Monday, March 16, 2015

जिसकी सबसे ज्यादा उम्र होगी वही मुखिया

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत नए राशन कार्ड बनाने को लेकर यहां मजहबी विरोध का खतरा मंडराने लगा है। विधेयक के मसौदे में 18 साल से अधिक उम्र की लड़की या महिला को परिवार का प्रमुख बनाने का प्रस्ताव शामिल है। लेकिन घर की महिला को मुखिया माने जाने की शर्त पर यहां के मुस्लिम समाज के लोग विरोध पर उतर आए हैं। मजहब से जुड़े लोग इस शर्त को इस्लाम के खिलाफ करार दे रहे हैं। वहीं, इस्लाम में एक से अधिक शादी की परंपरा है। मजहब के जानकारों का कहना है कि कुछ ऐसे मामले में जिनकी एक से अधिक बीबियां होंगी उनके घरों में मुखिया बनाए जाने को लेकर विवाद पैदा हो सकता है।
शहर के कई मुस्लिम इलाकों में लोगों ने नए राशन कार्ड बनवाने के लिए फॉर्म लेने से इनकार कर दिया है। यूपी मदरसा बोर्ड के चेयरमैन और काजी साजिद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि इस्लाम के अनुसार घर की जिम्मेदारी पति को दी गई है। ऐसे में घर की मुखिया महिला को बनाना इस्लाम के खिलाफ है। इमाम काउंसिल ऑफ इंडिया के यूपी के जनरल सेक्रेटरी मौलाना मिराज कासमी का कहना है कि राशन कार्ड में फोटो लगने के कारण महिलाओं में बेपर्दगी बढ़ेगी और उन्हें ऑफिसों के चक्कर भी काटने पड़ेंगे। इसकी इजाजत इस्लाम नहीं देता है। उनका कहना है कि जिन मर्दों की पत्नी नहीं होंगी, उनके घर कौन मुखिया बनेगा इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। ऐसा नहीं है कि सरकारी अधिकारी इस बात से अनजान हैं। संबंधित अधिकारी यह मान रहे हैं शहर के कई मुस्लिम क्षेत्रों से नए राशन कार्ड बनवाने के काम के बहिष्कार करने की सूचना उन्हें मिल रही है। लेकिन वे नियम-कानून के अनुसार ही काम कर सकते हैं।
इस बारे में डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर डी. एन. श्रीवास्तव का कहना है। एक से ज्यादा पत्नियों वाले केस में जिसकी सबसे ज्यादा उम्र होगी वही मुखिया होंगी।
कानून के अनुसार परिवार का राशन कार्ड भी महिला के नाम से ही जारी किया जाएगा। इसका प्रमुख लाभ यह होगा कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लाभार्थी को परिवार को मिलने वाली सब्सिडी सीधे महिला के खाते में ही जाएगी। यदि परिवार की महिला का बैंक खाता नहीं है तो उन्हें खाता खुलवाना होगा। केंद्र सरकार की योजना खाद्य सुरक्षा कानून को आगामी 1 अप्रैल से लागू किया जाना है। इसके तहत आने वाले परिवारों को गैस, चावल तथा गेहूं पर सब्सिडी दी जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विधेयक के मसौदे में 18 साल से अधिक उम्र की लड़की या महिला को परिवार का प्रमुख बनाने का प्रस्ताव शामिल है।

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