Tuesday, April 29, 2014

एक किसान की गोली मारकर हत्या के बाद जमकर बवाल

मुजफ्फरनगर बाईपास पर मीरांपुर पुलिस चौकी के पास रजवाहे वाली सड़क पर एक किसान की गोली मारकर हत्या के बाद जमकर बवाल हो गया। उग्र भीड़ ने वहलना चौक पर पहुंचकर रास्ता जाम कर दिया और वहां पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पर जमकर पथराव किया। इसमें कई अधिकारी व दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हो गए। एसपी सिटी, सिटी मैजिस्ट्रेट और नई मंडी कोवताली प्रभारी भी घायल होने वालों में शामिल हैं। पथराव के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर और भीड़ को तितर-बितर कर दिया। बाद में भीड़ ने एक बार फिर मीरांपुर पुलिस चौकी पर जाम लगा दिया, लेकिन अधिकारियों ने समझा बुझाकर जाम खुलवा दिया। भीड़ ने एंबुलेंस से शव को उतारने की कोशिश की। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई। नामजद आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। 
वहलना बाइपास पर स्थित मीरांपुर पुलिस चौकी के निकट से खांजापुर होते हुए सूजडू की ओर जाने वाले राजवाहे की पटरी पर सोमवार सुबह सूजडू निवासी किसान अपने बेटों के साथ ट्रैक्टर में भूसा लेकर जा रहा था। वहीं, राजवाहे की पटरी पर सूजडू निवासी एक शख्स बुग्गी लेकर आ रहा था। किसान ने जब उससे बुग्गी हटाने को कहा तो उसने बताया कि पीछे खांजापुर गांव का एक शख्स अपने ट्रैaक्टर ट्रॉली लिए खड़े हैं। इस बात को लेकर किसान ने जब दूसरे पक्ष के किसान को ट्रैक्टर-ट्रॉली हटाने को कहा तो उनकी कहासुनी हो गई जो बाद में मारपीट में बदल गई। मारपीट के बाद दूसरे पक्ष के किसान वहां से चले गए। इस बीच किसान जब अपनी गाड़ी मोड रहा था, तो दो बाइक पर सवार युवक ने उसे गोली मार दी और फरार हो गए। अस्पताल ले जाने के दौरान किसान की मौत हो गई। 
इस घटना के बाद सैकड़ों की तादाद में लोग जमा हो गए और उन्होंने वहलना चौक पर रास्ता जाम कर दिया। जाम की सूचना पर वहां पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो भीड़ ने पथराव कर दिया। पथराव में एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह, नगर मैजिस्ट्रेट विन्ध्यावासिनी राय, एसपी सिटी के गनर, मंडी कोतवाली प्रभारी अरुण सिंह और एक सिपाही विनोद समेत करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। सूचना पर भारी पुलिस बल वहां पहुंच गया और पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए उपद्रवियों को तितर-बितर कर दिया। घटना को लेकर भारी तनाव के चलते वहलना चौराहे पर यातायात घंटों जाम रहा। इस बीच मीरांपुर पुलिस चौकी पर कुछ लोगों ने रास्ता जाम कर दिया। मामले को लेकर 5 लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। 

