Tuesday, September 15, 2015

मुख्य चौराहे तक जाम की चपेट में

शहर की घनी आबादी से लेकर मुख्य चौराहे तक जाम की चपेट में रहे। घर से शापिंग करने के लिए निकले हो, या ड्यूटी से लौट रहे हों, सब जाम के झाम में फंस गए। कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के शहर में प्रवेश कर पर आधा शहर जाम हो गया। बल्कि बेगमपुल के जाम से निकलने के बाद लोग बच्चा पार्क पर फंस गए।
सोमवार को शहर में कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव का आगमन था। खतौली से तहसील का उद्घाटन करने के बाद शिवपाल यादव मेरठ पहुंचे। उससे पहले ही पूरे शहर में वाहनों को रोकना शुरू कर दिया था। दोपहर के बाद से ही पुलिस की पूरी व्यवस्था खत्म थी, क्योंकि सभी पुलिसकर्मी उक्त मार्ग पर लगाए गए थे, जहां शिवपाल यादव का कार्यक्रम था। यह हाल तब था, जब कैबिनेट मंत्री हैलीकॉप्टर से पुलिस लाइन में उतरे। दोपहर से ही बेगमपुल,बच्चा पार्क और कचहरी के दोनों साइड़ में जाम की चपेट में थे। जाम कोई दस पंद्रह मिनट नहीं लगा। बल्कि एक घंटे से दो घंटे तक जाम रहा। हैरत की बात यह है कि जनपद में यातायात व्यवस्था को सही रखने के लिए एसपी ट्रैफिक का महत्वपूर्ण पद है। इसके बावजूद भी अभी तो एसपी ट्रैफिक ने कोई व्यवस्था नहीं कि, जो शहर से जाम से लोगों को मुक्ति दिला सकें। आइजी तक स्वीकार कर चुके है कि यातायात पुलिस की शिकायतें सिर्फ वसूली की आती है, जिस पर एसपी ट्रैफिक को सुधार के आदेश भी जारी किए हैं।

कचहरी को दोनों ओर से जोड़ने वाले मार्ग बंद हैं, क्योंकि जलनिगम का काम चल रहा है, वहां इसलिए जाम लग सकता है। बाकी बेगमपुल और बच्चा पार्क पर मामूली समय के लिए जाम लगता है। बाकी जाम से निपटने की पूरी व्यवस्था की गई है।

Friday, September 11, 2015

लालकुर्ती से गुरुवार को परंपरागत तरीके से शोभायात्रा निकाली गयी

लालकुर्ती से गुरुवार को परंपरागत तरीके से शोभायात्रा निकाली गयी। आकर्षक झांकी और कलाकारों ने लीलाओं के मंचन से सभी का ध्यान खींचा। डीजे की धुन पर थिरकते हुए श्रद्धालुओं ने नाचते-झूमते हुए शोभायात्रा निकाली।
सनातन धर्म युवक सभा के तत्वावधान में पंचायती मंदिर लालकुर्ती से शोभायात्रा निकाली गयी। शोभायात्रा का शुभारंभ कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने किया। शोभायात्रा मंदिर से शुरु होकर लालकुर्ती छोटा बाजार, फव्वारा चौक, बड़ा बाजार, शक्तिधाम मंदिर चौक से होते हुए वापस पंचायती मंदिर पहुंचकर सम्पन्न हुई।

शोभायात्रा में भगवान श्रीगणेश, दुर्गा जी, शिव परिवार के साथ ही राधा-कृष्ण की झांकी, झूले पर झूलते श्रीकृष्ण-राधा आदि की भव्य झांकियां शामिल रहीं। काली का अखाड़ा, नृत्य करते राधा-कृष्ण की झांकी, रास रचाते मुरलीधर की झांकियों ने अद्भुत छटा बिखेरी। रंग-बिरंगी रोशनी में नहायी झांकियां व कलाकारों की लीलाओं ने सभी का मन मोहा। शोभायात्रा का जगह-जगह आरती से स्वागत हुआ। छतों से पुष्पवर्षा की गयी। सुरक्षा के लिहाज से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। डीजे पर बजती मधुर भक्ति धुनों से अध्यात्म का प्रसार हुआ। सनातन धर्म युवक सभा के नीरज गोयल, पुरुषोत्तम रस्तोगी, राम अवतार बंसल, जिवेंद्र कुमार, सतीश गर्ग, विजय रस्तोगी के साथ ही अनन्य श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।

