Thursday, April 29, 2010

कुछ युवकों ने किया गैंग रेप

आरोप है कि शादी का झांसा देकर पश्चिम बंगाल की युवती के साथ शहर के कुछ युवकों ने गैंग रेप किया। नशे की हालत में लड़की को दिल्ली ले जाने की कोशिश के दौरान एक सामाजिक संस्था के कार्यकर्ताओं ने उसे रिहा कराया। फिलहाल सभी आरोपी युवक फरार हैं। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है। मेरठ स्टेशन पर गुरुवार की सुबह चार युवक एक युवती को जबरन ट्रेन में चढ़ाने की कोशिश कर रहे थे। युवती उनका लगातार विरोध कर रही थी। यह नजारा देखकर सामाजिक संस्था संकल्प के कार्यकर्ताओं ने युवकों से पूछताछ करनी चाही तो चारों युवक लड़की को वहीं छोड़कर फरार हो गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि पश्चिम बंगाल निवासी युवती को एक महीने पहले मेरठ के सूरज नामक युवक ने शादी का झांसा दिया था। प्रेमजाल में फंसाने के बाद वह लड़की को मेरठ ले आया। वहां उसने लड़की के साथ कुछ दिन होटल में मौज-मस्ती की। फिर उसने उसके सामने वेश्यावृत्ति का प्रस्ताव रखा। लड़की के मना करने पर उसने धोखे से उसे अपने दोस्तों के हवाले कर दिया, जहां उन्होंने युवती को गैंग रेप का शिकार बनाया। आरोपी युवकों की तलाश की जा रही है।

Sunday, April 25, 2010

अलमारी में रखे 90,000 रुपये और करीब 12 तोला सोना लूट कर फरार

थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में दिनदहाड़े दो बदमाशों ने प्रॉपर्टी डीलर के घर में घुसकर उसकी पत्नी और बच्चों को गन पॉइंट पर लेकर नब्बे हजार रुपये और लाखों के जेवरात लूट लिए। पुलिस का कहना है कि लुटेरों की तलाश की जा रही है। तारापुरी निवासी मकसूद खान पेशे से प्रॉपटीर् डीलर हैं। शुक्रवार की सुबह वह किसी काम से दिल्ली गए थे। घर पर उनकी पत्नी साइना और दो बच्चे थे। दोपहर करीब तीन बजे दो बदमाश उनके घर में घुस आए। उनमें से एक बदमाश ने अपने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। घर में घुसते ही बदमाशों ने साइना व उसके बच्चों को गन पॉइंट पर लेकर जान से मारने की धमकी दी। उन्हें भयभीत कर बदमाश अलमारी में रखे 90,000 रुपये और करीब 12 तोला सोना लूट कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस के अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर घर वालों से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि बदमाशों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

Thursday, April 15, 2010

उत्तराखंड, यूपी रोडवेज और डीटीसी ने इन रूटों पर चलने वाली बसों का किराया बढ़ा

यूपी और दिल्ली की तपिश भरी गर्मी से बचने के लिए अगर आप उत्तराखंड के कूल-कूल मौसम का मजा लेने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको बसों में अपनी जेब और हल्की करनी होगी। उत्तराखंड, यूपी रोडवेज और डीटीसी ने इन रूटों पर चलने वाली बसों का किराया बढ़ा दिया है। हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश, अल्मोड़ा, गोपेश्वर धाम, मसूरी, काठगोदाम, कोटद्वार आदि रूटों के किराए में बढ़ोतरी की गई है। गर्मी के दिनों में इन रूटों की बसों और ट्रेनों में मारामारी रहती है। इस बार मई-जून की गर्मी अप्रैल के महीने में ही अपना जलवा दिखा रही है। ऐसे में उत्तराखंड के सफर पर महंगाई की और मार पड़ गई है। यूपी रोडवेज के एआरएम आर. के. चौधरी ने बताया कि मैदानी एरिया में साधारण बसों का किराया 59 पैसे से बढ़ाकर 63 पैसे प्रति पैसेंजर प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। एक्सप्रेस बस में किराया 64.90 पैसे से बढ़ाकर 69.30 पैसे, सेमी डीलक्स 64.90 से बढ़ाकर 69.30 पैसे और डीलक्स बसों का किराया 100.30 पैसे से बढ़ाकर 107.10 पैसे कर दिया गया है। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्र में भी बसों का किराया बढ़ा दिया गया है। साधारण बसों का किराया 86.40 पैसे से बढ़ाकर 92.82 पैसे प्रति पैसेंजर प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। इसी तरह एक्सप्रेस बस का भी किराया 86.46 पैसे से 92.82 पैसे कर दिया गया। सेमी डीलक्स बस का किराया 95.00 पैसे से बढ़ाकर 101.40 पैसे कर दिया गया। डीलक्स का किराया 146.90 पैसे से बढ़ाकर 153.30 पैसे प्रति किलोमीटर प्रति यात्री कर दिया गया है। चौधरी ने बताया कि यह किराया केवल उत्तराखंड जाने वालों से वसूला जाएगा। यूपी में प्रवेश करते ही यूपी रोडवेज के पुराने रेट के हिसाब से ही किराया वसूला जाएगा। इसको तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। चौधरी के मुताबिक उत्तराखंड सरकार ने रोडवेज की बसों का किराया बढ़ाया है। केंद्रीय पॉलिसी यह है कि जिस स्टेट की रोडवेज बसें जिस स्टेट में रन करती है, वह उसी स्टेट के हिसाब से पैसेंजरों से किराया वसूलती है। ऐसे में उत्तराखंड रूट पर जाने वाली यूपी रोडवेज, डीटीसी, हरियाणा, राजस्थान आदि सभी रोडवेज की बसों में भी सफर महंगा हो गया है।