Friday, April 25, 2014

डासना से मेरठ के परतापुर तक 35 किमी की सड़क छह लेन की

दिल्ली स्थित निजामुद्दीन ब्रिज से शुरू होकर डासना होते हुए मेरठ के लिए 75 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे की योजना अब परवान चढ़ती नजर आ रही है। यह एक्सप्रेस-वे कागजों से निकलकर जमीनी हकीकत बनने की तैयारी में है। इसके लिए जनपद मेरठ और गाजियाबाद के गांवों की भू-अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट के लिए एनएचएआई पहले ही जमीन का सर्वे कर चुका है। अधिग्रहण से संबंधित आपत्तियां जमा करने की अंतिम तारीख 29 अप्रैल तय की गई है।
6571 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली से मेरठ के बीच बनाए जाने वाले एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 75 किमी होगी। यह एक्सप्रेस वे दिल्ली स्थित निजामुद्दीन ब्रिज से शुरू होगा। ब्रिज से डासना तक प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे और वर्तमान हाइवे को मिलाकर 14 लेन की सड़क बनाने का प्रस्ताव है। डासना से मेरठ के परतापुर तक 35 किमी की सड़क छह लेन 
की  होगी। परतापुर तिराहे से यह दो भागों में बंट जाएगी। यहां से एक रोड दिल्ली रोड पर जागरण तिराहा, बिजली बंबा, हापुड़ रोड होते हुए बच्चा पार्क तक जाएगी। दूसरी रोड एनएच- 58 परतापुर बाइपास से जुड़ जाएगी। इस योजना के लिए मेरठ के घोसीपुर, हाजीपुर, शाकरपुर, ढिकौली, नरहेड़ा, सलेमपुर, चंदसारा, खानपुर, नंगलापटटू, अछरौंडा, भूडबराल और बराल परतापुर की कुल 12,32,468 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।
इस प्रोजेक्ट के लिए गाजियाबाद के 19 और मेरठ के 12 गांवों की 345 एकड़ जमीन का सर्वे किया जा चुका है। अब भूमि अधिग्रहण के लिए नैशनल हाइवे अधिनियम 1956 की धारा 3ए के प्रकाशन के बाद आपति और उसके निस्तारण के लिए 3जी का प्रकाशन कर दिया गया है। अधिग्रहित की जानी वाली जमीन के बारे में 29 अप्रैल तक आपत्ति मांगी गई है। जनपद मेरठ से संबंधित जमीन की आपत्तियों का निस्तारण 7 मई को और जनपद गाजियाबाद की आपत्तियों का निस्तारण 8 मई को किया जाएगा। उसके बाद अवॉर्ड घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से एक्सप्रेस-वे के काम को शुरू करने के लिए अंतिम तारीख 31 मार्च 2014 तय की गई थी। इस घोषणा के बाद ही एनएचएआई पीपीपी के तहत रिक्वेस्ट फॉर टेंडर पहले ही जारी कर चुकी है। लेकिन इसके लिए कंपनी का चयन अब तक नहीं हो पाया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर केंद्र और राज्य सरकार की रजामंदी के बाद केन्द्रीय वित मंत्रालय भी अपनी सहमति प्रदान कर चुका है। इस प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद की सीमा में बिजली लाइन शिफ्ट करने के लिए भी 580.70 करोड़ का टेंडर निकाला जा चुका है।

Wednesday, April 23, 2014

बेटी का रेप कराने की आरोपी मां को पुलिस ने जेल भेज दिया

अपने प्रेमी से अपनी ही बेटी का रेप कराने की आरोपी मां को पुलिस ने जेल भेज दिया। थाना प्रभारी रणवीर सिंह यादव ने बताया कि टीपी नगर क्षेत्र निवासी एक किशोरी ने पड़ोस के एक व्यक्ति के खिलाफ रेप की शिकायत दर्ज कराई थी। 
पुलिस के अनुसार पीड़ित किशोरी अपनी मां के साथ ही रहती थी, जबकि किशोरी का पिता और बड़ा भाई बाहर रहते थे। पुलिस को किशोरी ने बताया कि उसके हाथ-पैर बांध कर मां ने अपने प्रेमी आरोपी धर्मेंद्र सैनी को बुला लिया और रेप कराया। यहां से किशोरी किसी तरह भाग कर अपने बड़े भाई के पास पहुंची और उसको घटना के बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद आरोपी मां किशनवीरी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मां के प्रेमी धमेन्द्र सैनी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई जगहों पर दबिश डाली हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी और पीड़ित का पिता दोनो टैंपो चलाते हैं। दोस्त होने के कारण ही धर्मेंद्र का पीडि़त किशोरी के घर आना-जाना था।

