Sunday, March 29, 2015

मांगें नहीं मानी गईं तो वे आईटी पार्क का काम रुकवा देंगे

एमडीए की ओर से एक्वॉयर की गई जमीन पर मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने रविवार को कसेरूबक्सर में महापंचायत बुलाई। महापंचायत के बाद गंगानगर पहुंचकर किसानों ने वहां एमडीए की तरफ से कराए जा रहे निर्माण कार्य को बंद करवा दिया। किसानों का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आईटी पार्क का काम रुकवा देंगे।
किसानों की जमीन एक्वॉयर कर एमडीए ने गंगानगर, लोहियानगर व वेदव्यासपुरी कॉलोनियां डिवेलप की है। अब तक तीनों जगह के किसान समान मुआवजे की मांग को लेकर अलग-अलग लड़ाई लड़ रहे थे। रविवार को इन जगहों के किसानों ने कसेरूबक्सर में महापंचायत का आयोजन किया। इसमें उन्होंने संयुक्त किसान संघर्ष समिति का गठन किया और तय किया कि अब वे अपनी लड़ाई इसी समिति के बैनर के नीचे मिलकर लड़ेंगे। किसानों यह भी फैसला लिया कि अपनी मांग पूरी होने तक वे एमडीए के इन प्रोजेक्ट्स में कोई काम नहीं होने देंगे। उन्होंने वेदव्यासपुरी में बनाए जा रहे आईटी पार्क को मुख्य निशाने पर रखने का फैसला भी लिया। पंचायत में तय हुआ कि किसान आज डीएम से मिलकर अपनी मांगों के समर्थन में एक ज्ञापन देंगे। पंचायत के बाद किसान गंगानगर पहंचे और वहां एमडीए की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्य को बंद करवा दिया। महापंचायत में शामिल होने के लिए कई किसान अपनी फैमिली के साथ लग्जरी कारों से वहां पहुंचे, जो लोगों में चर्चा का विषय रहा।
आईटी पार्क ही निशाने पर क्यों?

वेदव्यासपुरी में ढाई एकड़ में प्रस्तावित आईटी पार्क मुख्यमंत्री के डीम प्राजेक्ट्स में से एक है। इस प्राजेक्ट को मुख्यमंत्री अपनी उपलब्धि के रूप में पेश करना चाहते हैं। इसलिए वे इसपर खुद निगाह रख रहे हैं। यह काम बंद कराकर किसान अपनी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते हैं। किसानों के इस फैसले से एमडीए और जिला प्रशासन के माथे पर बल पड़ गए हैं।

Friday, March 27, 2015

अपने पति और तीन बच्चों को जहर दे दिया

मेरठ के थाना सरधना क्षेत्र में एक महिला ने कथित रुप से अपने पति और तीन बच्चों को जहर दे दिया। हालत बिगडने पर चारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार सुबह पति की मौत हो गई। पुलिस ने पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरु कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि प्रेम प्रसंग में वारदात को अंजाम दिया गया है।
थाना सरधना के प्रभारी मेहर सिंह ने बताया कि सरधना के राघना गांव की घटना है। मंगलवार रात यहां रहने वाले जयप्रकाश(45) और उनके तीन बच्चों की हालत अचानक बिगड गई। चारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जयप्रकाश की बुधवार सुबह मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती जयप्रकाश के बच्चों जॉनी(4), कल्लू (6) और भूमि (10) की हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस को अस्पताल में भर्ती बच्चों ने जो कुछ बताया उसके अनुसार जयप्रकाश की पत्नी सुनीता (40) ने पति और बच्चों को मंगलवार रात दूध दिया था। दूध पीने के बाद ही उनकी हालत बिगड़ने लगी थी। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि दूध में जहर होगा जिसके कारण जयप्रकाश की मौत हुई है। फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जेठ रामशरण की तहरीर पर पुलिस ने सुनीता को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि सुनीता का कथित तौर पर रमेश नाम के युवक के साथ अवैध संबंध था। पति जयप्रकाश इसका विरोध करता था। आशंका है कि इसी वजह से वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Wednesday, March 25, 2015