Tuesday, April 13, 2010

प्लेसमेंट की मांग को लेकर सोमवार को आरकेजीआईटी कॉलेज में स्टूडेंट्स ने जमकर हंगामा

प्लेसमेंट की मांग को लेकर सोमवार को आरकेजीआईटी कॉलेज में स्टूडेंट्स ने जमकर हंगामा किया। स्टूडेंट्स ने कॉलेज के सभी एंट्री गेट पर ताले लगा दिए और फैकल्टी को बाहर कर दिया। सोमवार से ही इंटरनल एग्जाम भी शुरू होने थे, लेकिन हंगामे के कारण एग्जाम टाल दिए गए। स्टूडेंट्स ने कॉलेज मैनेजमेंट का पुतला भी फूंका। स्टूडेंट्स का आरोप है कि कॉलेज मैनेजमेंट ने लिखित रूप में 11 अपैल को कंपनियां कैंपस में बुलाने का वादा किया था, परंतु कोई भी कंपनी नहीं आई। बीटेक कोर्स का लास्ट सेमेस्टर खत्म होने वाला है। अगर इससे पहले प्लेसमेंट नहीं हो पाता है, तो स्टूडेंट्स खुद को ठगा महसूस करेंगे। इधर कॉलेज के चेयरमैन का कहना है कि अपैल के अंत तक 8 कंपनियां प्लेसमेंट के लिए कैंपस में आएंगी। कोशिश रहेगी कि और कंपनियां कैंपस में आए और ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स का प्लेसमेंट हो सके। इंजीनियरिंग कॉलेजों में कहीं प्लेसमेंट और कहीं इंटरनल मार्क्स कम मिलने पर स्टूडेंट्स का आक्रोश आए दिन देखने को मिल रहा है। सोमवार को आरकेजीआईटी कॉलेज में स्टूडेंट्स ने प्लेसमेंट के लिए कंपनियां न आने पर जमकर हंगामा किया।

Wednesday, April 7, 2010

हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की चेतावनी

यूपी रोडवेज प्रशासन की हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की चेतावनी ने रंग दिखाया। इसके चलते संविदा कर्मचारी रोडवेज के गाजियाबाद रीजन में हड़ताल पर नहीं गए। इससे रोडवेज प्रशासन ने राहत की सांस ली। हड़ताल सोमवार आधी रात से शुरू होनी थी। इस आशंका के चलते रोडवेज के सभी बस अड्डों पर पुलिस के जवान तैनात रहे। पूरे दिन रोडवेज के अफसर संचालन पर नजरें गड़ाए रहे। उधर, कुछ रीजन में कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की खबर है। रोडवेज में पूरे यूपी में संविदा कर्मचारियों की संख्या 30 हजार है और गाजियाबाद रीजन में इनकी कुल संख्या करीब 1650 है। आर. एम. अशोक कुमार ने बताया कि यूपी रोडवेज संविदा कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष राजा राम ने सोमवार आधी रात से रोडवेज बसों का चक्का जाम करने की चेतावनी दी थी, जो पूरे गाजियाबाद रीजन में बेअसर रही। दरअसल, उन्होंने सरकार को पिछले दिनों ग्यारह सूत्री मांग पत्र दिया था, जिसे सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया। इस वजह उन्होंने हड़ताल करने की धमकी दी थी।