Monday, April 21, 2014

13 लोगों को गिरफ्तार किया

पिछले साल यहां हुए दंगों के सिलसिले में कम से कम 13 लोगों को उनकी भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार को आरोपियों को कानून के कठघरे में खड़ा किए जाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिए जाने के बाद यह कार्रवाई की गयी है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में दो हत्या आरोपी, चार पथराव के आरोपी तथा सात अन्य आरोपियों को बुधवार को बहावडी , बसीकाला , शाहपुर और कोतवाली से गिरफ्तार किया गया। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए जाने के बाद दंगा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान छेड़ा गया है।
मुजफ्फरनगर दंगा मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के अनुसार करीब 800 लोगों को दंगों , सामूहिक बलात्कार तथा हत्या के मामलों में संलिप्त पाया गया है और इनमें से कई पहले से ही फरार हैं। कुतबा हत्या मामले में 50 आरोपियों में से केवल तीन को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि गांव में दंगाइयों ने एक महिला समेत आठ लोगों की हत्या कर दी थी और कई अन्य को घायल कर दिया था। मुजफ्फरनगर तथा आस-पास के इलाकों में पिछले वर्ष सितंबर महीने में हुए सांप्रदायिक दंगों में 62 लोग मारे गए थे और 40 हजार से अधिक विस्थापित हुए थे।

Thursday, April 17, 2014

विरोध करने पर गोली मारकर किसान की हत्या

शामली में मंगलवार रात हथियारों से लैस करीब एक दर्जन डकैतों ने एक किसान के फार्महाउस पर डकैती डालने की कोशिश की। विरोध करने पर गोली मारकर किसान की हत्या कर दी। ये वारदात जनपद शामली के थाना कांधला इलाके के गांव आल्दी की है। पास ही के गांव ऊचांगाव निवासी जयपाल (65) का आल्दी गांव में एक फार्महाउस है। जिस पर उसके पशु रहते हैं। देखभाल के लिए उनके दो भाई और बेटे नेत्रपाल सिंह भी वारदात की रात मौके पर सो रहे थे। मामला रात के करीब 1 बजे के आसपास का है। बताया गया है कि एक दर्जन से अधिक हमलावरों ने फार्महाउस पर धावा बोल दिया। जैसे ही हमलावरों ने वहा पर मौजूद पशुओं को हथियारों के बल पर ले जाने की कोशिश करने लगे तो किसान जयपाल सिंह ने उनका विरोध किया। जिसके बाद हमलावरों ने जयपाल सिंह को गोली मार दी। गोली लगने के कारण जयपाल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हमलावर फायरिंग करते हुए फरार हो गए। पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है। 

Wednesday, April 9, 2014

मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों को अच्छी खासी राशि मदद के तौर पर

                         

समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को कहा कि जब दंगा-फसाद होता है तो सबसे ज्यादा नुकसान मुसलमानों का ही होता है, हिन्दुओं को कम नुकसान होता है। मुलायम सिंह ने यह भी कहा कि आतंकवाद के नाम पर बहुत से मुसलमानों को फंसा कर रखा गया है। हम इसकी जांच कराएंगे, जो बेगुनाह हैं, निर्दोष हैं, उन्हें जेल से रिहा कराएंगे।
मुलायम सोमवार को नौचंदी मैदान में आयोजित पार्टी की चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। मुलायम सिंह ने कहा कि एसपी सरकार ने मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों को अच्छी खासी राशि मदद के तौर पर दिए हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान में आज तक इतनी बड़ी राशि मुआवजे के रूप में कभी नहीं दिए गए। साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा कोई थाना नहीं है, जहां तीन से लेकर चार मुसलमान सिपाही ना हों।
मुलायम सिंह ने राज्य में वर्तमान बिजली संकट के लिए पिछली बीएसपी सरकार को दोषी बताते हुए कहा कि बीएसपी सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में एक यूनिट बिजली के लिए भी कहीं काम नहीं किया। अपनी सरकार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि अगले डेढ़ साल के बाद उत्तर प्रदेश में इतनी बिजली पैदा होगी कि अपने प्रदेश को तो 24 घंटे बिजली मिलेगी ही, हम बिजली को दूसरे प्रदेशों को बेचने की स्थिति में भी होंगे।
 
