क्राइम ब्रांच और खरखौदा पुलिस ने अलीगढ़ से लूटी गई शराब से भरी
टाटा-407 के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह के 3 बदमाश अभी भी फरार हैं। पुलिस ने
आरोपियों के पास से तीन तंमचे, लूटी
गई गाड़ी और शराब की 837 पेटियां
बरामद कर ली है। इसकी कीमत करीब 60 लाख
रुपये बताई जा रही है। गुरुवार को पुलिस कप्तान सुभाष सिंह बघेल ने पुलिस लाइन में
6 आरोपियों को मीडिया के सामने पेश
किया।
एसएसपी सुभाष सिंह बघेल ने बताया
कि 2-3 मार्च 2015 की रात थाना परतापुर स्थित शराब
गोदाम से ट्रक में शराब की 840 पेटियां
बाराबंकी ले जाई जा रही थीं। इस दौरान रास्ते में ड्राइवर और कंडक्टर को बंधक
बनाकर ट्रक लूट लिया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कप्तान ने एसपी देहात और
एसपी क्राइम के नेतृत्व में 4 टीमों
का गठन किया था। क्राइम ब्रांच प्रभारी संजीव कुमार की टीम ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इसके अलावा जिन व्यापारियों को उन्होंने शराब बेची थी उन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार
किया है। गिरफ्तार व्यापारियों में अशोक गुप्ता और निशांत गुप्ता हैं। लूट के आरोप
में असलम, अकबर, आशिफ और इरशाद को पुलिस ने अरेस्ट
किया है। फरार आरोपियों में अनवार और अली उर्फ अलाउद्दीन हैं। उक्त लोगों की
गिरफ्तारी के लिये पुलिस लगी हुई है।
प्रेसवार्ता में बदमाशों ने बताया
कि गैंग का सरगना असलम है। उसने ट्रक लूट की प्लानिंग की थी। अशलम के अनुसार
परिचित टाटा-407
के ड्राइवर इरशाद
मेवाती और अन्य साथियों को उसने फोन करके बाइपास स्थित शराब के गोदाम पर बुलवाया।
जब शराब से लदा ट्रक गोदाम से निकला तो वह उसके पीछे-पीछे हो लिया। गढ़ की
शांहजहापुर किठौर से आगे उन्होंने हथियारों के बल पर ट्रक के चालक-परिचालक को बंधक
बनाकर लूट की घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने बताया कि लूट का माल उन्होंने शराब
व्यापारी अशोक गुप्ता को बेच दिया था। कप्तान सुभाष सिंह बघेल ने क्राइम ब्रांच और
खरखौदा पुलिस को इनाम देने की बात कही है।

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