Monday, December 15, 2014

जांच नगर मैजिस्ट्रेट को

राजकीय संप्रेक्षण गृह में गुरुवार शाम किशोर बंदियों के हमले का शिकार हुए कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश ने इलाज के दौरान शुक्रवार तड़के 4.30 बजे अस्पताल में दम तोड़ दिया। थाना नौचंदी पुलिस ने घटना के समय मौके पर मौजूद हेड कॉन्स्टेबल की तहरीर पर 25 किशोर बंदियों को नामजद और करीब 125 को अज्ञात दिखाते हुए हत्या समेत अन्य संगीन धराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं डीएम ने घटना के मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। डीएम पंकज यादव ने बताया कि जांच नगर मैजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
वहीं जिला प्रशासन दूसरे जनपदों के किशोर बंदियों को उनके जनपद में ट्रांसफर करने की मांग करते हुए शासन को अपनी रिपोर्ट भेज रहा है। किशोर बंदियों की उम्र का पता लगाने के लिए मेडिकल जांच कराने की बात भी प्रशासन कर रहा है।
एसओ नौचंदी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि 25 किशोर बंदी को नामजद और करीब 125 को अज्ञात में दिखाते हुए उनके खिलाफ आईपीसी की कई धराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट की धारा-3 के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। आईजी आलोक शर्मा के अनुसार प्रत्येक जनपद में संप्रेक्षण गृह बनाने की मांग करते हुए शासन को रिर्पोट भेजी जा रही है। तीन माह पहले ही सभी जनपद की संयुक्त बैठक में इस बात का पहले ही फैसला लिया गया था, लेकिन बुलंदशहर के अलावा अन्य किसी जनपद ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। डीएम पंकज यादव भी मानते हैं कि बिना बंदियों के संख्या बल को कम किए संप्रेक्षण गृह की समस्या खत्म नहीं की जा सकती है। उन्होने कहा कि कानूनी सलाह लेकर इस समस्या से निबटने की तैयारी की जा रही है।
कौन है सूत्रधार और क्या है समस्या : नोएडा से यहां भेजा गया बंदी सुफियान उर्फ राजा भैया को इस घटना का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार 3 माह पहले कोर्ट सुफियान को बालिग घोषित कर चुकी है। उसे नोएडा जेल में ट्रांसफर किए जाने के आदेश भी हो चुके हैं। इसके बावजूद वह अभी तक संप्रेक्षण गृह में ही है। संप्रेक्षण गृह मे हो रही लगातार घटनाओं के पीछे उसी का हाथ उभर कर सामने आ रहा है।
मौजूदा राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह का भवन महिला छात्रावास का ही एक हिस्सा है। इसकी क्षमता 100 बंदियों की है, लेकिन यहां फिलहाल करीब 225 बंदी हैं। मेरठ के अलावा जनपद नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ के किशोर बंदी भी इनमे शामिल हैं। बिल्डिंग की हालत जर्जर है। संप्रेक्षण गृह में चार केयर टेकर, चार चर्तुथ श्रेणी कर्मचारी, और रसोईया का पद रिक्त पड़ा है। सुरक्षा के लिए प्रर्याप्त बल उपलब्ध नहीं है। वहीं कई ऐसे बंदी हैं जो अब बालिग हो चुके है, लेकिन उन्हे यहां से शिफ्ट नहीं किया जा रहा है। बंदियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और खेलकूद की भी व्यवस्था नहीं है। जानकारों का मानना है कि इन्ही कारणों से बंदी आक्रामक हो रहे हैं।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
29 जनवरी: संप्रेक्षण गृह मे किशोरो ने गाजियाबाद के एक दरोगा को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था।
10 दिसंबर को पेशी से लौटने के बाद पुलिस पर हमला।
1 अक्टूबर को दो किशोर बंदी फरार हो गए थे, जिनमें से एक को पुलिस ने पकड़ लिया था।
23 अगस्त को खाना न मिलने के विवाद को लेकर गुस्साए बाल बंदियों ने पुलिस और संप्रेक्षण गृह के स्टाफ को बंदी बना लिया था।
3 सितंबर को पुलिस पर पथराव और मौके पर पहंुचे आला अधिकारियों से गाली गलौज की थी।

