Wednesday, October 29, 2014

धर्मांतरण मामले में कोर्ट में केस का ट्रायल शुरू नहीं

बार काउंसिल ऑफ यूपी के आह्वान पर मंगलवार को वकीलों के हड़ताल की वजह से खरखौदा के बहुचर्चित गैंगरेप और धर्मांतरण मामले में कोर्ट में केस का ट्रायल शुरू नहीं हो पाया। इस केस के आरोपियों को जेल से लाया गया था, लेकिन उन्हें वापस भेज दिया गया। कोर्ट में अब 3 नवंबर को मामले की सुनवाई होगी।

पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में पुलिस ने अपनी चार्जशीट में गैंगरेप की धारा हटाते हुए कलीम को रेप का आरोपी बनाया। चार्जशीट फाइल होने के कुछ दिन बाद ही युवती अपने घर से चुपचाप भाग कर महिला थाना पहुंच गई। वहां अपने बयान से यूटर्न लेते हुए कहा कि वह कलीम के साथ अपनी मर्जी से गई थी। युवती ने अपने परिजनों पर जान से मारने की प्लानिंग करने का आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की थी। पुलिस ने युवती को सिटी मैजिस्टेट के आदेश पर नारी निकेतन भेज दिया था। फिलहाल युवती वहीं है।

Monday, October 27, 2014

दोस्तों के साथ मिलकर किडनैप कर गैंगरेप का आरोप लगाया

यहां के एक कॉलोनी में रहने वाली किशोरी ने पड़ोस में रहने वाले युवक पर दोस्तों के साथ मिलकर किडनैप कर गैंगरेप का आरोप लगाया है। किशोरी का आरोप है कि युवक उसे अपने साथ बहला फुसलाकर दिल्ली ले गया और वहां दोस्तों के साथ मिलकर उसके साथ 4 दिनों तक गैंगरेप किया। गुरुवार को आरोपी किशोरी को उसके घर छोड़ गए। आरोप है कि युवकों ने घटना के बारे में पुलिस को जानकारी देने पर किशोरी और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। शुक्रवार देर रात किशोरी की मां ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। इन युवकों ने किशोरी के घरवालों के साथ भी मारपीट की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाली एक महिला शुक्रवार रात करीब एक बजे अपनी बेटी और कुछ अन्य लोगों के साथ थाना लिसाड़ी गेट पहुंची। महिला ने पुलिस को लिखित तहरीर दी, जिसमें उसने लिखा है कि कॉलोनी में रहने वाला मोनू उसकी बेटी को बहला फुसला कर अपने साथ 18 अक्टूबर को दिल्ली ले गया था। वहां उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी बेटी के साथ मारपीट की और उसके साथ गैंगरेप किया। महिला के अनुसार मोनू के तीन साथी राशिद, आरिफ आसिफ हैं। महिला का कहना है कि गुरुवार की रात आरोपी उसकी बेटी को दिल्ली से वापस लेकर आए और उसे घर पर छोड़ दिया। जाने से पहले आरोपियों ने उसे धमकी दी थी कि अगर वह इस बात का जिक्र किसी से भी करेगी तो वे उसे और उसके पूरे परिवार को जान से मार देंगे। शुक्रवार की देर शाम आरोपी फिर उसके घर आए और उन्होंने घर में मौजूद लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। जाने से पहले उन्होंने फिर से सभी को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस का कहना है कि किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। मेडिकल रिर्पोट आने के बाद मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Friday, October 24, 2014

बदमाशों ने एक जूलर्स से चांदी की जूलरी लूटने की कोशिश

परतापुर थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने एक जूलर्स से चांदी की जूलरी लूटने की कोशिश की। विरोध करने पर बदमाशों ने जूलर्स को गोली मारकर घायल कर दिया। घायल जूलर्स को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। खतौली निवासी महेश चंद की जूलर्स बाजार में दूकान है। वे चांदी की जूलरी बनाने का काम करते हैं। बुधवार दोपहर चांदी के कुछ जूलरी की डिलीवरी मोदीनगर के एक जूलर्स को देने के लिए वह अपनी बाइक से जा रहे थे। दिल्ली रोड पर बाइक पर तीन बदमाशों ने उनकी बाइक में टक्कर मारकर उन्हें गिरा दिया और जूलरी लूटने की कोशिश करने लगे। जूलर्स के विरोध करने पर बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। इसके बाद आसपास के लोग बदमाशों की ओर दौड़े। इस पर बदमाश वहां से भाग गए। पुलिस ने जूलर्स और वहां मौजूद लोगों से बदमाशों के बारे में जानकारी ली। पुलिस लुटेरों की तलाश में जुटी है।

Wednesday, October 22, 2014

शुभेच्छा

सभी पाठकों को दीपावली की हार्दिक शुभेच्छा ।


(डॉ. राजेन्द्र कुमार गुप्ता)

