Tuesday, March 31, 2015

गाजियाबाद- शहर तेजी से तरक्की कर दिल्ली के साथ कदम ताल

यूपी के सबसे महत्वपूर्ण जिलों में से एक है गाजियाबाद। पिछले कुछ साल से यह शहर तेजी से तरक्की कर दिल्ली के साथ कदम ताल मिलाकर चल रहा है। बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और लॉ एंड ऑर्डर में खासा सुधार हुआ है। ट्रांसपोर्ट, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं बढ़ी हैं। वहीं स्मार्ट पुलिस, हाईटेक कंट्रोल रूम और हाईस्पीड पैट्रोलिंग की सुविधा भी मिली है। कितनी हुई है तरक्की हम 'गाजियाबाद राइजिंग' के जरिए आपके सामने ला रहे हैं।
2005 में शुरू हुआ पहली बार फ्लाईओवर और पुल बनाने का काम 7 अंडरपास बने हुए हैं फिलहाल एनएच-24 रोड पर 15 फुटओवर ब्रिज बनाने का प्लान तैयार कर चुका निगम.
तेजी से बढ़ते जनसंख्या के दबाव के साथ-साथ ट्रैफिक को स्मूद करना बड़ी चुनौती होता है। इसके लिए चौराहों और तिराहों को कम कर ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए फ्लाईओवर, आरओबी व फुटओवर ब्रिज और अंडरपास का सहारा लिया गया। सिटी में पहली बार 2005 में ट्रैफिक को स्मूद करने के लिए फ्लाईओवर और पुल बनाने का काम शुरू किया गया, जो कि आज भी जारी है।
सिटी के जाम पॉइंट को देखते हुए जीडीए ने सीआरआरआई से ट्रैफिक सर्वे कराया था। इसके बाद सीआरआरआई ने जीडीए से कहा था कि अगर समय के साथ ट्रैफिक को स्मूद करना है तो फ्लाईओवर, अंडरपास और पुल बनाने के प्लान पर एक साथ ही काम करना पड़ेगा। इसके बाद जीडीए इस प्लान पर काम कर रहा है। इसी का परिणाम है कि एनएच 24 रोड पर फिलहाल 7 अंडरपास हैं। एक प्लान के तहत बंद पड़े 4 अंडरपास को एक्टिव करते हुए उन्हें जरूरत के हिसाब से डिजाइन किया गया है। अंडरपास का फायदा यह है कि चौराहों और तिराहों पर जाम नहीं लगता और ट्रैफिक अंडरपास का प्रयोग करता है।
सिटी के बीचोबीच से गुजर रही हिंडन नदी पर ट्रैफिक का ब्लॉक पॉइंट कई साल से बना हुआ था। इसके चलते जीटी रोड पर वाहन के लंबे जाम का सिलसिला कई साल से बना हुआ था। इस समस्या को दूर करने के लिए हिंडन नदी पर जीटी रोड के लिए पहले 2 पुल बने थे, जिनमें से एक पुल 2 लेन और दूसरा 3 लेन का बना था। ऐसे में वाहन चालकों को राहत देने के लिए जीडीए ने करीब 30 करोड़ की लागत से एक और नया पुल बनवा दिया है। मगर ट्रैफिक को और स्मूद करने के लिए हिंडन पर एक और पुल बनाया जा रहा है, जो कि उम्मीद है कि अप्रैल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा। वहीं, एक पुल करहेड़ा के पास भी बनाया गया है। इसके अलावा जीडीए हिंडन नदी पर फर्रुखनगर रोड के लिए भी एक पुल बनाने का प्लान तैयार कर रहा है।
सिटी में जीडीए के सामने और कलेक्ट्रेट के पास जबकि टीएचए क्षेत्र में मोहन नगर, वैशाली और कौशांबी क्षेत्र में फुटओवर ब्रिज बन चुके हैं। हालांकि अभी और एफओबी बनाने का प्लान है, जिससे रोड क्रॉस करने वालों के साथ होने वाले हादसों पर लगाम लग सके। सिटी में नगर निगम अभी तक 15 फुटओवर ब्रिज बनाने का प्लान तैयार कर चुका है। निगम ने जीटी रोड, मेरठ रोड, एनएच 24, लिंक रोड पर एफओबी का प्लान तैयार किया है। निगम इन्हें बीओटी बेस पर बनाएगा। टारगेट है कि 3 साल में 15 नए फुटओवर ब्रिज बनकर तैयार हो जाएंगे।
