Monday, September 24, 2012

महेंद्र, पवन, विकास, राजकुमार, सीटू और तीन अन्य के खिलाफ गैंग रेप का केस द

 बेटी के साथ गैंग रेप से आहत होकर जहर खाकर जान देने वाले व्यक्ति के शव का गांव वालों ने तब तक पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया है, जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं कर लिए जाते। बुधवार से शव सिविल अस्पताल के मुर्दाघर में रखा हुआ है। गुरुवार को दिनभर बड़ी संख्या में गांव के लोग सिविल अस्पताल परिसर में डटे रहे। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को पोस्टमॉर्टम के लिए मनाने की कोशिश करते रहे। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक गैंग रेप के आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाते तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे और न ही डेड बॉडी लेंगे। बेटी के साथ गैंग रेप से आहत बाप द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने के बाद सदर थाना हिसार कि पुलिस ने गांव डाबड़ा के युवक महेंद्र, पवन, विकास, राजकुमार, सीटू और तीन अन्य के खिलाफ गैंग रेप का केस दर्ज कर लिया है। 

Wednesday, September 12, 2012

देशद्रोह के आरोप


कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी के देशद्रोह के आरोप में अरेस्ट होने की घटना पर बीजेपी लीडर लालकृष्ण आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर पर सवाल किया है कि क्या मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था इमरजेंसी से भी खराब है? हालांकि, आडवाणी की इस तुलना पर एनडीए सहयोगी जेडी(यू) के प्रेजिडेंट शरद यादव ने कहा कि यह बढ़ा-चढ़ाकर दिया गया बयान है। उधर, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने असीम का समर्थन किया है।
कैप्शन: आपत्तिजनक कार्टून बनाने के आरोपी असीम त्रिवेदी बुधवार को रिहा कर दिए गए

Monday, September 10, 2012

अफजाल का नाम मुकदमे से निकाला गया तो जनता सड़क पर उतर कर उग्र आंदोल


 4 साल पहले कोतवाली थाना क्षेत्र में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी इजलाल के भाई अफजाल के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की तैयारी की सूचना मिलने पर विरोध में सोमवार को हिंदू दल भड़क गए। सैकड़ों लोगों ने बीजेपी, एवीवीपी व छात्र नेताओं के साथ डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अफजाल का नाम मुकदमे से निकाला गया तो जनता सड़क पर उतर कर उग्र आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेगी। डीएम ने शासन को मामले की गंभीरता से अवगत कराने का आश्वासन दिया है। 

4 साल पहले 22 मई 2008 को कोतवाली क्षेत्र निवासी हाजी इजलाल और उसके भाई अफजाल पर अपने साथियों के साथ 3 छात्र सुनील ढाका, पुनित गिरी व सुधीर उज्ज्वल की हत्या करने का आरोप लगा था। मरने वाला पुनीत गिरी दिल्ली क्राईम ब्रांच में इंस्पेक्टर एसके गिरी का भतीजा और सुनील ढाका यूपी पुलिस के हेड कांस्टेबल अनिल ढाका का भाई था। आरोप था कि तीनो की हत्या निर्मम तरीके से की गई। मारने से पहले उनकी आंखे भी फोड़ दी गईं। उनकी हत्या करने के बाद शवों को कार में डालकर बागपत जिले के बालैनी गांव क्षेत्र मे हिंडन के किनारे फेंक दिया गया था। पुलिस की जांच में पता लगा कि इजलाल ने अपनी प्रेमिका शीबा के कहने पर तीनो छात्रों को मौत के घाट उतारा था।
 

इस घटना से पूरे मेरठ में उबाल आ गया था। जनता में उमड़े आक्रोश को देखते हुए थाना कोतवाली में इजलाल समेत कुल 13 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 201, 364 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। काफी हंगामे के बाद इजलाल व अफजाल सहित कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि सम्मी व माजिद नाम के आरोपी अभी भी फरार हैं।