Tuesday, April 6, 2010

मवाना के भैंसा गांव में भीष्म सिंह के खेत में पेड़ से लटका मिला।शव

थाना मवाना के तहत भैंसा गांव में बिजली विभाग के एक जेई का शव संदिग्ध हालात में पेड़ से लटका मिला है। पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है, लेकिन जेई के परिजन पुलिस की थिअरी से सहमत नहीं है। उन्होंने हत्या का शक जताया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। बिजली विभाग में जूनियर इंजीनियर उमेश कुमार त्यागी का शव बुधवार की सुबह थाना मवाना के भैंसा गांव में भीष्म सिंह के खेत में पेड़ से लटका मिला। पेड़ के नीचे कुछ फाइलें, मोबाइल और उमेश के जूते भी मिले हैं। उसकी जेब से उसका आई कार्ड भी मिला है। सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उमेश के परिजनों को सूचना दी। उमेश कुमार मूल रूप से मुरादाबाद में मंझोला का रहने वाला था। हाल ही में उसका ट्रांसफर मुरादाबाद से मेरठ किया गया था। मेरठ में ही उसे एमडीए परिसर में तैनाती मिली थी। फिलहाल वह गंगा नगर कॉलोनी में रह रहा था। मंगलवार की सुबह वह अपने दफ्तर जाने के लिए घर निकला था, लेकिन लौटकर घर नहीं आया। पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। लेकिन उमेश के घरवाले पुलिस से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि उमेश ऐसा नहीं कर सकता। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

Wednesday, March 31, 2010

रावण विवाह मंदिर बनाने के लिए गंग नहर के किनारे नंगला आडर गांव में भूमि पूजन

असुर राज रावण की जिंदगी के सकारात्मक और उजले पहलुओं को उजागर करने का बीड़ा कौशिकेश्वर ज्योतिर्लिंग रावण मंदिर अनुसंधान समिति ने उठाया है। समिति ने रावण विवाह मंदिर बनाने के लिए सरधना में गंग नहर के किनारे नंगला आडर गांव में भूमि पूजन किया है। मंदिर पर 6 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। रावण का नाम सुनते ही उसके साथ जुड़ा रामायण का नकारात्मक प्रसंग उभरकर सामने आ जाता है। हालांकि समर्थकों का मानना है कि रावण की अच्छाइयों को समाज के सामने लाया ही नहीं गया। गाजियाबाद के कौशिकेश्वर ज्योतिर्लिंग रावण मंदिर और अनुसंधान समिति के अध्यक्ष अनिल कौशिक कहते हैं कि रावण प्रकांड पंडित और महान शिव भक्त था। वह अलौकिक शक्तियों का स्वामी भी था। कुछ का मानना है कि उसकी मौत के समय खुद भगवान राम ने उसे गुरु मानकर लक्ष्मण को उससे शिक्षा लेने के लिए भेजा था। कौशिक का कहना है कि रावण की जिंदगी के सकारात्मक पहलुओं को समाज के सामने लाने के लिए हमने रावण की ससुराल मेरठ को चुना है। मय नामक दानव के नाम पर पहले इस जगह का नाम मयराष्ट्र था। मय की पुत्री मंदोदरी से रावण का विवाह हुआ था। मेरठ जिले की सरधना तहसील में भव्य रावण मंदिर का निर्माण करने के लिए भूमि पूजन किया जा चुका है। मंदिर में नर्मदेश्वर के ज्योतिर्लिंग के साथ रावण की 10 सिर वाली प्रतिमा, मंदोदरी और भगवान शिव की मूर्ति स्थापित की जाएगी। कौशिक ने बताया कि रावण की दस सिरों वाली प्रतिमा दशानन गांव में पहुंच चुकी है। मंदिर के निर्माण के लिए गांव के ही एक व्यक्ति ने दो बीघे जमीन दान की है। मंदिर में स्थापित होने वाली शिव की प्रतिमा 44 फुट ऊंची होगी, जबकि रावण व मंदोदरी की प्रतिमाएं 5-5 फुट की होंगी। इस मंदिर का नाम रावण विवाह मंदिर होगा। मंदिर की दीवारों पर रावण द्वारा लड़े गए युद्धों का चित्रण होगा। मंदिर में 10 जून को ज्येष्ठ दशहरा पर शिवलिंग और रावण की मूर्ति की स्थापन पूरे विधि विधान से की जाएगी। मंदिर निर्माण पर लगभग 6 करोड़ का खर्च आएगा। कौशिक ने बताया कि रावण का दूसरा मंदिर उसके जन्मस्थल गौतमबुद्ध नगर के गांव बिसरख मे बनाया जाएगा। यह मंदिर रावण जन्म मंदिर के नाम से जाना जाएगा। तीसरा मंदिर झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में बनाने की योजना है। यहां कैला पर्वत से लाए गए शिवलिंग को देवताओं ने रावण से छल कर स्थापित किया था। कौशिक का कहना है कि वे दशहरे पर रावण दहन के भी विरोधी है। दरअसल रावण का दाह संस्कार हुआ ही नहीं था। ऐसे में एक ब्राह्मण का हर साल दाह संस्कार शास्त्र सम्मत नहीं है।