परतापुर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर हवाई पट्टी को इंटरनैशनल एयरपोर्ट में तब्दील करने की मुहिम जोर पकड़ने लगी है। यहां से कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले ही विमान उड़ान भरने लगेंगे। हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के लिए शासन ने पहली किस्त के रूप में 65 करोड़ का चेक मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) को दे दिया है। फ्लाइंग क्लब के लाइसेंस के लिए कई कंपनियां आवेदन कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि मेरठ की हवाई पट्टी का विस्तार लखनऊ एयरपोर्ट की तर्ज पर किया जाएगा। यहां इमर्जेंसी लेंडिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। हवाई पट्टी के विस्तार के लिए 34 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें से करीब 8 हेक्टेयर जमीन प्राधिकरण की शताब्दी नगर योजना के लिए थी, जबकि 13 हेक्टेयर जमीन वन विभाग और 12 हेक्टेयर जमीन किसानों की थी। एमडीए ने इस जमीन का अधिग्रहण कर मुआवजे का भुगतान कर दिया था। मुआवजा अदा करने के बाद प्राधिकरण ने हवाई पट्टी के विस्तार के लिए शासन से मदद मांगी। प्रदेश के प्रमुख सचिव नागरिक उड्डयन विभाग रविंद सिंह ने भी शासन से मेरठ विकास प्राधिकरण को मदद देने की सिफारिश की थी। इस पर विचार करने के बाद शासन ने सोमवार को 65 करोड़ का चेक एमडीए के वीसी राम नवल सिंह को सौंप दिया। इसके साथ ही शासन ने एमडीए व लोक निर्माण विभाग को तीन महीने में हवाई पटटी के विस्तार का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों को भरोसा है कि वे कॉमनवेल्थ से पहले ही हवाई पट्टी के विस्तार का काम पूरा हो जाएगा और यहां से विमान उड़ान भरने लगेंगे।
Wednesday, January 13, 2010
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