Friday, September 7, 2012

एक छात्र ने अपनी सौतेली मां की गोली मारकर हत्या


शामली में बुधवार सुबह आरोप है कि 7वीं कक्षा के एक छात्र ने अपनी सौतेली मां की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी छात्र थाने पहंुचा और पुलिस को इसकी जानकारी दी। बताया जा रहा है कि आरोपी छात्र के पिता ने चार बच्चों और एक बीवी के रहते किसी महिला से दूसरी शादी कर ली थी। इस बात को लेकर घर में तनाव का माहौल था। कुछ दिनों से सौतेली मां और पिता के भला-बुरा कहने और रोज-रोज के झगड़े से तंग आकर आरोपी छात्र ने वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस जांच कर रही है। 
दूसरी शादी से कलह 
जनपद शामली के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के तहत कस्बा बनत के मुहल्ला रैदासपुरी निवासी साजिद (45) ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करता है। साजिद के पिता के पास सात ट्रक थे, लेकिन जबसे बिजनेस की बागडोर साजिद के हाथ में आई, तबसे लगातार जारी घाटे के कारण पांच ट्रक बिक चुके थे। बाकी बचे दो ट्रक को भी बेचने की तैयारी थी। साजिद का विवाह लगभग बीस साल पहले बागपत के रमाला थाना क्षेत्र के गांव असारा निवासी महरो के साथ हुआ था। महरो और साजिद के चार बच्चे जिनमें दो बेटे व दो बेटियां हैं। पहली पत्नी व बच्चों के होते हुए भी साजिद ने लगभग डेढ़ साल पहले शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव हरसौली निवासी फातिमा (28) के साथ निकाह रचा लिया। साजिद का जहां यह दूसरा निकाह था वहीं फातिमा का तीसरा। साजिद के इस निर्णय से महरो व उसके बच्चे खुश नहीं थे। 
बेटे की कर दी पिटाई 
बताया जा रहा है कि फातिमा ने साजिद के घर पर पूरी तरह अधिकार जमा लिया था और साजिद पूरी तरह फातिमा के कहे में चलता था। फिलहाल फातिमा नौ माह की गर्भवती थी और अगले एक हफ्ते में उसका प्रसव होना था। बताया जाता है कि पिछले दिनों फातिमा ने साजिद से कस्बे के ही एक जूनियर स्कूल में कक्षा सात में पढ़ने वाले उसके बडे़ बेटे की ओर से खरीखोटी सुनाए जाने की शिकायत की थी। इस पर साजिद ने अपने बेटे की पिटाई कर दी। इस बात को लेकर घर में तनाव था। 

Thursday, August 30, 2012

तीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर खासी चर्चा


सीनियर पीसीएस अधिकारी की शिकायत को अनदेखा करना एमडीए के तीन अधिकारियों को महंगा साबित हुआ है। कमिश्नर की रिपोर्ट पर प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन ने इग्जेक्युटिव इंजीनियर जगराम, असिस्टेंट इंजीनियर प्रवीण गुप्ता और जेई प्रदीप गोयल को सस्पेंड कर दिया है। एमडीए (मेरठ डिवेलपमेंट अथॉरिटी) के इतिहास में पहली बार तीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर खासी चर्चा है। 
बच्चा पार्क स्थित जॉइंट डिवेलपमेंट कमिश्नर के ऑफिस के पास बिना नक्शा मंजूर कराए अवैध रूप से नौ दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। करीब आठ माह पहले जॉइंट डिवेलपमेंट कमिश्नर कर्ण सिंह चौहान ने एमडीए को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की थी। लेकिन एमडीए ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मामला मंडल कमिश्नर तक पहुंचा। कमिश्नर ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए। जांच के दौरान एमडीए ने 24 अगस्त को इन दुकानों को सील कर दिया। एमडीए के वीसी तनवीर जफर अली की रिपोर्ट के आधार पर पहली नजर में इग्जेक्युटिव इंजीनियर जगराम, असिस्टेंट इंजीनियर प्रवीण गुप्ता और जेई प्रदीप गोयल को इस मामले में दोषी पाया गया। इस पर कमिश्नर मृत्युंजय कुमार नारायण ने तीनों को सस्पेंड करने की सिफारिश शासन से कर दी। शासन ने तीनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। एमडीए के वीसी तनवीर जफर अली ने इसकी पुष्टि कर दी है। एमडीए के इतिहास में यह अपने तरह की पहली घटना है। इस खबर की जानकारी के बाद सभी अधिकारी पूरे दिन इसी पर चर्चा करते दिखे

