Tuesday, July 8, 2014

संगीत सोम-मैं तो बीजेपी का एक साधारण कार्यकर्ता हूं।

मुरादाबाद के कांठ गांव में एक धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर उतारे जाने के बाद हुए हंगामे के बाद से सरधना क्षेत्र के बीजेपी के विधायक संगीत सोम एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। 
- मुजफ्फरनगर के दंगों के दौरान आप पर गंभीर आरोप लगे और अब कांठ की घटना के बाद भी आप सुर्खियों में है। क्या पार्टी में बड़े रोल की तैयारी है।
 
संगीत सोम-मैं तो बीजेपी का एक साधारण कार्यकर्ता हूं। दलितों, गरीबों व असहायों के लिए लड़ता रहा हूं ओर लड़ता रहूंगा। प्रदेश में किसी भी शख्स के खिलाफ अन्याय होगा तो मैं उसके लिए खड़ा होउंगा। पार्टी में किसकी क्या भूमिका होगी, यह हमारा शीर्ष नेतृत्व तय करता है। हमार काम है नेतृत्व के निर्देशों का पालन करना।
 
प्रशन- आपका कहना है कि प्रदेश सरकार ने अपके खिलाफ झूठे मुकदमें दर्ज कराए है। कहीं एसपी भी आपको भावी सीएम बनने से रोकने के लिए आपको घेरने की तैयारी तो नहीं कर रही है।
 
संगीत सोम- एसपी क्या सोचती है यह तो मुझे पता नहीं। लेकिन यह सच है कि मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। मुजफ्फरनगर में साइबर क्राइम से लेकर आतंकवाद की धाराओं में मेरे खिलाफ केस दर्ज किए गए। लेकिन मैं इससे डरा नहीं हूं। आगे भी मैं गरीबों और दलितों के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखूंगा।
 
- कांठ का वास्तविक मुद्दा क्या है?
 

संगीत सोम- यह मामला एसपी सरकार की तुष्टिकरण का नतीजा है। किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना जुर्म है। मंदिर में पिछले दस साल से लाउडस्पीकर लगा है। यह बात आईबी की रिर्पोट में भी है। इसके बावजूद सरकार गलत बयानी कर कह रही है कि मंदिर में हर साल सिर्फ शिवरात्री के अवसर पर ही लाउडस्पीकर लगाया जाता रहा है। सरकार इसे नई परंपरा बता रही है। धर्म से जुड़ी चीजें परंपरा नहीं आस्था होती हैं। 
प्रशन- यदि प्रशासन को लगता है कि मंदिर पर लगे लाउडस्पीकर से कानून- व्यवस्था की समस्या हो सकती है तो आप लोगो को इस बात से एतराज क्यों हैं।
 
संगीत सोम- गांव में 10 साल से एक ही मंदिर है। जबकि इसी दौरान वहां मस्जिद की संख्या एक से बढ़कर चार हो गई है और सभी में लाउडस्पीकर लगे हैं। अगर समस्या है तो मस्जिदों से लाउडस्पीकर क्यों नहीं उतारे गए।
 
प्रशन
 - आपके अनुसार ऐसा करने के पीछे सरकार की क्या मंशा है ? 
संगीत
 सोम - यूपी की एसपी सरकार आज हर मुद्दे पर फेल हो चुकी है। सड़कें , बिजली - पानी की समस्या वहदूर नहीं कर पा रही है। कानून - व्यवस्था चरमरा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव भी यह कह चुके हैं कि यूपीसेफ नहीं है। ऐसे में जनता का ध्यान समस्यों से हटाने के लिए सरकार यह सब खेल , खेल रही है। बीजेपी कीछवि को धूमिल करने के लिए उस पर झूठे आरोप लगा रही है। जब से यह सरकार बनी है प्रदेश में छोटे - बड़ेमिलाकर 110 दंगे हो चुके हैं। सरकार खुद संप्रदायिकता फैला रही है और दोष हम पर मढ़ रही है। सरकार की विफलताओं को जनता के सामने लाएंगे। हम सदन से लेकर सड़क तक लोकतंत्रिकतरीके से सरकार की गलत नीतियों का विरोध करेंगे। लेकिन अगर सरकार जनहित में कोई फैसला लेगी तो हमउसका सर्मथन भी करेगे। 

