Monday, March 2, 2015

तनातनी को देख अन्ना ने दिल्ली का रास्ता पकड़ लिया

अन्ना हजारे के समर्थकों, नागरिक अधिकार मंच और किसान संगठन के लोगों के बीच वर्चस्व को लेकर हो रही तनातनी को देख अन्ना ने यहां ज्यादा देर रुकने की बजाए दिल्ली का रास्ता पकड़ लिया। वह बिजनौर से दिल्ली जाते समय परतापुर तिराहे के पास रूके थे।

बिजनौर से दिल्ली लौट रहे अन्ना हजारे शुक्रवार को परतापुर तिराहे के पास रूके। वहां नागरिक अधिकार मंच, किसान संगठन और अन्ना हजारे के सर्मथकों ने उन्हें फूल माला देकर उनका स्वागत किया। इसी दौरान नागरिक अधिकार मंच के लोगों ने अन्ना को एक पत्र देकर बताया कि एमडीए की ओर से गंगानगर और शताब्दीनगर के आवंटियों पर प्रतिकर के नाम पर लाखों रुपए का बकाया निकाल दिया गया है। अन्ना ने उनसे कहा कि वह अपना संगठन मजबूत बनाएं और अपने हक की लड़ाई लड़े। अन्ना ने कहा कि वह पत्र पढ़कर देखेंगे कि वह क्या मदद कर सकते हैं। उन्होंने अपने संगठन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके संगठन की मजबूती के कारण ही दो मजबूत सरकारों को पछाड़ दिया। उन्होंने किसानों के खिलाफ होने वाली हर कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाने का भरोसा भी दिया। जिस समय अन्ना माइक से यह बात कह रहे थे, उसी समय अन्ना के समर्थक, किसान नेता और नागरिक अधिकार मंच के लोग आपस में वर्चस्व साबित करने की होड़ में लगे थे। स्थिति को भांपते हुए अन्ना वहां से कार में बैठ कर दिल्ली के लिए चल दिए।

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