Monday, June 29, 2015

आरोपी से पूछताछ

खुद को समाजवादी पार्टी का महासचिव रामगोपाल यादव बता कर एसपी के एक स्थानीय नेता से 5 लाख रुपये की मांग कर रहे एक युवक को थाना लिसाड़ी गेट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि मांग पूरी न होते देख एसपी के स्थानीय नेता के खिलाफ रेप का फर्जी मामला दर्ज करवाने के लिए थाने में तहरीर भी दिलवाई थी। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

समरगार्डन के सरफराज राणा दक्षिणी विधानसभा के एसपी के अध्यक्ष हैं। उन्होंने थाना लिसाड़ी गेट के एसओ रविंद्र सिंह को तहरीर देकर जानकारी दी थी कि उनके फोन पर कई दिनो से कॉल कर 5 लाख रुपये की मांग की जा रही है। कॉल करने वाला खुद को एसपी का महासचिव प्रोफेसर रामगोपल यादव बताता है। इस पर पुलिस ने उस नंबर को सर्विलांस पर लेकर ट्रैस किया तो वह नंबर लिसाड़ी गेट क्षेत्र के रहने वाले आसिफ का निकला। इसी दौरान आसिफ को लगा कि सरफराज उसे रुपये नहीं देगा और शायद पुलिस को उसने जानकारी दे दी है। इस पर उसने चांदनी के नाम से एक तहरीर पुलिस को दिलवाई जिसमें सरफराज पर रेप का आरोप लगाया गया था। एसओ लिसाड़ी गेट रविंद्र सिंह ने बताया कि जांच के दौरान उन्हें पता चला कि रेप की तहरीर पर वादी का जो पता लिखा है, वह फर्जी है और चांदनी नामक किसी युवती का भी कोई पता नहीं लग पाया। पुलिस ने शनिवार की देर रात आसिफ को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने स्वीकार कर लिया कि वह खुद को प्रोफेसर राम गोपाल यादव बता कर सरफराज से 5 लाख रुपये की मांग कर रहा था। एसओ के अनुसार उसे चांदनी नामक महिला की कहीं से आईडी मिल गई थी। उससे ही उसने सिम कार्ड खरीदा था। उसी सिम से वह लोगों को धमका कर रुपये की मांग किया करता था। वह लोगों को रुपये न देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दिया करता था। एसओ ने बताया कि पूछताछ के दौरान आसिफ ने यह भी कबूल कर लिया कि उसने ही चांदनी के नाम से सरफराज के खिलाफ रेप की झूठी तहरीर दिलवाई थी। एसओ के अनुसार कभी रामगोपाल यादव तो कभी उनके पीए के नाम पर एसपी के नेताओं को फोन कर रुपये की मांग किया करता था। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफतार कर लिया है।

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