4 जून को बंदियों ने नारेबाजी की और फिर भूख हड़ताल पर बैठ गए।

Friday, December 12, 2014

पकड़ी गई लड़कियों में से छह नेपाल की

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और लोकल पुलिस ने बुधवार देर रात कबाड़ी बाजार के रेड लाइट एरिया में छापा मारकर दो कोठों से सात लड़कियों और चार युवकों को गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई लड़कियों में से छह नेपाल की हैं, जबकि एक उत्तरकाशी की है। पुलिस के पास लड़कियों के साथ कुछ बदमाशों के होने की भी सूचना थी। पुलिस को पकड़े गए लड़कों के पास से सेक्सवर्द्धक और नशीली गोलियां मिली हैं। पुलिस लड़कियों के उम्र की जांच के लिए उनका मेडिकल चेकअप करा रही है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सूचना मिली थी कि कबाड़ी बाजार में नेपाल से नबालिग लड़कियों को लाकर उनसे देह व्यापार कराया जा रहा है। साथ ही यह सूचना भी मिली की कोठे पर उनके साथ कुछ बदमाश भी हैं। इस सूचना पर बुधवार रात 10 बजे पुलिस ने दो कोठों पर छापा मारा। पहले कोठे से उन्हें चार लड़कियां और दो लड़के और दूसरे से तीन लड़कियां व दो लड़के मिले। लड़कियों को महिला पुलिस के साथ महिला थाने भेज दिया गया और युवकों को ब्रहमपुरी थाने ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि लड़कियों के उम्र का पता लगाने के लिए उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। सीओ स्वर्णजीत कौर का कहना है कि लड़कियां अपने को बालिग बता रही है। मेडिकल रिर्पोट से ही उनकी सही उम्र का पता लग पाएगा। लड़कियों के परिजनों को भी सूचना दी जा रही है। पकड़े गए युवक मोहसिन, सोनू, सनी और वसीम मेरठ के रहने वाले हैं। इनके पास से पुलिस ने सेक्सवर्द्धक व नशे की गोलियां बरामद की हैं। छापे के दौरान पुलिस को वहां कोई बदमाश नहीं मिल पाया।

Wednesday, December 10, 2014

मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश

जिले के थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र में हुई मुठभेड़ की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच नगर मजिस्ट्रेट करेंगे। डीएम पंकज यादव ने आज बताया कि गत एक दिसम्बर की देर रात थाना लिसाड़ीगेट मेरठ क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में एक सिपाही शहीद हुआ था तथा एक अपराधी मारा गया था।
डीएम के अनुसार सीनियर एसपी के अनुरोध पर मुठभेड़ के मजिस्ट्रीयल जांच के लिये नगर मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नियुक्त किया है तथा निर्देश दिये है कि वह सभी तथ्यों का संग्यान लेकर अपनी जांच रिपोर्ट एक माह में प्रस्तुत करें।
इस घटना मेें एकांत यादव 24 नामक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी, जबकि एक घायल हो गया, जिसको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश भी मारा गया था।

