हाशिमपुरा
कांड पर आए कोर्ट के फैसले के लिए यूपी सरकार व पुलिस प्रशासन को दोषी ठहराते हुए
पीड़ितो ने रविवार को जुलूस निकाला। वे हाथों में काले झंडे और मोमबत्ती लिए हुए
थे। उनका कहना है जिस तरह कसाब और अफजल को सजा देकर हमारी अदालतों ने देश के लोगों
को न्याय दिया है, हम
भी उसी तरह का न्याय चाहते हैं। पीड़ितों का कहना है कि वे न्याय के लिए हाई कोर्ट
का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही राष्ट्रपति से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे। हाशिमपुरा कांड पर शनिवार को
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट के फैसले से पीड़ित नाखुश हैं। रविवार को पीड़ितों ने
अपनी नाराजगी जताते हुए कांग्रेस जिला कमिटी के उपाध्यक्ष इमरान की अगुवाई में
जूलूस निकाला। इकबाल ने बताया कि इस हादसे में उनके परिवार के तीन लोगों की मौत
हुई थी। इकबाल का कहना है कि कोर्ट को गुमराह कर दोषियों को बचाने वाली यूपी सरकार
के खिलाफ आज वे सड़कों पर उतरे हैं। शाहनवाज ने कहा कि देश में 1984 में हुए दंगों के मामले में सभी
राजनीतिक पार्टियों ने माना था कि सिखों पर अत्याचार हुआ है। आज उनके मामले में
दोषियों को क्यों बचाया जा रहा है। उन्हें न्याय दिलाने के लिए राजनीति पार्टियां
क्यों आगे नहीं आ रही हैं। इमरान ने बताया कि इस कांड के 15 चश्मदीद गवाह थे, लेकिन पुलिस ने सिर्फ 5 को भी गवाह बनाया था। उनमें से भी 3 ही कोर्ट जाया करते थे। इमरान का
कहना है कि कोर्ट तक सही तथ्य नहीं पहुंच पाने के कारण ही यह फैसला आया है।
Monday, March 23, 2015
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