार (भैसाली बस अड्डे के
पास), बेगमपुल, गांधीबाग, लेखानगर, पल्लवपुरम डोरली, अंसल सिटी व पल्लवपुरम फेस-2 प्रमुख स्टेशन होंगे। इसमें
परतापुर से रिठानी पश्चिम तक ऐलिवेटेड व शताब्दीनगर से लेखानगर तक भूमिगत मेट्रो
चलेगी। परतापुर में 20 हेक्टेयर
में और पल्लवपुरम में 15 हेक्टेयर
में डिपो का निर्माण प्रस्तावित है।
दूसरा कॉरिडोर पूरी तरह एलीवेटेड
होगा, जो रजबन बाजार से शुरू होगा। इसमें
प्रमुख स्टेशन रजबन बाजार, आबूनाला, हापुड़ रोड, जीआईसी, शिवाजी पार्क, हापुड़ अड्डा, गढ़ स्टैंड, तेजगढ़ी, मेडिकल कॉलेज, राधा गोविंद कॉलेज और गोकुलपुर
विलेज होंगे। यह मार्ग भी 10 किलोमीटर
का होगा। गोकुलपुर में 15 हेक्टेयर
में डिपो का निर्माण किया जाएगा।
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