ट्रैफिक का ब्लॉक पाइंट नदी, नालों के अलावा रेलवे लाइन भी होती है। सिटी में हापुड़ रोड के लिए नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के पास, एएलटी रोड के लिए संजयनगर, रजापुर रेलवे क्रॉसिंग, विवेकानंद नगर रेलवे क्रॉसिंग, मोहननगर और नेहरु नगर को कविनगर से जोड़ने वाले आरओबी बनाए हैं। इसके बाद भी कई ऐसी रेलवे क्रॉसिंग हैं जो ट्रैफिक स्मूद करने में राह में रोड़ा बने हुए हैं।
कुछ साल पहले तक गाजियाबाद में 15 घंटे तक बिजली कटौती होती थी। जो कि अब लगातार घट रही है। वहीं इसमें और सुधार के लिए जल्द ही 33 केवीए के 6 सबस्टेशन शुरू होने वाले हैं। इसके अलावा 50 नए ट्रांसफॉर्मर से उपभोक्ताओं को बार-बार लगने वाले कट से भी राहत मिलेगी। शहर में करीब 5.14 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं, जिनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे निपटने के लिए बिजली विभाग कई बड़े कदम उठाने जा रहा है। विभाग के चीफ इंजीनियर पी. के. माहेश्वरी ने बताया कि 33 केवीए के बिजलीघरों के चालू होते ही सिटी में बिजली की किल्लत नहीं रहेगी।
सिटी में 33 केवीए के 69 बिजलीघर हैं। जो लंबे समय से ओवरलोड चल रहे हैं। बिजली की किल्लत से निबटने के लिए सिटी के नवयुग मार्केट और सुदामापुरी में बिजलीघर बनाकर तैयार कर दिए गए हैं। सुदामापुरी में पोल खड़े किए जाने के विरोध के कारण काम रुका हुआ है, लेकिन यह समस्या जल्द ही दूर हो जाएगी। वहीं, गांधीनगर में बुलंदशहर रोड और मोहननगर में भी बिजलीघर बनाए जाने का काम चल रहा है, जिसे पूरा होने में 2 महीने का समय लगेगा। इसके बाद संबधित इलाकों में बिजली की किल्लत नहीं रहेगी। वहीं, राजेंद्रनगर में 33 केवीए बिजलीघर का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। 15 सितंबर तक चालू किए जाने की उम्मीद है। इससे टीएचए के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
सिटी में 7 हजार 264 ट्रांसफॉर्मर हैं। इनमें से 1200 ट्रांसफॉर्मर जर्जर हाल हैं। इनकी फिलहाल रिपेयरिंग कराई जा रही है। इसके साथ ही जिन कॉलोनियों में ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफॉर्मर फुंकते हैं। उनकी ओवरलोडिंग की समस्या को खत्म करने के लिए 50 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे।
गाजियाबाद में अब बिजली कट की समस्या भी जल्द दूर हो जाएगी। प्लानिंग के अनुसार 2016-17 में शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तक बिजली सप्लाई होगी। हापुड़ समेत जिले में 2 नए सबस्टेशन बनाने काम लगभग पूरा हो गया है। इनके बनने से गाजियाबाद भी दिल्ली की तरह नो कट जोन में आ जाएगा। चीफ इंजीनियर ए. के. गुप्ता ने बताया कि हापुड़ में 765 केवी, मुरादनगर में 400 केवी और साहिबाबाद के इंदिरापुरम में 400 केवी का सबस्टेशन बनाए जा गए हैं। इसके बाद तहसील क्षेत्रों को 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली मिलेगी।
