Thursday, July 16, 2015

कारों को बुलेट व बम प्रूफ बनाना

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यहां के नेताओं ने अपनी कारों को सुरक्षित बनाने के लिए मेरठ को चुना है। यहां की एक कंपनी कारों को बुलेट व बम प्रूफ बना रही है। कंपनी इसके लिए प्रति कार 15 लाख से 28 लाख लेती है। कंपनी के डायरेक्टर की माने तो बिहार से एक माह में 500 कारों को बुलेट प्रूफ बनाने का आर्डर उन्हे मिल चुका है। लगभग 1000 कार मालिक उनके संपर्क में हैं।
सितंबर में बिहार में विधान सभा चुनाव होने हैं। बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए वहां के नेता भी अपनी सिक्युरिटी को लेकर चिंतित हैं। बड़ी संख्या में नेता फॉरच्यूनर, पजेरो, स्कॉर्पियो और सफारी जैसी गाड़िया मेरठ आ रही हैं। मेरठ की बुलेट प्रूफ सिस्टम लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर बलविंदर सिंह शेखो की माने तो अब तक उन्हें 500 गाड़ियों को बुलेट प्रूफ बनाने के आर्डर मिल चुके हैं। इनमें से कई गाड़ियों पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि करीब एक हजार लोग उनसे अपनी कारो को सुरक्षित बनवाने के लिए पूछताछ भी कर चुके हैं। उनका दावा है कि उनकी कंपनी कारों को बुलेट व बम से पूरी तरह सुरक्षित बनाती है। इसके लिए कार के मालिक को 15 से 28 लाख तक का खर्च करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि स्कॉर्पियो और सफारी जैसी गाड़ियों को बुलेट पूफ बनाने पर 15 लाख खर्च आता है। जबकि फॉरच्यूनर व पजेरो को बुलेट प्रूफ बनाने के लिए 17 लाख का खर्च आता है। अगर कोई इन गाड़ियों को बमप्रूफ भी बनाना चाहता है तो इसके लिए उसे 7 से 8 लाख का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता है।
ऐसे बनती है बुलेट प्रूफ

शेखो ने बताया कि कार को बुलेट व बम से सुरक्षित बनाना एक जटिल प्रक्रिया है। इसमें सबसे पहले कार के टायर में बैलेस्टिक फाइबर लगाकर इसे बुलेट रोधी बनाया जाता है। इसके बाद कार के फ्यूल टैंक पर अभेद्य स्टील का कवर चढ़ाया जाता है। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर हम इसे बमरोधी बना देते हैं। इसके साथ ही कार की विंडो और इसके ग्लास को भी सुरक्षा प्रदान करने के साथ कार के रेडियटर को भी पूर्ण रूप से सुरक्षित करने के लिए दोहरी बैटरी प्रणाली तैयार की जाती है। कार की छत और फ्लोर पर भी हाईग्रेड स्टील की चादर चढ़ाई जाती है। उन्होंने बताया कि वैसे तो क्लाइंट के लिहाज से बिहार उनके लिए महत्वपूर्ण स्टेट है। वहां की कानून-व्यवस्था के कारण वहां के नेता ही नही व्यापारी व डॉक्टर भी उनके यहां से अपनी कारें लेकर आते हैं। झारखंड व छत्तीसगढ़ क्षेत्र से जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र से उन्हें कार को बमरोधी के ज्यादा आर्डर मिलते हैं। बिहार जेडीयू के नेता व राज्यसभा सदस्य अली अनवर बिहार में खराब कानून व्यवस्था की बात से इनकार करते हैं। वे कहते है कि कुछ लोग दिखावे के लिए इस तरह के काम करते रहते हैं।

Tuesday, July 14, 2015

दोनों समुदाय के लोग आमने सामने

यहां के संवेदनशील क्षेत्र मलियाना स्थित एक कब्रिस्तान में नाली का पानी निकाले जाने को लेकर एक समुदाय के लोगों ने एक पार्षद की पिटाई कर दी। इस पर दोनों समुदाय के लोग आमने सामने आ गए। उनके बीच मारपीट व पथराव हुआ। सूचना पर एसपी सिटी और एडीएम सिटी भारी मात्रा में फोर्स लेकर वहां पहुंचे। अधिकारियों ने किसी तरह समझाबुझा कर दोनों पक्षों को शांत किया। पुलिस दोनों पक्षों में समझौते का प्रयास कर रही है। क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए वहां भारी मात्रा में फोर्स तैनात कर दी गई है।
टीपीनगर थानाक्षेत्र के मलियाना की मील कॉलोनी में पानी भरा हुआ था। जिसके कारण आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। पार्षद पक्ष के कुछ लोगों ने पानी को कब्रिस्तान की ओर निकाल दिया। जिसे लेकर दूसरे संप्रदाय के लोगों का गुस्सा भड़क गया। आरोप है कि गुस्साएं लोगों ने पार्षद प्रवीन को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट कर दी। बाद में दोनों संप्रदाय आमने-सामने आ गए। दोनों तरफ के लोगों ने पथराव करते हुए दो घंटे तक उत्पात मचाया। इस दौरान लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि पथराव में दोनों ओर से 5 लोग घायल हो गए। सूचना पर एसपी सिटी व एडीएम सिटी तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। पुलिस का कहना है कि रास्ते में पानी भरा हुआ था। कुछ लोगों ने कब्रिस्तान में पानी निकाल दिया। जिस पर कुछ लोगों ने एक-दूसरे पर पथराव किया। फिलहाल स्थिति सामान्य है।
एसओ टीपी नगर ने बताया कि उन्हें किसी भी पक्ष से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है, लेकिन पुलिस कड़ी नजर रखे हुए है। किसी को भी शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वही यह सूचना भी मिल रही है कि पुलिस दोनों पक्षों में समझौता कराने का प्रयास भी कर रही है