Friday, July 4, 2014

कलीना गांव में एक किशोर की हत्या

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के कलीना गांव में एक किशोर की हत्या कर शव फांसी पर लटका कर हमलावर फरार हो गए। जिला पुलिस प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि मृतक की शिनाख्त मुकेश (15) के रुप में हुई है। मुकेश का शव मंगलवार को गांव के जंगल में पेड़ पर रस्सी से लटका मिला था। सूचना पर पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।
प्रवक्ता के मुताबिक मृतक के हाथ में खुदकुशी नोट नोट मिला है। जबकि परिजनों और गांव वालों का कहना है कि मृतक अनपढ़ था। ऐसे में लग रहा है कि किसी ने हत्या कर इसे आत्महत्या दर्शाने के लिए शव को रस्सी से पेड़ पर लटका दिया और हाथ में खुदकुशी नोट थमा दिया। लेकिन ,शायद हमलावर यह नहीं जानता था कि मृतक अनपढ़ था।पुलिस मामले की जांच में जुटी है। उधर, मृतक के पिता ने सचिन, रामू, काला और श्यामवीर को नामजद करते हुए तहरीर दी है। हालांकि तहरीर में हत्या की वजह नही बताई गई है।

Tuesday, July 1, 2014

आईटी पार्क डिवेलप करने की योजना

सूचना एवं प्रौद्योगिकी विकास विभाग ने प्रदेश में आईटी पार्क डिवेलप करने की योजना पर काम तेज कर दिया है। प्रदेश का पहला आईटी पार्क मेरठ में स्थापित किए जाने की कवायद विभाग की ओर से शुरू कर दी गई है। करीब तीन एकड़ जमीन में बनने वाले आईटी पार्क के लिए मेरठ डिवेलपमेंट अथॉरिटी जमीन मुहैया कराएगा। जबकि आईटी पार्क का निर्माण सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) से कराया जाएगा।
मेरठ में स्थापित होने वाले इस आईटी पार्क में प्रदेश सरकार की तरफ से लीज पर जमीन मुहैया कराएगी। प्रदेश के दो शहरों लखनऊ और आगरा में आईटी सिटी डिवेलप करने की योजना के साथ ही कई दूसरे शहरों में आईटी पार्क बनाने की योजना बनाई थी। जिन शहरों में आईटी पार्क डिवेलप किया जाना है, उनमें गोरखपुर, लखनऊ, मेरठ, आगरा शामिल हैं। विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक एक बार मेरठ में आईटी पार्क का काम शुरू होने के बाद दूसरे शहरों में भी आईटी पार्क बनाने की योजना को अंजाम दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार चाहती है कि प्रदेश के बड़े शहरों में आईटी पार्क बनाया जाए। ताकि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों को शहरों में ही नौकरी मिल सके।
 

Monday, June 30, 2014

अपहृत युवती और उसके अपहरणकर्ताओं की तलाश शुरु

मेरठ जिले के थाना दौराला क्षेत्र में एक युवती का घर के पास से कार सवार लोगों ने अपहरण कर लिया। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अपहृत युवती और उसके अपहरणकर्ताओं की तलाश शुरु कर दी है। थाना दौराला इंस्पेक्टर जनक सिंह पुंडीर के मुताबिक वारदात शुक्रवार रात 10 बजे की है। दौराला थाना क्षेत्र निवासी 26 वर्षीय युवती अपनी मां के साथ घर के बाहर कूडा डालने आई थी। 
तभी वहां होंडा सिटी कार में सवार कुछ लोग आए और युवती को कार मे डाल कर दिल्ली की तरफ फरार हो गए। युवती की मां ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद से युवती का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के अनुसार जिस युवती का अपहरण हुआ है, उसकी 6 जुलाई को गाजियाबाद निवासी युवक से शादी होनी है।

Thursday, June 26, 2014

शूटिंग के दौरान भारी भीड़ जमा होने के कारण हंगामा

घंटाघर पर मंगलवार रात रीजनल फिल्म की शूटिंग के दौरान भारी भीड़ जमा होने के कारण हंगामा हो गया। कलाकारों से बदसलूकी के आरोप लगे। घबराकर कलाकार एक कमरे में बंद हो गए। शूटिग कैंसल करने का एलान कर दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकारकर लोगों को वहां से हटाया। देर रात पुलिस की सुरक्षा में शूटिंग दोबारा शुरू हुई। पुलिस कलाकारों से छेड़छाड़ के आरोप से इनकार कर रही है। 

