मुजफ्फरनगर दंगों
के बाद से आरएलडी की सबसे बड़ी ताकत उसके पारंपरिक जाट वोट बैंक में खासी नाराजगी
देखा जा रही थी। इस मौके का फायदा उठा कर अन्य विरोधी दल जाटों पर डोरे डालने में
जुट गए थे। इससे आरएलडी की मुश्किलें और बढ़ गईं। तब से आरएलडी मुखिया चौधरी अजित
सिंह और उनके बेटे जयंत डैमेज कंट्रोल में जुट गए। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद
जाटों का गुस्सा दूर न होता देख अजित सिंह ने जाट आरक्षण का अपना आखिरी दांव चला।
लेकिन लगता है कि अपनी इस कवायद के बावजूद आरएलडी मुखिया अभी पूरी तरह से आश्वस्त
नहीं हो पाए।
उन्हें लगा कि जाटों और किसानों को रिझाने के लिए अभी और कुछ किया जाना बाकी है। राकेश टिकैत को अमरोहा से टिकट देना इसी कड़ी का हिस्सा है।। चौधरी महेंद्र सिंह टिकैट के बेटे नरेश टिकैत की जाटों व किसानों में गहरी पैठ है। उनके भाई और बीकेयू के सुप्रीमो राकेश टिकैत का भी उन्हे समर्थन हासिल है। 17 साल तक आरएलडी और बीकेयू एक दूसरे से दूर रहने के बाद अब नजदीक आए हैं। आरएलडी का मानना है कि इससे अमरोहा ही नहीं पूरे वेस्ट यूपी की सीट पर आरएलडी को लाभ मिलेगा।
उन्हें लगा कि जाटों और किसानों को रिझाने के लिए अभी और कुछ किया जाना बाकी है। राकेश टिकैत को अमरोहा से टिकट देना इसी कड़ी का हिस्सा है।। चौधरी महेंद्र सिंह टिकैट के बेटे नरेश टिकैत की जाटों व किसानों में गहरी पैठ है। उनके भाई और बीकेयू के सुप्रीमो राकेश टिकैत का भी उन्हे समर्थन हासिल है। 17 साल तक आरएलडी और बीकेयू एक दूसरे से दूर रहने के बाद अब नजदीक आए हैं। आरएलडी का मानना है कि इससे अमरोहा ही नहीं पूरे वेस्ट यूपी की सीट पर आरएलडी को लाभ मिलेगा।
राष्ट्रीय लोकदल का
फोकस सिर्फ जाट वोट बैंक तक ही नही था। उसकी नजर क्षेत्र के ठाकुर वोट बैंक पर भी
थी। अमर सिंह से हाथ मिलाकर उसने एक तीर से दो शिकार कर लिए। अमर सिंह को अपने साथ
लेकर उन्होने क्षेत्र के ठाकुरों को पर तो निशाना साधा ही, साथ ही बिजनौर
की सीट के लिए उन्हे जयाप्रदा के रूप में स्टार कैंडिडेट मिल गई। अब आरएलडी
क्षेत्र के मुस्लिमों को भी लुभाने के प्रयास में जुटी है। गौरतलब है कि आरएलडी का
जनाधार वेस्ट यूपी में ही है। यहीं के दम पर चौधरी अजित सिंह अपने राजनीतिक दांव
पेंच खेलते हैं। इसलिए इस बार भी वे यह साबित करने में जुटे हैं कि क्षेत्र में
उनका जनाधार मजबूत है। यहां से जीतने वालें उम्मीदवारों की संख्या पर भी अजित सिंह
का राजनीतिक भविष्य निर्भर करेगा।
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