13 जुलाई
को पराग डेयरी के कर्मचारियों से हुई 41 लाख
की लूट की योजना मेरठ जेल में तैयार की गई थी। नीरज भाटी गैंग के सक्रिय सदस्य
गुड्डू उर्फ विजय ने जेल से बाहर आने के बाद अपने साथियों के साथ मिलकर योजना को
अंजाम देने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया था। लूट की कोशिश में वे दो बार असफल
रहने के बाद तीसरी बार अपनी योजना में सफल हो गए। मेरठ क्राईम ब्रांच पुलिस द्वारा
पकड़े गए गुड्डू और उसके 6 साथियों
ने पुलिस को यह जानकारी दी है। पुलिस ने उनके पास से लूटे हुए 31 लाख रुपये और 7 असलहे बरामद किए हैं।
एसएसपी दिनेश चंद दूबे ने बताया कि
पराग डेयरी के कर्मचारियों से 41 लाख
का कैश लूटने के आरोप में मंगलवार को परतापुर थाना क्षेत्र से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में थाना इंचौली क्षेत्र का कपिल, मोहित और संजीव, थाना
दौराला क्षेत्र का गुड्डू और आश मोहम्मद और परतापुर का जिम्मी उर्फ हरजिंदर के
अलावा मुजफ्फरनगर के मीरापुर का पप्पू है। एसएसपी ने बताया कि इनका एक साथी कालू
अभी फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।
एसएसपी ने बताया कि लूट की घटना को
अंजाम देने के लिए तैयार किए गैंग का सरगना नीरज भाटी गैंग का सक्रिय सदस्य गुड्डू
है। जिन दिनों गुडडू मेरठ जेल में बंद था उसे नीरज गैंग के बदमाश उमेश पहलवान ने
पराग डेरी के कैश के सबंध में जानकारी दी थी। उन्ही दिनों एक रंजिश के मामले में
हरजिंदर भी जेल पहुंच गया था। गुड्डू और जिम्मी की जेल में मित्रता हो गई और
उन्होंने जेल में डेरी का कैश वैन लूटने की योजना बनाई। जिम्मी पहले जेल से बाहर
आया, उसके डेढ़ माह बाद गुडडू भी बाहर आ
गया था। जेल से बाहर आकर गुडडू ने परतापुर क्षेत्र स्थित पराग डेरी की रैकी करने
के बाद अपने साथियो से संपर्क साधा था।
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