Monday, June 23, 2014

बड़ौत निवासी 4 साल और 6 साल की दो सगी बहनों के साथ अज्ञात युवकों ने गैंगरेप किया

दो सगी मासूम बहनों से गैंगरेप का मामला सामने आया है। एक को गंभीर हालत में मेरठ रेफर कर दिया गया है। वारदात के बाद गुस्साए लोगों ने प्रदेश सरकार का पुतला फुंक कर आक्रोश जताया। बड़ौत निवासी 4 साल और 6 साल की दो सगी बहनों के साथ अज्ञात युवकों ने गैंगरेप किया। शनिवार कोतवाली में इस मामले में तहरीर दी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। रविवार को यहां जिला अस्पताल में मेडिकल जांच के दौरान 4 साल की बच्ची को गंभीर हालत के चलते मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वारदात से गुस्साए लोगों ने बीएसपी विधायक लोकेश दीक्षित की अगुवाई में प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर गुस्से का इजहार किया। लोगों ने दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। मेडिकल जांच की रिपोर्ट सोमवार को मिलेगी। 
वहीं, बड़ौत क्षेत्र में युवती से बलात्कार की कोशिश के आरोप आरोप में दो युवकों को जेल भेज दिया गया है। बताया गया है कि बड़ौत के पशु व्यापारी के घर 2 युवा सहयोगी ठहरे थे। आरोप है कि रात में दोनों ने युवती से छेडछाड कर रेप की कोशिश की। दोनों आरोपी लोनी के रहने वाले हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है

Thursday, June 19, 2014

सरकार ने सर्कल रेट से दोगुनी कीमत पर जमीन एक्वॉयर करने का फैसला

प्रदेश सरकार ने परतापुर स्थित हवाई पट्टी का विस्तार कर एयरपोर्ट में बनाने की राह की अड़चनों को दूर करने के लिए सरकार ने नई कवायद की है। किसानों के विरोध को देखते हुए सरकार ने सर्कल रेट से दोगुनी कीमत पर जमीन एक्वॉयर करने का फैसला किया है। अगर किसान नहीं माने तो नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जमीन एक्वॉयर की जाएगी। वहीं, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया भी जून के अंतिम हफ्ते में वर्तमान हवाई पट्टी पर अपना कब्जा लेकर वहां सीआईएसएफ को तैनात कर जुलाई में यहां काम शुरू करना चाहती है। 
परतापुर में 133 एकड़ जमीन पर हवाई पट्टी बनी हुई है। इसका विस्तार कर एयरपोर्ट बनाने के लिए 392 एकड़ अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता एएआई ने जताई थी। इसमें से 72 एकड़ जमीन 8 विभागों की है। इस जमीन का सर्वे कर निशान लगाने का काम पूरा हो चुका है। बाकी 320 एकड़ जमीन कांशी व गंगोल के 654 किसानों से एक्वॉयर की जानी है। जिला प्रशासन ने किसानों से सर्कल रेट पर जमीन सीधे खरीदने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन किसान इस रेट पर जमीन देने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि सर्कल रेट महज 900 व 1400 रुपये हैं, जो बहुत कम हैं। किसानो की मांग थी कि उन्हे सर्कल रेट से पांच गुना कीमत दी जाए। इस बात को लेकर किसानों ने धरना प्रर्दशन भी किया था।
 
सोमवार को लखनऊ में एएआइ के क्षेत्रिय अधिशासी निदेशक व प्रोजेक्ट प्रभारी अनुज अग्रवाल, प्रदेश की नागरिक उड्डयन विभाग की महानिदेशक अनिता सिंह, सचिव एसके रघुवंशी और निदेशक देवेन्द्र स्वरूप के बीच हुई मीटिंग में अहम फैसले लिए गए। इसमें हवाई पट्टी के विस्तार के लिए किसानों से उनकी जमीन सर्कल रेट से दोगुनी कीमत पर लेने का फैसला किया गया है। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया है कि अगर इस रेट पर भी किसान जमीन देने को तैयार नहीं होते हैं, तो नए जमीन अधिग्रहण प्रवधानों के तहत इस जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाए। जिला प्रशासन को इस बावत निर्देश दे दिए गए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से एएआई को हस्तांतरित की जाने वाली 392 एकड़ जमीन एक साल के अंदर निशुल्क हस्तांतरित कर दी जाएगी।
 
वहीं, दूसरी ओर एएआई जून के अंतिम हफ्ते में मौजूदा परतापुर हवाई पट्टी का कब्जा लेने की तैयारी कर रहा है। संभवत यह कार्रवाई 23 जून को हो सकती है। जुलाई में यहां 250 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद है।