हल्की तीव्रता का भूकंप

मेरठ में सोमवार को भले ही हल्की तीव्रता का भूकंप आया है, लेकिन वैज्ञानिक इसे भविष्य के लिए खतरा मान रहे हैं। उनका कहना है कि लोकल फॉल्ट से आने वाले भूकंप की तीव्रता 4-5 तक हो सकती है, लेकिन हिमालयन रीजन में आने वाले भूकंप बेहद खतरनाक हो सकते हैं।
आईआईटी कानपुर के नैशनल इन्फॉर्मेशन सेंटर ऑन अर्थक्वेक इंजिनियर (एनआसीईईई) के कोऑर्डिनेटर दुर्गेश राय के मुताबिक, भाषणों के अलावा कुछ नहीं हो रहा है। हाईराइडज बिल्डिंग्स सेफ नहीं हैं। हिमालय में भूकंप आने पर तबाही का दायर दिल्ली क्या पूरे यूपी में होगा।
प्रफेसर राय के अनुसार, हिमालय से नजदीकी के कारण मेरठ में भूकंप की छोटी-मोटी घटनाएं होती रहेंगी। इनकी तीव्रता कभी कम होगी तो कभी थोड़ी ज्यादा। हमें यह देखना होगा कि भूकंप की व्यापकता से कंपन (शेकिंग) कितना होगा। अगर भूकंप कहीं दूर आएगा तो कंपन थोड़ा कम रहेगा। वैसे इस एरिया में रिक्टर स्केल पर 4-5 की तीव्रता वाले झटके आ सकते हैं। भूकंप का केंद्र एपिसेंटर कहीं दूर भी हो सकता है।
राय कहते हैं कि सेसमिक जोन-5 में मौजूद हिमालय में रिक्टर स्केल पर 8 की तीव्रता का भूकंप आया तो दिल्ली के अलावा पूरे यूपी को जबर्दस्त खतरा है। उदाहरण के तौर पर गुजरात के कच्छ में आए भूकंप से ज्यादा नुकसान करीब 250 किमी दूर अहमदाबाद में हुआ था। यहां 120 बिल्डिंग ध्वस्त हो गईं थीं और 800-900 लोगों की मौत हुई थी। कुछ ऐसा ही खतरनाक होने की आशंका यूपी में खासकर बड़े शहरों में है।
राय के मुताबिक, कानपुर, लखनऊ, मेरठ समेत यूपी में बिल्डर जो भी हाईराइज बिल्डिंग्स बना रहे हैं, वे सेफ नहीं हैं। कहीं भी बिल्डिंग कोड का पालन नहीं किया जा रहा है। यूएनडीपी ने भी अतिसंवदेनशीलता कम करने के लिए कहा है, लेकिन सिर्फ भाषणबाजी ही हो रही है। खासकर लखनऊ और तराई के इलाकों में पिछले 10 सालों में ढेरों मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स बनी हैं, लेकिन ज्यादातर जगहों पर ये भूकंपरोधी नहीं हैं।