उन्होंने कहा कि युवकों को अगर रोजगार नहीं दिलवा सके तो बेरोजगारी भत्ता बढ़ाया जाएगा। जाति कार्ड खेलते हुए ऊंची जाति के गरीब लोगों को पिछड़ा वर्ग में शामिल कराने का भी वादा कर दिया। मुलायम सिंह ने कहा कि 10-10 साल के बाद वकीलों को पेंशन दिलाई जाएगी और अगर 10 साल में वकील की मौत हो जाएगी तो पांच लाख रुपये देंगे।


Monday, April 7, 2014

जाट मतदाताओं को लेकर जबरदस्त होड़

लोकसभा चुनाव में जाट मतदाताओं पर सबकी नजरें लगी हैं। सभी दलों में जाट मतदाताओं को लेकर जबरदस्त होड़ मची है। कांग्रेस को जाट आरक्षण के साथ ही अजित सिंह के सहारे जाट मत मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश में प्रथम चरण में लोकसभा की मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, अलीगढ़ समेत लोकसभा की जिन 10 सीटों पर चुनाव होना है, वहां जाट मतदाता बडी संख्या में हैं। 
आम चुनाव से ठीक पहले जाट समुदाय को अन्य पिछडा वर्ग की सूची में शामिल करने का केंद्र सरकार का निर्णय न्यायिक समीक्षा के दायरे में आने के बाद कांग्रेस-आरएलडी गठबंधन की चिंता बढ़ गई है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को 9 अप्रैल को अगली सुनवाई करनी है। ऐसे में चिंता इस बात को लेकर है कि अगर आरक्षण का मसला खारिज हो गया तो जाट मतों में बिखराव का खतरा बढ़ सकता है। 10 अप्रैल को मेरठ, बागपत, सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, गाजियाबाद, गौतमबुद्घनगर, बुलंदशहर और अलीगढ़ की लोकसभा सीटों पर मतदान होना है। इन इलाकों में जाट मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। 
पार्टियों की बात करें कांग्रेस ने आरक्षण का दांव खेला है। एसपी ने राजेन्द्र सिंह, कुलदीप उज्जवल, मुकेश चौधरी, राजपाल सिंह, ओमवीर तोमर समेत करीब आधा दर्जन नेताओं को लालबत्ती देकर जाटों को खुश करने की कोशिश की है। इनमें राजेन्द्र सिंह तो कैबिनेट मंत्री होने के साथ ही एसपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं। इसके अलावा गाजियाबाद से सुधन रावत को पार्टी उम्मीदवार बनाया है। एसपी महासचिव शिवपाल यादव ने दिसंबर में पीएम को पत्र लिख कर चरण सिंह को भारत रत्न की उपाधि देने की मांग करके जाटों को रिझाने की एक और कोशिश की। 18 दिसंबर को प्रदेश सरकार ने चरण सिंह के जन्म दिवस को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया। वहीं, बीजेपी ने सत्यपाल सिंह को बागपत, पूर्व जनरल वीके सिंह को गाजियाबाद और संजीव बालियान को मुजफ्फरनगर सीट से टिकट देकर खुद को जाटों का हिमायती बताने की कोशिश की है। इनमें मुंबई के पुलिस कमिश्नर रहे सत्यपाल सिंह और सेना प्रमुख रहे वीके सिंह हाल ही में राजनीति में उतरे हैं लेकिन बीजेपी ने अपने स्थानीय नेताओं के विरोध को दरकिनार करते हुए इन दोनो नेताओं को मैदान में उतारा है। इसके पीछे वजह शायद जाटों को खुश करने की ही रही है। 