Monday, December 8, 2014

राज्यपाल पर दीक्षांत समारोह को राजनीतिक मंच में तब्दील करने का आरोप

सीसीएस यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में प्रदेश के राज्यपाल और कुलाधिपति राम नाईक शनिवरा को निर्धारित समय दोपहर 12 बजे से एक घंटा लेट पहुंचे। राज्यपाल ने मात्र 5 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की। इस बात को लेकर छात्रों में रोष दिखा। छात्रों का कहना था कि राज्यपाल के लेट आने की सजा उन्हें क्यों दी जा रही है। वे तो उन्हीं के हाथों डिग्री लेने आए थे। इस अवसर पर कुल 137 छात्रों को डिग्रियां दी गई। योग गुरु भारत भूषण को डिलिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल जब 3:30 पर विवि से एयरपोर्ट जाने के लिए निकले तो विवि के बाहर खड़े छात्रसंघ के एसपी समर्थित अध्यक्ष राजदीप विकल और उनके साथियों ने हवा में काले झंडे दिखा कर राज्यपाल को अपनी नाराजगी दिखाई। उनका कहना था कि दीक्षांत समारोह में बीजेपी से जुड़े लोगों को ही तवज्जो दी जा रही है। उन्होंने राज्यपाल पर दीक्षांत समारोह को राजनीतिक मंच में तब्दील करने का आरोप भी लगाया।

राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि बीकॉम करने के बाद उनकी नौकरी लग गई थी। छुट्टी न मिलने के कारण वे अपने दीक्षांत समारोह में भाग नहीं ले पाए थे, जिसका उन्हें आज भी अफसोस है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए चार बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जीवन में सदैव मुस्कुराते रहना चाहिए। अच्छे काम को प्रोत्साहन देना चाहिए। किसी को कभी छोटा नहीं समझना चाहिए और कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

Saturday, December 6, 2014

धोखाधड़ी का अरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर

गोल्ड मेडल समेत एक दर्जन मेडल जीत चुके बेटे के सफलता के शिखर को छूने के सपने को साकार करने के लिए पिता ने अपनी जमीन बेच दी। शूटिंग की ट्रेनिंग देने वाले एक संस्थान के मालिक को जमीन बेचने से मिली रकम से जर्मनी से एयर रायफल मंगाने के लिए 2.28 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। आरोप है कि अब ट्रेनिंग संस्थान का मालिक न रायफल दे रहा है और ना ही रुपए वापस कर रहा है। संस्थान के मालिक पर धोखाधड़ी का अरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

बागपत के गांव घुड़सैनी का रहने वाला 12वीं का छात्र अजय यादव नैशनल शूटिंग में गोल्ड मेडल समेत एक दर्जन मेडल जीत चुका है। अजय इंटरनैशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहता है। इसके लिए उसे एक राइफल वालथर-400 की आवश्यकता थी। उसने इसका जिक्र अपने पिता बलवान सिंह से किया। बेटे के सपने को साकार करने के लिए पिता ने 2.5 लाख रुपये में अपनी जमीन बेच दी। अजय यादव के अनुसार रायफल के लिए उन्होंने मेरठ के रोहटा रोड स्थित एक शूटिंग संस्थान के मालिक से संपर्क किया। संस्थान के मालिक की ओर से रायफल दिलाने का भरोसा दिए जाने पर उन्होंने 2.28 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। अजय का कहना है कि अब उन्हें संस्थान का मलिक न तो रायफल दे रहा है और ना ही उनके पैसे वापस कर रहा है। उन्होंने संस्थान के मालिक के खिलाफ थाना कंकरखेड़ा में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