405 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है ट्यूबवेल से करता है निगम 150 एमएलडी गंगाजल की सप्लाई की जाती है अलग से 12 करोड़ खर्च कर लगाईं जा रही हैं एक दर्जन नई ट्यूबवेल 82 करोड़ में हो रहा है वॉटर सप्लाई में सुधार का काम. सिटी में जनसंख्या का दबाव काफी तेजी के साथ बढ़ रहा है। इससे तेजी के साथ वॉटर सप्लाई और सीवर फैसिलिटी की समस्या भी बढ़ रही है। वैसे नगरीय क्षेत्र में नगर निगम की कुल 342 ट्यूबवेल है। इससे 405 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है। जबकि 150 एमएलडी गंगाजल की सप्लाई अलग से की जाती है। गर्मी के मौसम में बिजली की संभावित कटौती को देखते हुए सिटी में पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए 5500 हैंडपंप लगाए गए हैं। निगम के वॉटर वर्क्स के जीएम आर. पी. वर्मा ने बताया कि टीएचए के लिए जल्द ही 12 करोड़ रुपये खर्च कर एक दर्जन नई ट्यूबवेल्स लगाई जाएंगी। वहीं, करीब 82 करोड़ रुपये की लागत से एनएच-58 के आसपास बसी करीब आधा दर्जन कॉलोनियों में वॉटर सप्लाई के सुधार का काम चल रहा है।
हॉट सिटी गाजियाबाद की पुलिस भी अब स्मार्ट हो चुकी है। सिटी की सिक्युरिटी सिस्टम पर अब हाईटेक कंट्रोल रूम से नजर रखी जाती है। वहीं, पुलिस की हाई स्पीड पीसीआर और लैपर्ड ने पुलिसिंग को और भी ज्यादा स्मार्ट व फास्ट कर दिया है। इसके साथ ही इमरजेंसी में पब्लिक हेल्प के लिए पुलिस की ओर से एसओएस ऐप की मदद ली जा रही है। इसके अलावा क्रिमिनल्स पर नजर रखने के लिए सिटी में सीसीटीवी कैमरों की जाल बिछाया जा रहा है। इन सीसीटीवी कैमरों से न केवल क्रिमिनल्स पर पुलिस की नजर है, बल्कि ट्रैफिक कंट्रोल में भी मदद मिल रही है। वहीं, फ्लाइंग स्क्वॉड को मजबूत करने के लिए जल्द ही गाजियाबाद पुलिस को ड्रोन कैमरे मिलने वाले हैं। साथ ही आतंकी खतरे को देखते हुए शासन की ओर से गाजियाबाद पुलिस के बेड़े में हेलिकॉप्टर शामिल करने की प्लानिंग भी की जा रही है।
अभी कुछ दिन पहले ही गाजियाबाद पुलिस के कंट्रोल रूम को मॉडर्न कंट्रोल रूम में बदल दिया गया है। यूपी में लखनऊ और कानपुर के बाद गाजियाबाद में मॉडर्न कंट्रोल रूम बनने से सिटी की सिक्युरिटी भी हाईटेक हो चुकी है। मॉडर्न कंट्रोल रूम में कॉल करने पर चंद मिनटों में ही पुलिसकर्मी मदद के लिए पहुंच जाते हैं। इसके बनने के बाद पुलिस की ओर से पब्लिक के लिए एसओएस ऐप शुरू की गई है। इस ऐप के जरिए संकट के समय कोई भी मॉडर्न कंट्रोल रूम को इमरजेंसी मेसेज भेज सकता है।
स्मार्ट पुलिस की पेट्रोलिंग भी अब पहले से तेज हो चुकी है। इसके लिए गाजियाबाद पुलिस को मोबाइल डेटा टर्मिनल से लैस हाई स्पीड 110 पीसीआर और 110 लैपर्ड मिले हुए हैं। इनके मिलने से न केवल गाजियाबाद पुलिस की स्पीड बढ़ी है। बल्कि पेट्रोलिंग में भी सुधार हुआ है। मोबाइल डेटा टर्मिनल लगे होने से सभी पीसीआर और लैपर्ड की लोकेशन मॉडर्न कंट्रोल रूम में लगे डिस्पले में दिखता रहता है। जैसे ही कोई कॉलर मदद के लिए 100 नंबर पर कॉल करता है, तुरंत सबसे पास मौजूद पीसीआर या फिर लैपर्ड को भेज दिया जाता है।
बदमाशों पर नजर रखने के लिए सिटी के प्रमुख चौराहों समेत अगल-अलग जगहों पर 144 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इसकी मदद से गाजियाबाद पुलिस बदमाशों पर नजर रखने के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था पर भी नजर बनाए हुए है।