Wednesday, September 9, 2015

पिस्टल एक दूसरे पर तान रहे

पुलिस अपनी जांच में भले ही सच को बहुत धुंधला बता रही है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में सच बहुत साफ नजर आ रहा है।
ठीक दस बजे होटल क्रोम में सचिन कसाना की फॉरच्यूनर प्रवेश करती हैं, उसमें से उतरकर सचिन कसाना, वामिक चौधरी, मनीष चपराना और सत्यप्रकाश सीधे होटल क्रोम के बार में जाते हैं, जो टेबल नंबर 11 पर बैठ जाते हैं। अभी वेटर सभी को शराब परोस रहा था। करीब पंद्रह मिनट बाद राहुल हूण की स्कार्पियो पहुंची, जिसमें से उतरकर दानिश अखलाक और राहुल हूण बार में पहुंच सीधे काउंटर पर बैठ गए। दानिश अखलाक ने अपना मोबाइल निकाला और ब्लूटूथ से गाना बजा दिया। तभी वेटर हीरा को बुलाकर सचिन कसाना ने अपने मोबाइल से गाना बजाने की बात कहीं। वेटर ने इन्कार कर दिया। कहासुनी के बाद सचिन कसाना ने वेटर को थप्पड़ मार दिया। वेटर ने भागकर जान बचाई। तभी वेटर जयप्रकाश पहुंचा तो सचिन ने पिस्टल निकालकर उसकी कनपटी पर लगा दी। वामिक चौधरी ने सचिन के हाथ से पिस्टल छीनकर ले ली। तभी सचिन, वामिक, मनीष और सत्यप्रकाश ने बार में पांच टेबल पर बैठे लोगों को बाहर निकाल दिया। वहीं वेटर जय प्रकाश की लगातार पिटाई करते रहे। इसी बीच सचिन कसाना हाथ हिलाते हुए दानिश अखलाक तक पहुंचा और उससे हाथ मिलाया। इसी बीच फिर वेटर की पिटाई करने लगे तो दानिश अखलाक ने छुड़वाकर वेटर जय प्रकाश को मौके से जाने का इशारा किया। वेटर के जाने के बाद वामिक चौधरी ने काउंटर पर बिल पूछा। वेटर ने 2200 रुपये का बिल दिया, जिसमें से 2100 रुपये देकर चारों बार से निकलकर अपनी कार में सवार होकर चले गए। उनके साथ-साथ ही दानिश भी बार से निकला और स्कार्पियो में राहुल हूण के साथ सवार होकर चला गया। हालांकि वामिक चौधरी दावा कर रहा है कि बाहर खड़ी राहुल हूण की स्कार्पियो में अमित भड़ाना भी पीछे की सीट पर बैठा था, जबकि सीसीटीवी फुटेज में ऐसा कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।

वर्चस्व के लिए दिखा रहे थे पिस्टल : वीडियो में जिस तरह की गुंडागर्दी हुई। उससे लग रहा था कि दानिश अखलाक और सचिन कसाना बार में अपना वर्चस्व दिखा रहे थे। दोनों के पास ही पिस्टल थी। दानिश ने पिस्टल काउंटर पर रखी तो सचिन कसाना बात बात पर पिस्टल एक दूसरे पर तान रहा था।

