Sunday, January 10, 2010

कार्य परिषद् ने 26 नवंबर को एग्जाम फीस बढ़ाने का निर्णय लिया था।

फीस वृद्धि को लेकर छात्रों के बढ़ते दबाव के कारण चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी प्रशासन को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। यूनिवर्सिटी की परीक्षा शुल्क समिति ने छात्रों का पक्ष सुनने के बाद प्राइवेट एग्जाम फीस में सौ रुपये की कमी करने की संस्तुति कर दी। अब यूनिवर्सिटी रविवार को बुलाई गई कार्य परिषद की आपात बैठक में इस फैसले पर मुहर लगवाने की तैयारी कर रही है। यूनिवर्सिटी की कार्य परिषद् ने 26 नवंबर को एग्जाम फीस बढ़ाने का निर्णय लिया था। यूनिवर्सिटी के इस आदेश से गुस्साए छात्रों ने सपा छात्र सभा और एबीवीपी की अगुवाई में आंदोलन शुरू कर दिया। छात्रों के बढ़ते दबाव के कारण यूनिवर्सिटी की परीक्षा समिति की बैठक बुलाई गई। समिति के चेयरमैन ताराचंद शास्त्री के बैठक में न पहुंचने पर सदस्य अमित कुमार शर्मा एडवोकेट को कुलपति प्रो. एस. के. काक ने अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। शुक्रवार शाम हुई बैठक में डॉ. रीता बख्शी, डॉ. त्रिवेणी दत्त शर्मा, डॉ. विपिन गर्ग, सुखवीर सिंह और रजिस्ट्रार वी. के. सिन्हा शामिल रहे। बैठक के दौरान छात्र प्रतिनिधियों को बुलाकर उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। बैठक के बाद समिति का निर्णय बताते हुए अध्यक्ष अमित शर्मा ने बताया कि स्नातक व स्नातकोत्तर सभी के परीक्षा शुल्क में सौ रुपये कम करने की संस्तुति कर दी गई है। उन्होंने कहा कि समिति ने गेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्रों से जो एक्स्ट्रा फीस वसूली गई है, उसे अगले सेशन में समायोजित किया जाएगा। यूनिवर्सिटी ने रविवार शाम कार्य परिषद की आपात बैठक बुलाई है, जिसमें इस फैसले पर अपनी मुहर लगेगी।

No comments:

Post a Comment