दिल्ली से सटे होने के कारण गाजियाबाद में हमेशा आतंकी खतरे की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए शासन की ओर से हवाई पैट्रोलिंग के लिए गाजियाबाद पुलिस को जल्द ही ड्रोन कैमरे मिलने वाले हैं। इसके लिए बजट भी मिल चुका है। इसके अलावा यूपी सरकार के पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत गाजियाबाद पुलिस को हेलिकॉप्टर देने की प्लानिंग की जा रही है। जिससे फ्लाइंग स्क्वॉड को मजबूत किया जा सके।

Sunday, March 29, 2015

मांगें नहीं मानी गईं तो वे आईटी पार्क का काम रुकवा देंगे

एमडीए की ओर से एक्वॉयर की गई जमीन पर मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने रविवार को कसेरूबक्सर में महापंचायत बुलाई। महापंचायत के बाद गंगानगर पहुंचकर किसानों ने वहां एमडीए की तरफ से कराए जा रहे निर्माण कार्य को बंद करवा दिया। किसानों का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आईटी पार्क का काम रुकवा देंगे।
किसानों की जमीन एक्वॉयर कर एमडीए ने गंगानगर, लोहियानगर व वेदव्यासपुरी कॉलोनियां डिवेलप की है। अब तक तीनों जगह के किसान समान मुआवजे की मांग को लेकर अलग-अलग लड़ाई लड़ रहे थे। रविवार को इन जगहों के किसानों ने कसेरूबक्सर में महापंचायत का आयोजन किया। इसमें उन्होंने संयुक्त किसान संघर्ष समिति का गठन किया और तय किया कि अब वे अपनी लड़ाई इसी समिति के बैनर के नीचे मिलकर लड़ेंगे। किसानों यह भी फैसला लिया कि अपनी मांग पूरी होने तक वे एमडीए के इन प्रोजेक्ट्स में कोई काम नहीं होने देंगे। उन्होंने वेदव्यासपुरी में बनाए जा रहे आईटी पार्क को मुख्य निशाने पर रखने का फैसला भी लिया। पंचायत में तय हुआ कि किसान आज डीएम से मिलकर अपनी मांगों के समर्थन में एक ज्ञापन देंगे। पंचायत के बाद किसान गंगानगर पहंचे और वहां एमडीए की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्य को बंद करवा दिया। महापंचायत में शामिल होने के लिए कई किसान अपनी फैमिली के साथ लग्जरी कारों से वहां पहुंचे, जो लोगों में चर्चा का विषय रहा।
आईटी पार्क ही निशाने पर क्यों?

वेदव्यासपुरी में ढाई एकड़ में प्रस्तावित आईटी पार्क मुख्यमंत्री के डीम प्राजेक्ट्स में से एक है। इस प्राजेक्ट को मुख्यमंत्री अपनी उपलब्धि के रूप में पेश करना चाहते हैं। इसलिए वे इसपर खुद निगाह रख रहे हैं। यह काम बंद कराकर किसान अपनी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते हैं। किसानों के इस फैसले से एमडीए और जिला प्रशासन के माथे पर बल पड़ गए हैं।

Friday, March 27, 2015

अपने पति और तीन बच्चों को जहर दे दिया

मेरठ के थाना सरधना क्षेत्र में एक महिला ने कथित रुप से अपने पति और तीन बच्चों को जहर दे दिया। हालत बिगडने पर चारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार सुबह पति की मौत हो गई। पुलिस ने पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरु कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि प्रेम प्रसंग में वारदात को अंजाम दिया गया है।
थाना सरधना के प्रभारी मेहर सिंह ने बताया कि सरधना के राघना गांव की घटना है। मंगलवार रात यहां रहने वाले जयप्रकाश(45) और उनके तीन बच्चों की हालत अचानक बिगड गई। चारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जयप्रकाश की बुधवार सुबह मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती जयप्रकाश के बच्चों जॉनी(4), कल्लू (6) और भूमि (10) की हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस को अस्पताल में भर्ती बच्चों ने जो कुछ बताया उसके अनुसार जयप्रकाश की पत्नी सुनीता (40) ने पति और बच्चों को मंगलवार रात दूध दिया था। दूध पीने के बाद ही उनकी हालत बिगड़ने लगी थी। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि दूध में जहर होगा जिसके कारण जयप्रकाश की मौत हुई है। फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जेठ रामशरण की तहरीर पर पुलिस ने सुनीता को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि सुनीता का कथित तौर पर रमेश नाम के युवक के साथ अवैध संबंध था। पति जयप्रकाश इसका विरोध करता था। आशंका है कि इसी वजह से वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Wednesday, March 25, 2015