Monday, September 7, 2015

सांप्रदायिक बवाल के बाद रविवार को भी तनाव कायम

लालकुर्ती थाना क्षेत्र के हंडिया मोहल्ले में शनिवार को झांकी निकालने को लेकर हुए सांप्रदायिक बवाल के बाद रविवार को भी तनाव कायम रहा। हालांकि पुलिस ने दो आरोपियों को दबोच लिया है, लेकिन रविवार को भी झांकी निकालने की सूचना पर पुलिस के कान खड़े हो गए। पुलिस-पीएसी और आरएएफ के साथ अधिकारी लालकुर्ती में घटनास्थल पर देररात तक डटे रहे। झांकी नहीं निकालने दी गई। इस दौरान संघ के विभाग संपर्क प्रमुख अरुण जिंदल के घर को पुलिस ने घेरकर न किसी को बाहर आने दिया न अंदर जाने दिया। इस दौरान पुलिस के साथ झड़प भी हुई।
शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर झांकी निकालने को लेकर हंडिया मोहल्ला सुलग उठा था। यहां संप्रदाय विशेष के कुछ लोगों ने संघ के विभाग संपर्क प्रमुख अरुण जिंदल पर कातिलाना हमला कर दिया था। इसे लेकर जमकर उपद्रव हुआ था। इस प्रकरण में 17 लोगों को नामजद करते हुए 50 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। रविवार सुबह भी इसी घटना को लेकर तनाव बरकरार रहा। हालांकि, सुबह से ही मोहल्ले में अतिरिक्त पुलिसफोर्स तैनात कर दी गई थी। सीओ कादिर राणा को भी पूरे प्रकरण पर निगरानी के लिए लगाया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्थानीय लोगों ने एसओ लालकुर्ती प्रदीप द्विवेदी और सीओ का घेराव किया। जमकर हंगामा किया और हमले के आरोपियों पर रासुका लगाने की मांग की। मामला उस समय ज्यादा तूल पकड़ गया, जब भाजपाइयों और संघ कार्यकर्ताओं ने रविवार शाम को भी झांकी निकालने और कीर्तन करने की घोषणा कर दी। सोशल मीडिया पर जैसे ही यह खबर फैली तो पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस अफसरों ने लखनऊ में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद कुछ अधिकारियों ने गुपचुप तरीके से भाजपा के पदाधिकारियों से मुलाकात भी की, लेकिन बात नहीं बन सकी। वहीं दोपहर बाद लगातार मामले में भाजपाइयों और संघ पदाधिकारियों की बैठक अरुण जिंदल के आवास पर होती रही।
शाम होते ही लालकुर्ती हंडिया मोहल्ले को छावनी में बदल दिया गया। ब्रह्मापुरी रफीक अहमद, सीओ महिला थाना कादिर राणा, सीओ वंदना मिश्रा और एक अन्य सीओ समेत पीएसी और आरएएफ को मोहल्ले में तैनात कर दिया गया। संघ के अरुण जिंदल के मकान को भी शाम को पुलिस ने एक तरीके सील कर दिया और उनसे मिलने जाने वाले लोगों को तिराहे पर ही रोका जाने लगा। इस दौरान कई लोगों की पुलिस के साथ धक्कामुक्की और झड़प भी हुई। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो झांकी निकालने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। वहीं इस पूरे प्रकरण में दो आरोपी इरशाद और माजिद को गिरफ्तार कर लिया गया है। 15 अन्य नामजद आरोपियों समेत 50 अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
अरुण जिंदल के घर लगा भाजपाइयों का तांता

संघ के विभाग संपर्क प्रमुख अरुण जिंदल से मारपीट की सूचना पर रविवार सुबह से ही उनके घर भाजपाइयों व संघ पदाधिकारियों और व्यापारियों का तांता लगा रहा। कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल समेत महानगर सर संघचालक विनोद भारती, महानगर कारवां अनिल, कंकरखेड़ा व्यापार संघ अध्यक्ष नीरज मित्तल, भाजपा के चौधरी अजित सिंह आदि मौजूद रहे।