Monday, March 23, 2015

पीड़ितो ने रविवार को जुलूस निकाला

हाशिमपुरा कांड पर आए कोर्ट के फैसले के लिए यूपी सरकार व पुलिस प्रशासन को दोषी ठहराते हुए पीड़ितो ने रविवार को जुलूस निकाला। वे हाथों में काले झंडे और मोमबत्ती लिए हुए थे। उनका कहना है जिस तरह कसाब और अफजल को सजा देकर हमारी अदालतों ने देश के लोगों को न्याय दिया है, हम भी उसी तरह का न्याय चाहते हैं। पीड़ितों का कहना है कि वे न्याय के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही राष्ट्रपति से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे। हाशिमपुरा कांड पर शनिवार को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट के फैसले से पीड़ित नाखुश हैं। रविवार को पीड़ितों ने अपनी नाराजगी जताते हुए कांग्रेस जिला कमिटी के उपाध्यक्ष इमरान की अगुवाई में जूलूस निकाला। इकबाल ने बताया कि इस हादसे में उनके परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी। इकबाल का कहना है कि कोर्ट को गुमराह कर दोषियों को बचाने वाली यूपी सरकार के खिलाफ आज वे सड़कों पर उतरे हैं। शाहनवाज ने कहा कि देश में 1984 में हुए दंगों के मामले में सभी राजनीतिक पार्टियों ने माना था कि सिखों पर अत्याचार हुआ है। आज उनके मामले में दोषियों को क्यों बचाया जा रहा है। उन्हें न्याय दिलाने के लिए राजनीति पार्टियां क्यों आगे नहीं आ रही हैं। इमरान ने बताया कि इस कांड के 15 चश्मदीद गवाह थे, लेकिन पुलिस ने सिर्फ 5 को भी गवाह बनाया था। उनमें से भी 3 ही कोर्ट जाया करते थे। इमरान का कहना है कि कोर्ट तक सही तथ्य नहीं पहुंच पाने के कारण ही यह फैसला आया है।


Friday, March 20, 2015

थाना परतापुर स्थित शराब गोदाम से ट्रक में शराब की 840 पेटियां बरामद

क्राइम ब्रांच और खरखौदा पुलिस ने अलीगढ़ से लूटी गई शराब से भरी टाटा-407 के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह के 3 बदमाश अभी भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन तंमचे, लूटी गई गाड़ी और शराब की 837 पेटियां बरामद कर ली है। इसकी कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है। गुरुवार को पुलिस कप्तान सुभाष सिंह बघेल ने पुलिस लाइन में 6 आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया।
एसएसपी सुभाष सिंह बघेल ने बताया कि 2-3 मार्च 2015 की रात थाना परतापुर स्थित शराब गोदाम से ट्रक में शराब की 840 पेटियां बाराबंकी ले जाई जा रही थीं। इस दौरान रास्ते में ड्राइवर और कंडक्टर को बंधक बनाकर ट्रक लूट लिया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कप्तान ने एसपी देहात और एसपी क्राइम के नेतृत्व में 4 टीमों का गठन किया था। क्राइम ब्रांच प्रभारी संजीव कुमार की टीम ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा जिन व्यापारियों को उन्होंने शराब बेची थी उन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यापारियों में अशोक गुप्ता और निशांत गुप्ता हैं। लूट के आरोप में असलम, अकबर, आशिफ और इरशाद को पुलिस ने अरेस्ट किया है। फरार आरोपियों में अनवार और अली उर्फ अलाउद्दीन हैं। उक्त लोगों की गिरफ्तारी के लिये पुलिस लगी हुई है।

प्रेसवार्ता में बदमाशों ने बताया कि गैंग का सरगना असलम है। उसने ट्रक लूट की प्लानिंग की थी। अशलम के अनुसार परिचित टाटा-407 के ड्राइवर इरशाद मेवाती और अन्य साथियों को उसने फोन करके बाइपास स्थित शराब के गोदाम पर बुलवाया। जब शराब से लदा ट्रक गोदाम से निकला तो वह उसके पीछे-पीछे हो लिया। गढ़ की शांहजहापुर किठौर से आगे उन्होंने हथियारों के बल पर ट्रक के चालक-परिचालक को बंधक बनाकर लूट की घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने बताया कि लूट का माल उन्होंने शराब व्यापारी अशोक गुप्ता को बेच दिया था। कप्तान सुभाष सिंह बघेल ने क्राइम ब्रांच और खरखौदा पुलिस को इनाम देने की बात कही है।