हल्की तीव्रता का भूकंप

मेरठ में सोमवार को भले ही हल्की तीव्रता का भूकंप आया है, लेकिन वैज्ञानिक इसे भविष्य के लिए खतरा मान रहे हैं। उनका कहना है कि लोकल फॉल्ट से आने वाले भूकंप की तीव्रता 4-5 तक हो सकती है, लेकिन हिमालयन रीजन में आने वाले भूकंप बेहद खतरनाक हो सकते हैं।
आईआईटी कानपुर के नैशनल इन्फॉर्मेशन सेंटर ऑन अर्थक्वेक इंजिनियर (एनआसीईईई) के कोऑर्डिनेटर दुर्गेश राय के मुताबिक, भाषणों के अलावा कुछ नहीं हो रहा है। हाईराइडज बिल्डिंग्स सेफ नहीं हैं। हिमालय में भूकंप आने पर तबाही का दायर दिल्ली क्या पूरे यूपी में होगा।
प्रफेसर राय के अनुसार, हिमालय से नजदीकी के कारण मेरठ में भूकंप की छोटी-मोटी घटनाएं होती रहेंगी। इनकी तीव्रता कभी कम होगी तो कभी थोड़ी ज्यादा। हमें यह देखना होगा कि भूकंप की व्यापकता से कंपन (शेकिंग) कितना होगा। अगर भूकंप कहीं दूर आएगा तो कंपन थोड़ा कम रहेगा। वैसे इस एरिया में रिक्टर स्केल पर 4-5 की तीव्रता वाले झटके आ सकते हैं। भूकंप का केंद्र एपिसेंटर कहीं दूर भी हो सकता है।
राय कहते हैं कि सेसमिक जोन-5 में मौजूद हिमालय में रिक्टर स्केल पर 8 की तीव्रता का भूकंप आया तो दिल्ली के अलावा पूरे यूपी को जबर्दस्त खतरा है। उदाहरण के तौर पर गुजरात के कच्छ में आए भूकंप से ज्यादा नुकसान करीब 250 किमी दूर अहमदाबाद में हुआ था। यहां 120 बिल्डिंग ध्वस्त हो गईं थीं और 800-900 लोगों की मौत हुई थी। कुछ ऐसा ही खतरनाक होने की आशंका यूपी में खासकर बड़े शहरों में है।
राय के मुताबिक, कानपुर, लखनऊ, मेरठ समेत यूपी में बिल्डर जो भी हाईराइज बिल्डिंग्स बना रहे हैं, वे सेफ नहीं हैं। कहीं भी बिल्डिंग कोड का पालन नहीं किया जा रहा है। यूएनडीपी ने भी अतिसंवदेनशीलता कम करने के लिए कहा है, लेकिन सिर्फ भाषणबाजी ही हो रही है। खासकर लखनऊ और तराई के इलाकों में पिछले 10 सालों में ढेरों मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स बनी हैं, लेकिन ज्यादातर जगहों पर ये भूकंपरोधी नहीं हैं।

Monday, March 23, 2015

पीड़ितो ने रविवार को जुलूस निकाला

हाशिमपुरा कांड पर आए कोर्ट के फैसले के लिए यूपी सरकार व पुलिस प्रशासन को दोषी ठहराते हुए पीड़ितो ने रविवार को जुलूस निकाला। वे हाथों में काले झंडे और मोमबत्ती लिए हुए थे। उनका कहना है जिस तरह कसाब और अफजल को सजा देकर हमारी अदालतों ने देश के लोगों को न्याय दिया है, हम भी उसी तरह का न्याय चाहते हैं। पीड़ितों का कहना है कि वे न्याय के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही राष्ट्रपति से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे। हाशिमपुरा कांड पर शनिवार को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट के फैसले से पीड़ित नाखुश हैं। रविवार को पीड़ितों ने अपनी नाराजगी जताते हुए कांग्रेस जिला कमिटी के उपाध्यक्ष इमरान की अगुवाई में जूलूस निकाला। इकबाल ने बताया कि इस हादसे में उनके परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी। इकबाल का कहना है कि कोर्ट को गुमराह कर दोषियों को बचाने वाली यूपी सरकार के खिलाफ आज वे सड़कों पर उतरे हैं। शाहनवाज ने कहा कि देश में 1984 में हुए दंगों के मामले में सभी राजनीतिक पार्टियों ने माना था कि सिखों पर अत्याचार हुआ है। आज उनके मामले में दोषियों को क्यों बचाया जा रहा है। उन्हें न्याय दिलाने के लिए राजनीति पार्टियां क्यों आगे नहीं आ रही हैं। इमरान ने बताया कि इस कांड के 15 चश्मदीद गवाह थे, लेकिन पुलिस ने सिर्फ 5 को भी गवाह बनाया था। उनमें से भी 3 ही कोर्ट जाया करते थे। इमरान का कहना है कि कोर्ट तक सही तथ्य नहीं पहुंच पाने के कारण ही यह फैसला आया है।