Friday, July 10, 2015

गोली लगने से मौत


मेरठ जिले के थाना खरखौदा क्षेत्र के गांव हाजीपुर में दो पक्षों में हुए हिंसक संघर्ष में एक महिला की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। बुधवार देर रात हुई इस घटना के बाद गांव में तनाव है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात की गई है। जिला पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि हाजीपुर गांव निवासी कल्लू उर्फ जुब्बैर की बुधवार रात ऑटो खड़ा करने के विवाद को लेकर पड़ोसी सलमान से कहासूनी के बाद मारपीट हो गई। घटना के बाद कल्लू की मां नसरीन आरोपी सलमान के खिलाफ पुलिस में तहरीर देकर घर लौट रही थी, तभी दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद हिंसक संघर्ष हो गया। इस संघर्ष में सलमान द्वारा तमंचे से चलाई गई गोली से नसरीन (48) गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसकी बाद में अस्पताल में मौत हो गई। हिंसक संघर्ष में कल्लू और उसके भाई समेत 3 लोग घायल हो गए। प्रवक्ता के अनुसार आरोपी हमलावर सलमान की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।

Wednesday, July 8, 2015

मरने से पहले यहां बिजली के पोल को खड़े देखना चाहता हूं

मेरठ से मात्र 10 किलोमीटर दूर 1952 में बसी मेरठ के रेड़ा बस्ती में आजादी के इतने सालों बाद भी बिजली नहीं पहुंची है। बदलते समय ने इस बस्ती को नया नाम और ओहदा दिया, लेकिन नहीं मिली तो बिजली सप्लाई। गांव के बुजुर्ग किरनचंद कश्यप का कहना है कि गांव से 3 किलोमीटर दूर कांशी गांव के रेजिडेंट्स 1952 में यहां आकर बस गए थे। उस समय वे पुआल की झोपड़ियों और कच्चे मकानों में रहने लगे। 1980 के शुरुआत में उनके मकान पक्के हो गए।
हालांकि मेरठ नगर निगम ने इसे अवैध शहरी बस्ती करार दिया। मामला कोर्ट पहुंचा। 1987 में गांव वालों की जीत हुई। इस गांव को कश्यप कॉलोनी नाम मिला और नगर पालिका के तहत इसे शहरी गांव घोषित कर दिया गया। इतना कुछ होने के बाद भी इस गांव में अब तक बिजली नहीं पहुंची है। कश्यप ने बताया कि यहां रहने वाली कई पीढ़ियां बिना पंखा देखे ही मर गईं।
एनजीओ मेरठ नागरिक अधिकार मंच (एमएनएएम) ने इस गांव में फिल्ड रिसर्च कर डेटा जुटाए। संस्था के संयोजक पंकज शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में हमने इस गांव का कई बार दौरा किया। यहां 2000 रेजिडेंट्स रहते हैं। इनमें से ज्यादातर अशिक्षित हैं, इसकी एक प्रमुख वजह बिजली का नहीं होना भी है। गांव के बच्चे सूरज डूबने से पहले अपनी पढ़ाई पूरी कर लेते हैं। एग्जाम के समय वे मोमबत्ती की धुंधली रोशनी में पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
शर्मा ने बताया कि ज्यादातर गांव वाले राजमस्त्री और किसान हैं। गांव में एक ट्यूबवैल है, लेकिन इसे चलाने के लिए बिजली नहीं है। गांव वाले कैरासिन वाले जनरेटर का इस्तेमाल इस ट्यूबवैल से पानी निकालने के लिए करते हैं। वॉटर सप्लाई यहां की दूसरी सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने बताया कि यहां 5 हैंडपंप है जिनमें से 2 ही काम करते हैं।
नगर निगम के अधिकारी इस बारे में कुछ बताने के लिए उपलब्ध नहीं थे। हालांकि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के सुप्रिंटेंडिंग इंजीनियर पीके निगम ने बताया कि कश्यप कॉलोनी के लोगों की समस्याओं से मैं वाकिफ हूं। पिछले महीने इस मसले पर मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल, डीएम पंकज यादव और निगम के अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई थी। कश्यप कॉलोनी शहरी क्षेत्र के लिए चलाए जा रहे इंटीग्रेटेड पावर डिवेलपमेंट स्कीम का पार्ट है। उससे इस बारे में पूछा गया है कि इस गांव को बिजली कब मिलेगी। उन्होंने कहा कि हालांकि यह स्कीम अभी शुरू नही हुई है, लेकिन जल्द ही यह शुरू हो जाएगी।

