पराग डेयरी के कर्मचारियों से 41 लाख की लूट करने के मामले में एक विकलांग को पूछताछ के नाम पर उठाने और उस पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किए जाने का पुलिस पर आरोप है। पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि कस्टडी से वापस आने के बाद से ही पीड़ित की मानसिक स्थिति खराब है। उन्होंने एसपी देहात से मिलकर थाना परतापुर पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी देहात ने इस मामले की जांच सीओ ब्रहमपुरी को सौप दी है।
परतापुर थाना क्षेत्र के अछरौंडा गांव निवासी प्रेम वीर सोमवार को अपने परिजनों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंचे। उनके साथ उनका बेटा नितिन कश्यप भी था। प्रेम वीर ने बताया कि 16 जुलाई की रात करीब 10 बजे 7-8 पुलिस वाले उनके घर पहुंचे। उनमें से एक ने अपना नाम आदिल बताया था। पुलिस वाले ने कहा कि उन्हें पराग डेयरी के कैश लूट के मामले में नितिन से पूछताछ करनी है। यह कह कर वे नितिन को अपने साथ ले गए। प्रेम वीर ने बताया कि उनका बेटा नितिन शरीरिक रूप से विकलांग है। प्रेम वीर ने बताया कि अगले दिन सुबह करीब तीन बजे नितिन गांव के बाहर पड़ा मिला। उस समय उसकी स्थिति ठीक नहीं थी और वह बेहद घबराया हुआ था। उसे मोदीनगर इलाज के लिए ले जाया गया। डॉक्टर ने बताया कि उसके दिमाग पर गहरी चोट लगी है, जिससे उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। एसपी देहात एमएम बेग ने कहा कि दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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