Thursday, March 19, 2015

काटजू के खिलाफ बिजेंद्र कुमार ने मेरठ कोर्ट में परिवाद दाखिल किया

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन काटजू के खिलाफ वकील बिजेंद्र कुमार ने मेरठ कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है। उनका आरोप है कि अभियोगी ने महात्मा गांधी को बिना किसी सुबूत के ब्रिटिश एजेंट कहा है। महात्मा गांधी का अनुयायी होने के कारण इसे मैं अपना अपमान मानता हूं। उन्होंने धारा 501-बी के तहत अभियोगी को कानूनी दंड देने की मांग की है। कोर्ट ने 23 को वादी के बयान दर्ज किए जाने की तारीख तय की है। राधा गार्डन के रहने वाले वकील बिजेंद्र कुमार ने बुधवार को मेरठ के नवम एसीजेएम की अदालत में एक परिवाद दाखिल किया है। वादी वकील ने बताया कि 12 मार्च को उसने अखबार में पूर्व जस्टिस काटजू का एक लेख पढ़ा। जिसमें काटजू ने महात्मा गांधी को ब्रिटिश एजेंट बताते हुए देश को नुकसान पहुंचाने की बात कही थी।

Monday, March 16, 2015

जिसकी सबसे ज्यादा उम्र होगी वही मुखिया

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत नए राशन कार्ड बनाने को लेकर यहां मजहबी विरोध का खतरा मंडराने लगा है। विधेयक के मसौदे में 18 साल से अधिक उम्र की लड़की या महिला को परिवार का प्रमुख बनाने का प्रस्ताव शामिल है। लेकिन घर की महिला को मुखिया माने जाने की शर्त पर यहां के मुस्लिम समाज के लोग विरोध पर उतर आए हैं। मजहब से जुड़े लोग इस शर्त को इस्लाम के खिलाफ करार दे रहे हैं। वहीं, इस्लाम में एक से अधिक शादी की परंपरा है। मजहब के जानकारों का कहना है कि कुछ ऐसे मामले में जिनकी एक से अधिक बीबियां होंगी उनके घरों में मुखिया बनाए जाने को लेकर विवाद पैदा हो सकता है।
शहर के कई मुस्लिम इलाकों में लोगों ने नए राशन कार्ड बनवाने के लिए फॉर्म लेने से इनकार कर दिया है। यूपी मदरसा बोर्ड के चेयरमैन और काजी साजिद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि इस्लाम के अनुसार घर की जिम्मेदारी पति को दी गई है। ऐसे में घर की मुखिया महिला को बनाना इस्लाम के खिलाफ है। इमाम काउंसिल ऑफ इंडिया के यूपी के जनरल सेक्रेटरी मौलाना मिराज कासमी का कहना है कि राशन कार्ड में फोटो लगने के कारण महिलाओं में बेपर्दगी बढ़ेगी और उन्हें ऑफिसों के चक्कर भी काटने पड़ेंगे। इसकी इजाजत इस्लाम नहीं देता है। उनका कहना है कि जिन मर्दों की पत्नी नहीं होंगी, उनके घर कौन मुखिया बनेगा इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। ऐसा नहीं है कि सरकारी अधिकारी इस बात से अनजान हैं। संबंधित अधिकारी यह मान रहे हैं शहर के कई मुस्लिम क्षेत्रों से नए राशन कार्ड बनवाने के काम के बहिष्कार करने की सूचना उन्हें मिल रही है। लेकिन वे नियम-कानून के अनुसार ही काम कर सकते हैं।
इस बारे में डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर डी. एन. श्रीवास्तव का कहना है। एक से ज्यादा पत्नियों वाले केस में जिसकी सबसे ज्यादा उम्र होगी वही मुखिया होंगी।
कानून के अनुसार परिवार का राशन कार्ड भी महिला के नाम से ही जारी किया जाएगा। इसका प्रमुख लाभ यह होगा कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लाभार्थी को परिवार को मिलने वाली सब्सिडी सीधे महिला के खाते में ही जाएगी। यदि परिवार की महिला का बैंक खाता नहीं है तो उन्हें खाता खुलवाना होगा। केंद्र सरकार की योजना खाद्य सुरक्षा कानून को आगामी 1 अप्रैल से लागू किया जाना है। इसके तहत आने वाले परिवारों को गैस, चावल तथा गेहूं पर सब्सिडी दी जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विधेयक के मसौदे में 18 साल से अधिक उम्र की लड़की या महिला को परिवार का प्रमुख बनाने का प्रस्ताव शामिल है।