Thursday, August 23, 2012

डा सत्यपाल मुंबई के नए पुलिस कामिश्नर



डा सत्यपाल मुंबई के नए पुलिस कामिश्नर
बधाई
मुझे फक्र है कि आज डा सत्यपाल मुंबई के नए पुलिस कामिश्नर हो गए है । मेरी तरफ से  बधाई
तथा बड़ोत वासियो के लिए  खुशखबरी कि जनता वैदिक कालेज का होनहार आज मुंबई के नए पुलिस कामिश्नर है ।
क्या अरुप पटनायक को मुंबई पुलिस की कुर्सी से 11 अगस्त को आजाद मैदान में हुई हिंसा की वजह से हटाया गया? पर्दे के बाहर की कहानी भले ही यह हो, पर हकीकत में उन दिन पटनायक ने जिस तरह जोन-वन के डीसीपी डॉक्टर रवींद्र शिसवे को सबके सामने बेइज्जत किया, वह बात उनके लिए महंगी साबित हुई? शिसवे को बेइज्जत किए जाने का टेप बाद में यूट्यूब पर खूब चला। एक आईपीएस अधिकारी के अनुसार, यू ट्यूब पर शिसवे से जुड़े इस टेप को जब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को दिखाया गया, तो दोनों ही नेता बहुत नाराज दिखे थे। आर. आर. पाटील ने उसी दिन से पटनायक को हटाने का मन बना लिया था, जबकि मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को पटनायक के भविष्य का फैसला करने में गुरुवार तक का वक्त लगा

Monday, July 4, 2011

यूनिवर्सिटी और कॉलेज स्तर पर टाइट सिक्योरिटी बरतने के बावजूद पेपर कैसे आउट हो जाता है।

कुछ दिन पहले मेरठ यूनिवर्सिटी में एग्जाम से एक दिन पहले बीबीए व बीसीए का पेपर आउट हो गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने टीम बनाकर कई कॉलेजों में छापा मारा और पेपर को कैंसल कर दिया गया। इसका सीधा असर स्टूडेंट्स पर पड़ा। वे उत्तेजित भी हुए। इस मुद्दे पर यूथ की अलग-अलग राय है। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी और कॉलेज स्तर पर टाइट सिक्योरिटी बरतने के बावजूद पेपर कैसे आउट हो जाता है। यूथ की राय बता रहे हैं रानू पाठक : यूनिवर्सिटी अपने स्तर से एग्जाम पेपर को बनाती है। इसमें काफी सिक्योरिटी बरती जाती है। यहां तक मालूम नहीं होता कि पेपर कौन से टीचर्स फाइनल कर रहे हंै। इसके बाद भी पेपर आउट हो जाता है। कौन यह सब करते हंै, उनकी कितनी ऊंची पहुंच होती है कि वह इतनी सिक्योरिटी के बाद भी आसानी से यह काम कर देते है। जांच होती है, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं होता। पेपर कैंसल कर दिया जाता है। ऐसे में अंत मंे नुकसान स्टूडेंट्स का ही होता है। यह सब रुकना चाहिए। जो दोषी है वह सलाखांे के पीछे हो। एग्जाम प्रोसेस मंे पारदर्शिता होनी चाहिए।