Friday, April 4, 2014

मेरठ लोकसभा सीट पर कभी कांग्रेस का दबदबा हुआ करता था

मेरठ लोकसभा सीट पर कभी कांग्रेस का दबदबा हुआ करता था। 60 के दशक तक कांग्रेस के प्रत्याशी यहां से सांसद चुने जाते रहे हैं। उस समय जनसंघ को लोग खास अहमियत नहीं देते थे। 80 के दशक में एसपी और बीएसपी के उदय के बाद समीकरण बदले।
कांग्रेस के दलित सर्मथकों ने मायावती का हाथ थाम लिया। मुस्लिम भी धीरे-धीरे कांग्रेस से दूर होने लगे। सामान्य वर्ग के लोगों का झुकाव जनसंघ से भारतीय जनता पार्टी में बदल चुकी पार्टी की ओर होने लगा। इसके बाद बीजेपी की इस क्षेत्र में पैठ बनने लगी और कांग्रेस हाशिये पर चली गई। बीजेपी के अमरपाल लगातार तीन बार यहां से सांसद चुने गए। उसके बाद कांग्रेस के अवतार सिंह भड़ाना ने यहां के लोगों को कुछ ऐसा लुभाया कि उन्होंने उसे सांसद बना दिया। लेकिन उसके बाद से फिर बीजेपी ने अपना खोया रसूख वापस पा लिया। 2009 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी के राजेंद्र अग्रवाल को मौका मिला। बीजेपी के कैंट विधान सभा क्षेत्र को उसकी छपरौली कहा जाने लगा।
2014 लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के मतदाता क्षेत्र के विकास की अनदेखी को लेकर नाराज था। उसका मानना है कि शहर के शाहिद मंजूर के प्रदेश की एसपी सरकार में मंत्री होने के बावजूद विकास का कोई काम नही हो रहा है इसलिए उसकी एसपी से नाराजगी है। उसका गुस्सा क्षेत्र के बीजेपी सांसद को लेकर भी है।

उनका मानना था कि बीजेपी के सांसद ने भी क्षेत्र के विकास के लिए कोई काम नहीं किया है। कांग्रेस का कोई वजूद नजर नहीं आ रहा था। दयानंद गुप्ता का टिकट काटकर कांग्रेस ने फिल्म स्टार नगमा को मैदान में उतार दिया। इसके बाद अचानक यहां का चुनाव ग्लैमरस हो गया। युवा वर्ग नगमा के आसपास मंडराने लगा। नगमा ने भी अपना फोकस मुस्लिम वर्ग पर बनाया। जिससे एसपी और बीएसपी को लगने लगा कि उनका खेल नगमा बिगाड़ सकती है।
चुनाव की घोषणा और नगमा के मैदान में उतरने के बाद अब मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र का चुनावी गणित बदलने लगा है। मुस्लिम वोट तीन खेमों में बंटता नजर आ रहा है। एसपी से शाहिद मंजूर, बीएसपी से शाहिद अखलाक और कांग्रेस से नगमा के बीच मुस्लिम वोटों का बंटवारा होता दिखाई दे रहा है। बीएसपी का वोटर भी केंद्र की सरकार के मामले में अलग ढंग से सोचता दिख रहा है। विधानसभा चुनाव में हाथी से चिपका रहने वाला उसका वोट बैंक केंद्र के लिए मोदी को चुनने की बात कर रहा है।
बीजेपी के प्रत्याशी राजेन्द्र अग्रवाल के खिलाफ लोगों में अभी भी नाराजगी है। कई जगह उनके बहिष्कार के पोस्टर लगाकर लोग अपने गुस्से का इजहार भी कर रहे हैं। लेकिन उनकी मजबूरी यह है कि मतदाता इस बार मोदी को प्रधानमंत्री पद पर देखना चाहते हैं। मुजफ्फरनगर के दंगों से भी इस लोकसभा क्षेत्र के मतदाता प्रभावित नजर आते हैं। इसके परिणाम भी धर्म के आधार पर वोटों का पोलराइजेशन हो सकता है।
इस क्षेत्र में अब तक स्टार प्रचारक के रूप में बीजेपी की ओर से नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय लोकदल-कांग्रेस गठबंधन की ओर से जयंत चौधरी यहां प्रचार के लिए आ चुके हैं। मोदी की रैली शताब्दी नगर में हुई गई थी। राजनीति के जानकारों ने इस रैली को सफल बताया था। जयंत अपना कोई खास जादू यहां नही दिखा पाए थे। जल्द ही एसपी के मुखिया मुलायम सिंह और बीएसपी से मायावती यहां रैली कर अपने प्रत्यशियों के लिए वोट मांगेगे। कांग्रेस की ओर से फिल्मी सितारों को लाने की बात कही जा रही है।

