मेरठ में डॉक्टर के मर्डर के खिलाफ राज्य भर में डॉक्टरों की हड़ताल का दावा पीएमएस संघ का दावा है कि वेस्टर्न यूपी के गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, आगरा, सहारनपुर, अलीगढ़, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी में इमरजेंसी और पोस्टमार्टम को छोड़कर बाकी जगह ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप रही विशेष संवाददाता॥ लखनऊ : मेरठ में मंगलवार को डॉक्टर के मर्डर के बाद वेस्टर्न यूपी समेत राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर ओपीडी ठप रही। अस्पतालों में डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने से मरीज सबसे अधिक परेशान हुए। कई गंभीर बीमारियों से पीडि़त मरीजों ने निजी अस्पतालों में शरण ली। पुलिस डॉक्टर की हत्या का कारण रंजिश बता रही है। मेरठ जिला जेल से 20 फरवरी को ही जिला हास्पिटल मेरठ में डॉ. हरपाल का तबादला किया गया था। मंगलवार रात को जेल से 200 मीटर की दूरी पर बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। यहीं पर जोन के एडीजी का आवास और ऑफिस भी है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कहीं जेल की कोई घटना तो इस वारदात की वजह नहीं है। दूसरी ओर पीएमएस संघ के आवाहन पर डॉक्टर के मर्डर के मद्देनजर यूपी के सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने कामकाज का बहिष्कार कर घटना का विरोध जताया। पीएमएस संघ के कार्यवाहक महासचिव डॉ. बी. पी. सिंह ने हड़ताल को सफल बताया। इस अवसर पर डॉ. हरपाल को शोकसभा में श्रद्घांजलि भी अर्पित की गई। संघ ने हत्या के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग यूपी सरकार से की है। संघ का दावा है कि वेस्टर्न यूपी के गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, आगरा, सहारनपुर, अलीगढ़, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी में इमरजेंसी-पोस्टमार्टम को छोड़कर बाकी जगह ओपीडी सेवा पूरी तरह ठप रही। डॉक्टरों के कामकाज का बहिष्कार करने से दूरदराज से आने वाले मरीजों के साथ ही रोगियों को काफी परेशानियोें का सामना करना पड़ा।
Friday, March 11, 2011
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