सीसीएस यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में प्रदेश के राज्यपाल
और कुलाधिपति राम नाईक शनिवरा को निर्धारित समय दोपहर 12 बजे से एक घंटा लेट पहुंचे।
राज्यपाल ने मात्र 5 छात्रों को
डिग्रियां प्रदान की। इस बात को लेकर छात्रों में रोष दिखा। छात्रों का कहना था कि
राज्यपाल के लेट आने की सजा उन्हें क्यों दी जा रही है। वे तो उन्हीं के हाथों
डिग्री लेने आए थे। इस अवसर पर कुल 137 छात्रों को डिग्रियां दी गई। योग
गुरु भारत भूषण को डिलिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल जब 3:30 पर विवि से एयरपोर्ट जाने के लिए
निकले तो विवि के बाहर खड़े छात्रसंघ के एसपी समर्थित अध्यक्ष राजदीप विकल और उनके
साथियों ने हवा में काले झंडे दिखा कर राज्यपाल को अपनी नाराजगी दिखाई। उनका कहना
था कि दीक्षांत समारोह में बीजेपी से जुड़े लोगों को ही तवज्जो दी जा रही है।
उन्होंने राज्यपाल पर दीक्षांत समारोह को राजनीतिक मंच में तब्दील करने का आरोप भी
लगाया।
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि
बीकॉम करने के बाद उनकी नौकरी लग गई थी। छुट्टी न मिलने के कारण वे अपने दीक्षांत
समारोह में भाग नहीं ले पाए थे, जिसका उन्हें आज भी अफसोस है। छात्रों को संबोधित करते हुए
उन्होंने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए चार बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जीवन
में सदैव मुस्कुराते रहना चाहिए। अच्छे काम को प्रोत्साहन देना चाहिए। किसी को कभी
छोटा नहीं समझना चाहिए और कड़ी मेहनत करनी चाहिए।
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