Friday, September 4, 2015

शुभकामनायें

हमारे सभी पाठकों को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें 

मेरठ की विशेषताएं

दिल्ली में स्मार्ट सिटी योजना को लेकर गुरुवार को आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री से मिलकर स्मार्ट सिटी के चयन में न्यायपूर्ण फैसला लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि मेरठ के साथ राजनीतिक साजिश रची जा रही है। उसे सफल न होने दिया जाए। केंद्रीय मंत्री ने उन्हें सही फैसला लिए जाने का आश्वासन दिया।
केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना में चुने गए शहरों की आवश्यकताओं तथा उसके लिए धनराशि उपलब्ध कराने पर चर्चा के लिए निदेशक स्मार्ट सिटी ने गुरूवार को नई दिल्ली के जय सिंह रोड स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन हॉल में एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की थी। इसमें सभी चयनित शहरों के स्थानीय निकाय अध्यक्षों व निकाय के अफसरों को बुलाया गया। इसमें मेरठ से महापौर और नगर आयुक्त भी शामिल हुए। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने शहरी विकास मंत्री वेंकैयानायडू से कार्यशाला में पहुंचते ही मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मेरठ और रायबरेली को बराबर अंक मिले हैं, लेकिन रायबरेली की तुलना में मेरठ अच्छा शहर है। यहां स्मार्ट सिटी योजना के सफल संचालन की तमाम संभावनाएं हैं।
वेंकैया को बताई मेरठ की विशेषताएं
यह मंडल मुख्यालय है तथा नगर निगम है। एनसीआर में शामिल है। देश की आजादी के लिए 1857 में क्रांति की चिंगारी यहीं से फूटी थी। मेरठ जेएनएनयूआरएम से आच्छादित है। यहां की आबादी भी रायबरेली से पांच गुनी लगभग 20 लाख है। मेरठ में मेट्रो ट्रेन व रैपिड रेल की जल्द उपलब्धता की तैयारी है। खेल, कैंची समेत तमाम उद्योगों में मेरठ विश्वविख्यात है।
प्रदेश में फेल न हो जाए स्मार्ट सिटी
दिल्ली कार्यशाला के दौरान बताया गया कि पहले पूरे महानगर का प्लान बनाया जाए, उसकी आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। स्थानीय लोगों की राय लें, शहर के बुद्धिजीवी लोगों से बात करें। प्लानिंग कर उसके बारे में जनता से सुझाव लिया जाए। इसके बाद उनका प्रोजेक्ट बनाकर धनराशि की मांग की जाए। इस दौरान बताया गया कि योजना के तहत प्रत्येक शहर को केंद्र सरकार हर साल 100 करोड़ रुपये देगी। प्रदेश सरकार को भी प्रत्येक वर्ष 100 रुपये प्रत्येक शहर को देने होंगे। नगर निकाय को भी अपनी आय बढ़ानी होगी। कार्यशाला के बाद उत्तर प्रदेश के नगर निगमों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच यह शंका साफ दिखाई दी कि केंद्र सरकार तो अपने हिस्से के 100 करोड़ प्रत्येक वर्ष प्रत्येक शहर को दे देगी, लेकिन प्रदेश सरकार 13 शहरों के लिए हर साल 1300 करोड़ कहां से लाएगी।
स्मार्ट सिटी प्रकरण को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मिले व्यापार
मेरठ को स्मार्ट सिटी में शामिल कराने के लिए गुरुवार को व्यापारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात की। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल न्यू मोहनपुरी स्थित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के आवास पर उनसे मिले। अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि मेरठ को 13वें स्थान पर रायबरेली से भी नीचे 13-ब के रूप में रखा गया है। इससे लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं और ऊंचे रसूख रखने के बावजूद मेरठ की उपेक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि जनता ने भाजपा के सांसद, महापौर के साथ ही चार विधायक विजयी बनाए हैं। ऐसे में मेरठ के साथ होते भेद-भाव व धोखे को खत्म करके मेरठ को विकास की ओर ले जाने के लिए उसे स्मार्ट सिटी शामिल कराएं। इस दौरान महामंत्री संजय जैन, सतीश चंद जैन, विपुल सिंघल, संजीव रस्तोगी, गौरव शर्मा

Thursday, September 3, 2015

विधायक को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा

कैडर विभाजन को लेकर राजकीय शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह व जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने शहर विधायक हाजी युसूफ अंसारी से मुलाकात की। उनसे फरियाद की कि वे सरकार के समक्ष उनका पक्ष रखे तथा जारी शासनादेश को निरस्त कराएं। विधायक को छह सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य शिक्षा सेवा के सम्मिलित संवर्ग के तीन संवर्ग में विभाजन किसी एक वर्ग को लाभान्वित करना राजकीय शिक्षकों के भविष्य को अंधकारमय बनाना है। विधायक ने भी शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल से पूरी बात जानी तथा शासनादेश का गहन अध्ययन किया। विधायक ने अचंभा भी जाहिर किया कि खंड शिक्षा अधिकारी कैसे राजकीय अशासकीय, वित्त विहीन हाईस्कूल का निरीक्षण कर सकते हैं। विधायक ने लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री तक इनकी बात रखने की सहमति दी। इस दौरान हरपाल सिंह, डॉ. चन्द्रभान सिंह, डॉ. मेराजुल हसन, शाहिद हुसैन, अरविंद कुमार, गिरिराज सिंह, अचल दीक्षित, अब्दुल शफीक, मुहम्मद शरीफ भी मौजूद रहे।