एक लंबे अनुभव के बाद यहां के रेजिडेंट्स बिना बिजली के रहने के आदि हो चुके हैं। जब हम आजादी के तुरंत बाद यहां सेटल हुए तो हम इस उम्मीद के साथ आए थे कि हम अपनी आने वाली जनरेशन को अपने से बेहतरीन लाइफ दे सकेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। गांव को जोड़ने वाली पक्की सड़क भी नहीं है। यहां का सबसे नजदीकी अस्पताल पीएल शर्मा जिला अस्पताल है जो यहां से 20 किलोमीटर दूर है। यहां रहने वाले 70 साल के खालिद अहमद का कहना है कि मरने से पहले मैं यहां बिजली के पोल को खड़े देखना चाहता हूं।

Monday, July 6, 2015

अपनी पत्नी की हत्या कर दी

यूपी के मेरठ में एक शराबी पति ने जो निर्मम हरकत की, इसे अमानवीय ही नहीं दानवी कहा जाना उचित होगा। इस शराबी आदमी ने पहले तो अपनी पत्नी की हत्या कर दी और फिर तीन दिन तक शव को घर में छुपाए रखा। दुर्गंध आने पर लोगों को शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर से महिला के शव को बरामद करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, सोवा में सोमेन्द्र अपनी पत्नी ज्योति के साथ रहता था। दोनों की शादी पांच साल पहले हुई थी। बताया जा रहा है कि ज्योति का मायका बंगाल में था। शराब पीकर आए दिन पत्नी से झगड़ा करना उसके लिए एक आम बात थी।
लोगों को तब शक हुआ जब तीन दिन से मोहल्ले वालों ने ज्योति को नहीं देखा था। पड़ोसियों ने सोमेन्द्र से पूछा तो इसने बताया कि वह मायके गई है। जब शव से महक उठने लगी और बाहर फैलने लगी तो पड़ोसियों को शक हुआ। पुलिस ने ज्योति का शव बरामद किया पर इससे पहले कि पुलिस आरोपी पति को पकड़ पाती, वह भाग गया। बाद में उसको गांवडी गांव से गिरफ्तार किया गया।

Thursday, July 2, 2015

ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा

साध्वी प्राची ने एक बार फिर विवादित बयान देते हुए बुधवार को कहा कि अगर अमरनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों को इस बार कोई खतरा हुआ, तो इसका खमियाजा हज यात्रियों को भी भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। साध्वी ने कहा कि ऐसे आतंकी हमले अमरनाथ, वैष्णो देवी, कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं पर ही क्यों होते हैं, हज करने वालो पर क्यों नहीं होते। उन्होंने कहा कि न तो उनके पास बीजेपी में कोई पद है और न ही वीएचपी में।

Wednesday, July 1, 2015

कार और एक बाइक की मंगलवार दोपहर की भिडंत

मेरठ में तैनात अडिशनल कमिश्नर (वित्त) की कार और एक बाइक की मंगलवार दोपहर की भिडंत हो गई। बाइक पर दो युवक सवार थे। इस हादसे में बाइक सवार एक युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों युवक शादी के कार्ड बांटने हापुड़ जा रहे थे। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सबसे पहले कार पर लगी नीली बत्ती को उतारकर कार में बैठी अधिकारी को वहां से रवाना कर दिया। बाद में पुलिस ने बताया कि कार के फरार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।

मेरठ के जयदेवी नगर निवासी अंकुर पुत्र अजय पाल के बड़े भाई रूचित की 28 जूलाई को शादी है। अंकुर मंगलवार को अपने साथी 35 साल के नीरज निवासी हापुड़ के साथ बाइक पर सवार होकर अपनी भाई के शादी के कार्ड बांटने के लिए हापुड़ जा रहा था। करीब 11:30 बजे लालपुर के पास उनकी बाइक सामने से आ रही नीली बत्ती लगी स्टील ग्रे कलर की होंडा अमेज कार संख्या यूपी 16 यूवी 5367 से टकरा गई। इस दुर्घटना में बाइक पर सवार नीरज को मौके पर ही मौत हो गई और अंकुर गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही कार के उपर लगी नीली बत्ती उतार ली और कार की पिछली सीट पर बैठी महिला को वहां से रवाना कर दिया। घायल को मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पर मीडिया सक्रिय हुआ तो पता चला कि कार के पीछे बैठी महिला मेरठ की अडिशनल कमिशनर वित्त अनिता सिंह थीं। वह नोएडा से मेरठ आ रही थीं। एसओ खरखौदा मनोज सिंह ने बताया कि कार का चालक शमशुद्दीन दुर्घटना के बाद मौके से फरार हो गया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।