Wednesday, April 2, 2014

सांसद राजेन्द्र अग्रवाल को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा

यहां से बीजेपी प्रत्याशी और सांसद राजेन्द्र अग्रवाल को सोमवार को अपने चुनाव प्रचार के दौरान कुंडा गांव के लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उनके साथ प्रचार के लिए चल रहे बीजेपी विधायक और मेयर को भी लोगों ने नहीं बख्शा। विरोध कर रहे लोग सांसद व अन्य नेताओं की गाड़ी पर चढ गए और जमकर हंगामा किया। इस दौरान लोगों ने अग्रवाल की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। लोगों का कहना है कि सांसद से बार-बार मिलने के बावजूद उन्होंने क्षेत्र की सड़कें ठीक नहीं कराई थी, इसलिए गांव के लोगों ने उनका बॉयकॉट करने का फैसला लिया है। वहीं बीजेपी प्रत्याशी का कहना है कि क्षेत्र के एसपी के सभासद के इशारे पर कुछ युवकों ने उनपर हमला किया है।
मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट के बीजेपी प्रत्याशी और सांसद राजेन्द्र अग्रवाल सोमवार को चुनाव प्रचार के लिए निकले थे। उनके साथ बीजेपी के विधायक रवींद्र भड़ाना, मेयर हरिकांत अहलूवालिया व अन्य नेता के अलावा उनके सर्मथक भी थे। बताया जाता है कि जब अग्रवाल का काफिला कुंडा रेलवे फाटक के पास पहुंचा तो वहां पहले से कुछ लोग उनके बॉयकॉट का बैनर लगाए बैठे थे। उनके काफिले के वहां पहुंचते ही लोगों ने अग्रवाल वापस जाओं के नारे लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कुछ लोग राजेंद्र अग्रवाल की गाड़ी के सामने लेट गए। बीजेपी नेताओं ने लोगों को समझाना चाहा तो लोगों ने आरोप लगाया कि वे सांसद से गांव की सड़क ठीक कराने के लिए कई बार मिले, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। इस पर दोनों ओर से नोकझोंक शुरू हो गई। थोड़ी ही देर में वहां अफरातफरी फैल गई। विरोध कर रहे कई युवक सांसद, मेयर व विधायक की गाड़ियों पर चढ़कर हंगामा करने लगे। उन्होंने गाड़ियों पर मुक्के मारे।
आरोप है कि युवकों ने कारों में तोड़फोड़ की और उनके शीशे तोड़ दिए। किसी तरह सांसद के सर्मथक उन्हें वहां से निकाल कर ले गए। बताया जाता है कि इस घटना से पहले रास्ते में रिठानी के पास इंदिरापुरम कॉलोनी और अछरौडा गांव की महिलओं ने भी बीजेपी प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल का विरोध किया था। उनका आरोप था कि पांच सालों में सांसद कभी उनके क्षेत्र में नही आए हैं। वहां से सांसद का काफिला किसी तरह से शताब्दी नगर सेक्टर- 4 होता हुआ कुंडा के फाटक पर पहुंचा।
इस बारे में राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि एसपी के एक सभासद के इशारे पर उन पर यह हमला किया गया है। गांव की लोग उनके साथ हैं। उनका कहना है कि वे अपने एसपी के साथियों से कहना चाहते हैं कि जनतंत्र में यह तरीका ठीक नहीं है। साथ ही वे प्रशासन से भी कहेंगे की वह ज्यादा सर्तकता बरते। हमले के आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने के बारे में पूछे जाने पर अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल उसकी जरूरत नहीं है।

