Tuesday, February 23, 2010

बैंक की खामियों का फायदा उठाकर पहले फर्जी तरीके से वोटर आई कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड बनवाकर उससे बैंक में अकाउंट ओपन

महज चार से पांच सौ रुपये खर्च कर बैंक को लाखों रुपये का चूना लगाने का मामला सामने आया है। यह जालसाजी निठारी में रहने वाली एक महिला, उसका पति, देवर व अन्य दो लोग मिलकर करते थे। जालसाजों का गैंग बैंक की खामियों का फायदा उठाकर पहले फर्जी तरीके से वोटर आई कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड बनवाकर उससे बैंक में अकाउंट ओपन करा लेते थे। इसके बाद लाखों रुपये का लोन लेकर जालसाजी को अंजाम देते थे। लेकिन कम पढ़े-लिखे होने की वजह से आखिरकार इनकी पोल खुल गई। अब सेक्टर-39 थाने की पुलिस ने गैंग की महिला समेत तीन लोगों को दबोच लिया, जबकि दो फरार हैं। पकड़ी गई जालसाज महिला पूजा गुप्ता, इसका देवर मोहित गुप्ता व एक अन्य मुमताज आलम है, जबकि महिला का पति व मुख्य जालसाज धीरेश गुप्ता व राजकुमार नामक युवक अभी फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। यह जालसाज गैंग लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर भी रुपये ऐंठने का कार्य करता था। पुलिस के मुताबिक, धीरेश गुप्ता व इसकी फैमिली निठारी में किशन गुर्जर के मकान में रहती है। धीरेश गुप्ता कई बैंकों के लोन दिलाने वाले डिपार्टमेंट में कार्य कर चुका है। इसलिए उसे लोन दिलाने में बैंकों की खामियों के बारे में जानकारी थी। महज 5 सौ रुपये तक खर्च कर हुई लाखों की जालसाजी पुलिस की गिरफ्त में आए मुमताज आलम ने बताया कि महज 100 रुपये खर्च कर अपनी फोटो लगाकर किसी भी एड्रेस व नाम का फर्जी वोटर आई कार्ड बनवा लेते थे। 300 रुपये खर्च कर फर्जी डीएल और पैन कार्ड तक बनवा लेते थे। इसके बाद उसी आधार पर धीरेश गुप्ता शहर के अलग-अलग बैंकों से क्रेडिट कार्ड व लोन ले लेता था। पुलिस की अब तक की जांच में 10 लाख रुपये से ज्यादा की जालसाजी की जानकारी मिल गई है। खाली प्लॉट को ही अपना घर बताकर ले लिया लोन सेक्टर-36 के एक खाली प्लॉट को ही अपना घर बनाकर जालसाज गैंग ने लोन ले लिया। पुलिस की गिरफ्त में आई पूजा गुप्ता इस जालसाजी के लिए हरप्रीत कौर बन गई। उसने अपने पहनावे में बदलाव किया और फर्जी डॉक्युमेंट के आधार पर बैंक से लोन ले लिया। इसी तरह, नोएडा के अलग-अलग एड्रेस पर मुमताज आलम, मोहित गुप्ता, राजकुमार ने भी अपने नाम बदलकर फर्जी डॉक्युमेंट बनवाए और क्रेडिट कार्ड समेत लोन भी ले लिया। कम पढ़े-लिखे होने से खुली पोल मुमताज आलम महज महज सातवीं क्लास तक पढ़ा लिखा है। यहां तक की पढ़ाई भी उसने किसी तरह पास की है। इसलिए वह आसानी से धीरेश गुप्ता व उसकी पत्नी के बहकावे में आ गया। बताया जाता है कि हरप्रीत कौर बनी पूजा गुप्ता ने 11 हजार रुपये का चेक काटकर मुमताज आलम को दिया था, जिसे क्लीयर कराने से पहले मुमताज आलम ने अकाउंट से 9 लाख 11 हजार रुपये निकालने की साजिश की। उसने अंकों में लिखे 11 के आगे 9 लिख दिया, लेकिन शब्दों में महज नाइन लिखा और लाख लिखना भूल गया। इसे लेकर वह सेक्टर-36 स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पहुंचा। बैंक अधिकारियों ने जब यह गड़बड़ी देखी तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने अन्य आरोपियों को शशि चौक से गिरफ्तार कर लिया।

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