बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यहां के नेताओं ने अपनी कारों को
सुरक्षित बनाने के लिए मेरठ को चुना है। यहां की एक कंपनी कारों को बुलेट व बम
प्रूफ बना रही है। कंपनी इसके लिए प्रति कार 15 लाख से 28 लाख
लेती है। कंपनी के डायरेक्टर की माने तो बिहार से एक माह में 500 कारों को बुलेट प्रूफ बनाने का
आर्डर उन्हे मिल चुका है। लगभग 1000 कार
मालिक उनके संपर्क में हैं।
सितंबर में बिहार में विधान सभा
चुनाव होने हैं। बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए वहां के नेता भी
अपनी सिक्युरिटी को लेकर चिंतित हैं। बड़ी संख्या में नेता फॉरच्यूनर, पजेरो, स्कॉर्पियो और सफारी जैसी गाड़िया
मेरठ आ रही हैं। मेरठ की बुलेट प्रूफ सिस्टम लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर बलविंदर
सिंह शेखो की माने तो अब तक उन्हें 500 गाड़ियों
को बुलेट प्रूफ बनाने के आर्डर मिल चुके हैं। इनमें से कई गाड़ियों पर काम चल रहा
है। उन्होंने बताया कि करीब एक हजार लोग उनसे अपनी कारो को सुरक्षित बनवाने के लिए
पूछताछ भी कर चुके हैं। उनका दावा है कि उनकी कंपनी कारों को बुलेट व बम से पूरी
तरह सुरक्षित बनाती है। इसके लिए कार के मालिक को 15 से 28 लाख
तक का खर्च करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि स्कॉर्पियो और सफारी जैसी गाड़ियों को
बुलेट पूफ बनाने पर 15 लाख
खर्च आता है। जबकि फॉरच्यूनर व पजेरो को बुलेट प्रूफ बनाने के लिए 17 लाख का खर्च आता है। अगर कोई इन
गाड़ियों को बमप्रूफ भी बनाना चाहता है तो इसके लिए उसे 7 से 8 लाख का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता है।
ऐसे बनती है बुलेट प्रूफ
शेखो ने बताया कि कार को बुलेट व
बम से सुरक्षित बनाना एक जटिल प्रक्रिया है। इसमें सबसे पहले कार के टायर में
बैलेस्टिक फाइबर लगाकर इसे बुलेट रोधी बनाया जाता है। इसके बाद कार के फ्यूल टैंक
पर अभेद्य स्टील का कवर चढ़ाया जाता है। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर हम इसे बमरोधी
बना देते हैं। इसके साथ ही कार की विंडो और इसके ग्लास को भी सुरक्षा प्रदान करने
के साथ कार के रेडियटर को भी पूर्ण रूप से सुरक्षित करने के लिए दोहरी बैटरी प्रणाली
तैयार की जाती है। कार की छत और फ्लोर पर भी हाईग्रेड स्टील की चादर चढ़ाई जाती
है। उन्होंने बताया कि वैसे तो क्लाइंट के लिहाज से बिहार उनके लिए महत्वपूर्ण
स्टेट है। वहां की कानून-व्यवस्था के कारण वहां के नेता ही नही व्यापारी व डॉक्टर
भी उनके यहां से अपनी कारें लेकर आते हैं। झारखंड व छत्तीसगढ़ क्षेत्र से जैसे
नक्सल प्रभावित क्षेत्र से उन्हें कार को बमरोधी के ज्यादा आर्डर मिलते हैं। बिहार
जेडीयू के नेता व राज्यसभा सदस्य अली अनवर बिहार में खराब कानून व्यवस्था की बात
से इनकार करते हैं। वे कहते है कि कुछ लोग दिखावे के लिए इस तरह के काम करते रहते
हैं।
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