दिल्ली-देहरादून नैशनल हाइवे पर रविवार रात घाट गांव के पास घने
कोहरे के कारण सड़क दुर्घटना में 3 लोगों की
मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग को
लेकर हाइवे पर जाम लगा दिया। अधिकारियों के आश्वासन पर करीब ढाई घंटे बाद जाम खुल
पाया। सोमवार सुबह ग्रामीणें ने फिर से कुछ समय के लिए हाइवे पर जाम लगाया। उसके
बाद पोस्टमॉर्टम में हो रही देरी को लेकर ग्रामीण परिजन फिर उग्र हो गए। उन्होंने
जमकर हंगामा किया।
जीतू, रोहताश और
सुनील रविवार रात करीब आठ बजे जुगाड़ पर बैठ कर अपने गांव लौट रहे थे। घाट गांव के
मोड़ के पास दिल्ली की ओर से आ रही ऑल्टो कार ने जुगाड़ में टक्कर मार दी। जुगाड़ के
ड्राइवर समेत 4
लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल में डॉक्टरों ने जीतू, रोहताश और
सुनील को डेड घोषित कर दिया। कार चालक कार छोड़ कर फरार हो गया।
घटना की खबर लगते ही आक्रोशित गांव वालों ने हाइवे पर जाम लगा
दिया। वे मरने वालों के परिजनों को 20-20 लाख रुपए
मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे थे। एसपी सिटी ने गांववालों को भरोसा दिलाया कि
सोमवार की सुबह कार्यालय खुलने पर तहसील के अधिकारी मुआवजे के लिए मृतकों के
परिजनों से मिलेंगे। इस आश्वासन पर ग्रामीणें ने 2.5 घंटे से चल रहा जाम खोल दिया।
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