Friday, December 5, 2014

वीसी और रजिस्ट्रार के बीच लंबे समय से चली आ रही लड़ाई ने नया मोड़

सीसीएस यूनिवर्सिटी के वीसी और रजिस्ट्रार के बीच लंबे समय से चली आ रही लड़ाई ने नया मोड़ ले लिया है। वीसी ने सोमवार को प्रदेश सरकार के रजिस्ट्रार को कार्यभार ग्रहण कराने संबंधी आदेश को मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने राज्य सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि अगर सरकार उनसे इस आदेश का पालन करवाना चाहती है तो वह राज्यपाल के माध्यम से यह आदेश उन्हें भिजवाएं। दूसरी ओर रजिस्ट्रार यह मानने को तैयार नहीं हैं कि वे कार्यमुक्त हो चुके हैं। उनका कहना है कि वे अभी भी रजिस्ट्रार हैं। अब यह विवाद विवि परिसर से निकल कर प्रदेश सरकार और राज्यपाल के बीच आ गया है।
रविवार को रजिस्ट्रार मनोज कुमार चौहान के पद पर बने रहने पर अपने पद से त्यागपत्र देने की बात कहने वाले वीसी विक्रम चंद्र गोयल ने सोमवार को ने कहा कि उन्होंने पत्र भेज कर बता दिया है कि वे सरकार के निर्देश पर रजिस्ट्रार मनोज कुमार को पदभार ग्रहण नहीं करा सकते हैं। राज्यपाल की सहमति के बाद ही वे उनके द्वारा दिए गए निर्देश का पालन कर सकते हैं। वीसी की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। वीसी राज्यपाल के दिशा निर्देशों को मानने के लिए ही बाध्य होता है।

वीसी ने बताया कि उन्होंने एक कार्यालय आदेश निकाल कर सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को सूचित कर दिया है कि उप-कुलसचिव डॉ. देशराज विवि के रजिस्ट्रार का कार्य देख रहे हैं। इसलिए सभी पत्रावली उनके सामने पेश की जाएं। वहीं रजिस्ट्रार मनोज कुमार का कहना है कि वे आज भी रजिस्ट्रार हैं।

Monday, December 1, 2014

सभी अनियमितताएं दूर करने के बाद ही फैक्ट्री चलाने के निर्देश

यहां अल आलिया मीट प्लांट को रविवार को जिला प्रशासन की ओर से धारा 133 के अधीन नोटिस जारी कर दिया गया है। एसडीएम सदर की अगुवाई में पहुंची जांच टीम को रविवार को फैक्ट्री में कुछ अनियमितताएं मिली हैं। फैक्ट्री में रखे 90 टन मीट को उसके मैनेजर के हवाले कर दिया गया है। जिस वॉल्व में रिसाव होने के बाद शनिवार की देर शाम प्लांट में काम कर रहे 16 महिलाओं समेत बीस लोग बेहोश हो गए थे, उसे भी ठीक कर दिया गया है। एसडीएम सदर ने फैक्ट्री मालिकों से सभी अनियमितताएं दूर करने के बाद ही फैक्ट्री चलाने के निर्देश दिए हैं।

शनिवार देर शाम मीट प्लांट में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव होने के कारण मीट की पैकेजिंग कर रहे मजदूर बेहोश होकर गिरने लगे थे। इससे वहां अफरातफरी मच गई थी। बेहोश हो जाने के कारण 16 महिलाओं समेत 20 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिनकी हालत अब ठीक बताई जा रही हैं। इस घटना के बाद डीएम पंकज यादव ने एसडीएम सदर की अगुवाई में के एक जांच कमिटी का गठन कर दिया था। रविवार को एसडीएम सदर रवीश गुप्ता, सीओ किठौर नीतेश कुमार, असिस्टेंट डायरेक्टर फैक्ट्रीज के.के मिश्रा और प्रदूषण विभाग की टीम के साथ जांच के लिए फैक्ट्री पहंचे। एसडीएम सदर ने बताया कि जांच के दौरान उन्होने पाया कि फैक्ट्री के पास प्रदूषण सर्टिफिकेट तो था, लेकिन फायर सर्टिफिकेट की डेट एक्सपायर हो चुकी थी। इसके अलावा वहां कोई भी तकनीकी स्टाफ उन्हें वहां नहीं मिला। एसडीएम सदर ने बताया कि फैक्ट्री के मालिक को धारा 133 के तहत नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी अनियमिताताओं को दूर करने से पहले फैक्ट्री नहीं चलाए जाने के निर्देश भी दे दिए गए है। फैक्ट्री मालिकों के अनुरोध पर दौराला आर्गेनिक्स के विशाल गुप्ता की अगुवाई में आई एक टीम की ओर से उस वॉल्व को ठीक कर दिया गया है, जिसके कारण यह घटना हुई थी।