मुजफ्फरनगर के बीजेपी प्रत्याशी के काफिले पर सोमवार को पथराव की खबर

मुजफ्फरनगर के बीजेपी प्रत्याशी के काफिले पर सोमवार को पथराव की खबर है। सूचना मिलते ही आला अधिकारी भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गए। पुलिस घटना की छानबीन मे जुट गई है। बीजेपी प्रत्याशी संजीव बालियान अपने जनसम्पर्क अभियान के तहत सोमवार दोपहर क्षेत्र के गांव पुरबालियान के रास्ते किसी अन्य गांव मे जा रहे थे। इसी बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी गाडी पर पत्थर फेंक दिया। इस घटना में कार के ड्राइवर की साइड का शीशा टूट गया।
संजीव बालियान के काफिले पर पथराव की सूचना पर कई ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। मामले की गंभीरता को समझते हुए आला अधिकारी भी भारी पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंच गए। चर्चा रही कि किसी बच्चे की ओर से फेंके गए पत्थर से वाहन का शीशा टूट गया है। जबकि क्षेत्र में अफवाह थी कि बालियान के काफिले पर कुछ लोगों ने हमला बोल दिया है। घटना की सूचना पर पहुंचे लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

खाप पंचायतें यदि लोक अदालतों की तरह काम करे तो समाज का हित होगा

बागपत जिले का विकास कृषि आधरित व्यवसाय से ही संभव है। उत्तराखंड और हरियाणा को जोड़ने वाला दिल्ली-यमुनोत्री स्टेट हाइवे को नैशनल हाइवे का दर्जा मिलने से आवागमन आसान होगा। इसके साथ ही व्यवसाय में भी बढ़ोतरी होगी और लोगों को रोजगार मिलेंगे। बागपत से बीजेपी प्रत्याशी सत्यपाल सिंह ने कहा कि सगोत्रीय विवाह वैज्ञानिक दृष्टि से भी अनुचित है। खाप पंचायतें यदि लोक अदालतों की तरह काम करें तो मंजूर है। छोटे राज्य में प्रशासन और विकास चुस्त-दुरूस्त रहता है।
बागपत लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी के प्रत्याशी डॉ. सत्यपाल सिंह ने शुक्रवार को एनबीटी से खास बातचीत में कहा कि खाप पंचायतें यदि लोक अदालतों की तरह काम करे तो समाज का हित होगा। सगोत्र विवाह साइंटिफिक नजरिए से भी अनुचित है। सड़कों के खस्ताहाल होने के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार बता कर पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता। यदि क्षेत्र की जनता ने मौका दिया तो दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग की पर्याप्त मरम्मत कराई जाएगी। इसे नैशनल हाइवे का दर्जा दिलाने की कोशिश की जाएगी। हरित प्रदेश की चर्चा पर उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र तो अंडरग्राउंड वॉटर लेवल और कृषि आधारित व्यवसाय घटने से सूखा बना दिया गया है। प्रदेश का बंटवारा होना चाहिए। वेस्ट यूपी को अलग प्रदेश बनने से प्रशासन चुस्त व विकास गति तेज होगी।
सत्यपाल ने कहा कि दिल्ली से महज 60 किमी दूर इस क्षेत्र में कृषि आधरित व्यवसाय जैसे पशु, मुर्गी पालन और सब्जी उत्पादन से इस क्षेत्र के किसान खुशहाल हो सकते हैं। इस व्यवसाय में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं में सब्सिडी का प्रावधान है। दिल्ली में गुजरात से प्रतिदिन 28 लाख लीटर दूध आता है। पशु पालन को बढ़ावा देकर इस क्षेत्र से भी दूध की भारी मात्रा में सप्लाई की जा सकती है। इस क्षेत्र में गन्ना उत्पादन का क्षेत्रफल अधिक है, लेकिन महाराष्ट्र में यहां से 2.5 से 3 प्रतिशत अधिक गन्ना का उत्पादन होता है। महाराष्ट्र में चीनी मिलें ही खेती से गन्ना छिलकर लाती हैं और औसत चीनी रिकवरी के आधार पर गन्ना मुल्य भुगतान किया जाता है। ऐसी ही तकनीक से गन्ना उत्पादन कर भुगतान सिस्टम यहां लागू करने से किसानों को राहत मिलेगी।