Friday, March 20, 2015

थाना परतापुर स्थित शराब गोदाम से ट्रक में शराब की 840 पेटियां बरामद

क्राइम ब्रांच और खरखौदा पुलिस ने अलीगढ़ से लूटी गई शराब से भरी टाटा-407 के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह के 3 बदमाश अभी भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन तंमचे, लूटी गई गाड़ी और शराब की 837 पेटियां बरामद कर ली है। इसकी कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है। गुरुवार को पुलिस कप्तान सुभाष सिंह बघेल ने पुलिस लाइन में 6 आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया।
एसएसपी सुभाष सिंह बघेल ने बताया कि 2-3 मार्च 2015 की रात थाना परतापुर स्थित शराब गोदाम से ट्रक में शराब की 840 पेटियां बाराबंकी ले जाई जा रही थीं। इस दौरान रास्ते में ड्राइवर और कंडक्टर को बंधक बनाकर ट्रक लूट लिया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कप्तान ने एसपी देहात और एसपी क्राइम के नेतृत्व में 4 टीमों का गठन किया था। क्राइम ब्रांच प्रभारी संजीव कुमार की टीम ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा जिन व्यापारियों को उन्होंने शराब बेची थी उन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यापारियों में अशोक गुप्ता और निशांत गुप्ता हैं। लूट के आरोप में असलम, अकबर, आशिफ और इरशाद को पुलिस ने अरेस्ट किया है। फरार आरोपियों में अनवार और अली उर्फ अलाउद्दीन हैं। उक्त लोगों की गिरफ्तारी के लिये पुलिस लगी हुई है।

प्रेसवार्ता में बदमाशों ने बताया कि गैंग का सरगना असलम है। उसने ट्रक लूट की प्लानिंग की थी। अशलम के अनुसार परिचित टाटा-407 के ड्राइवर इरशाद मेवाती और अन्य साथियों को उसने फोन करके बाइपास स्थित शराब के गोदाम पर बुलवाया। जब शराब से लदा ट्रक गोदाम से निकला तो वह उसके पीछे-पीछे हो लिया। गढ़ की शांहजहापुर किठौर से आगे उन्होंने हथियारों के बल पर ट्रक के चालक-परिचालक को बंधक बनाकर लूट की घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने बताया कि लूट का माल उन्होंने शराब व्यापारी अशोक गुप्ता को बेच दिया था। कप्तान सुभाष सिंह बघेल ने क्राइम ब्रांच और खरखौदा पुलिस को इनाम देने की बात कही है।

Thursday, March 19, 2015

काटजू के खिलाफ बिजेंद्र कुमार ने मेरठ कोर्ट में परिवाद दाखिल किया

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन काटजू के खिलाफ वकील बिजेंद्र कुमार ने मेरठ कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है। उनका आरोप है कि अभियोगी ने महात्मा गांधी को बिना किसी सुबूत के ब्रिटिश एजेंट कहा है। महात्मा गांधी का अनुयायी होने के कारण इसे मैं अपना अपमान मानता हूं। उन्होंने धारा 501-बी के तहत अभियोगी को कानूनी दंड देने की मांग की है। कोर्ट ने 23 को वादी के बयान दर्ज किए जाने की तारीख तय की है। राधा गार्डन के रहने वाले वकील बिजेंद्र कुमार ने बुधवार को मेरठ के नवम एसीजेएम की अदालत में एक परिवाद दाखिल किया है। वादी वकील ने बताया कि 12 मार्च को उसने अखबार में पूर्व जस्टिस काटजू का एक लेख पढ़ा। जिसमें काटजू ने महात्मा गांधी को ब्रिटिश एजेंट बताते हुए देश को नुकसान पहुंचाने की बात कही थी।