सुरक्षा मुहैया कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग

मेरठ  पुलिस उस समय विवाद में घिर गई जब उसने खुद को केंद्रीय राज्यमंत्री (दर्जा प्राप्त) बताने वाले एक स्थानीय युवक को पुलिस सुरक्षा दल (एस्कॉर्ट) मुहैया कराया। प्रदेश बीजेपी नेताओं ने पूरे मामले की शिकायत सीनियर नेताओं से करने के साथ ही युवक के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। स्थानीय बीजेपी नेताओं ने यह देखने के बाद हंगामा कर दिया कि पुलिस एस्कॉर्ट का लाभ उठा रहा फलावदा कस्बा निवासी तंजीम अब्बास कोई मंत्री नहीं है। पुलिस ने बताया कि बीजेपी माइनॉरिटी इकाई के संयोजक कुंवर बासित अली ने फलावदा पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया है। एसपी ट्रैफिक पीके तिवारी ने कहा कि हमें तंजीम को एस्कॉर्ट मुहैया कराने का आदेश रविवार को फैक्स के जरिये मिला था। उन्होंने कहा कि उसकी वास्तविक पहचान को लेकर शिकायत मिलने के बाद हमने सुरक्षा तत्काल वापस ले लिया। फलावदा पुलिस थाने के प्रभारी अब्दुल वसीम खान ने बताया कि तंजीम कथित शराब तस्करी के एक अदालती मामले में फंसा हुआ है। उसे 25 लाख रुपये की शराब तस्करी के एक मामले में 18 जून को जेल भेजा गया था। इस बीच उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रमुख लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने तंजीम को सुरक्षा मुहैया कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग की है।

Tuesday, October 21, 2014

कमिश्नर कार्यालय पर गन्ना मूल्य को लेकर पर धरना-प्रदर्शन

राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कमिश्नर कार्यालय पर गन्ना मूल्य को लेकर पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे आरएलडी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी राजकुमार सांगवान ने किसानों की मांग है कि सरकार को 360 रुपए प्रति कुंतल का गन्ने का भाव घोषित करना चाहिए।
सांगवान ने कहा कि किसानों को मिलों द्वारा बकाया गन्ना मूल्य का किश्तों में भुगतान किया जा रहा है, जबकि किसानों की मांग है कि मिलों से किसानों के बकाया का एकमुश्त भुगतान कराए। आरएलडी नेता ने कहा कि प्रशासन का कहना है कि मिले 10 से 15 नवंबर के बीच से चलनी शुरू हो जाएगी। लेकिन जैसे हालत हैं उनमें मिलों का निर्धारित समय पर चलना मुश्किल लग रहा है।
सांगवान ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोल्हू संचालक किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर गन्ना 150 रुपए कुंतल के भाव से खरीद रहे हैं। वर्तमान में गन्ना किसान बदहाली के दौर से गुजर रहे हैं। धरना-प्रदर्शन के बाद आरएलडी कार्यकर्ताओं ने मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

Monday, October 20, 2014

गैंगरेप और धर्मांतरण मामले में पुलिस पर सवाल

खरखौदा के बहुचर्चित गैंगरेप और धर्मांतरण मामले में पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। इस केस में दो माह पहले एसएसपी मेरठ ने पत्रकारों के सामने बयान दिया था कि खरखौदा कांड की पीड़िता गलतबयानी कर रही है। उस वक्त पुलिस पूरे मामले को झूठा करार दे रही थी। अब पीड़ित युवती भी कह रही है कि उसने दबाव में गलत बयान दिया था। वहीं, पुलिस ने एक हफ्ते पहले अपनी जांच पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। इसमें पुलिस ने गैंगरेप की धारा हटाते हुए कलीम को रेप का अरोपी बनाया है। वहीं, कानून के जानकार कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 164 के बयान होने के बाद सिटी मैजिस्ट्रेट के सामने बयान कराने पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।
खरखौदा थाना क्षेत्र की युवती ने दूसरे संप्रदाय के कुछ लोगों पर गैंगरेप और धर्मांतरण का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। उसने बताया था कि मुजफ्फरनगर में ऑपरेशन कर उसकी गर्भनाल निकाल दी गई थी। उस वक्त एसएसपी ने एक पीसी बुलाकर पत्रकारों को जानकारी दी कि युवती के धर्मांतरण के सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस का कहना था कि मुजफ्फरनगर में युवती का ऑपरेशन नहीं किया गया है। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। 10 लोगों को आरोपी बनाते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया। एक हफ्ते पहले पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें पुलिस ने गैंगरेप की धारा को हटाते हुए कलीम को रेप का आरोपी बनाया। अब युवती अपने बयान से पलट गई है। उसका कहना है कि वह कलीम के साथ अपने मर्जी से गई थी। उसने अपने परिजनों से जान का खतरा भी बताया है।
नए घटनाक्रम से दो सवाल खड़े हो गए है। युवती दो माह बाद वही बात क्यों कह रही है, जो एसएसपी ने कही थी। आज वह अपने ही बयान को दबाव में दिया बयान क्यों बता रही है। दबाव तब था या अब, यह जांच का विषय हो सकता है। दूसरा सवाल यह है कि पीड़िता के अनुसार कलीम के साथ वह अपनी मर्जी से गई थी, तो फिर पुलिस ने अपनी जांच में 10 लोगों को आरोपी बना कर जेल क्यों भेजा। इससे पुलिस की जांच भी संदेह के घेरे में आ गई है। सवाल उठता है कि पुलिस पहले ही मामले को झूठा करार दे रही थी तो आरोपियों को जेल क्यों भेजा?

शहर के सीनियर क्रिमिनल लॉयर पंकज शर्मा का कहना है कि पीड़िता की ओर से बयान बदलने का लाभ सीधे आरोपियों को मिलेगा। उनके अनुसार मैजिस्ट्रेट के सामने सीआरपीसी की धारा 164 में बयान होने के बाद दोबारा पुलिस की तरफ से सिटी मैजिस्ट्रेट के सामने बयान कराने का कोई औचित्य नहीं होता है। वह यह भी कहते हैं कि पुलिस ने युवती के परिजनों से जान के खतरा बताने पर उसके परिजनों के खिलाफ एनसीआर तो दर्ज कर ली है, लेकिन धारा 164 के तहत बयान देकर बयान बदलने वाली युवती के खिलाफ कोई कार्रवाई अब तक क्यों नहीं की है। एसएसपी ओंकार सिंह का कहना है कि इस मामले में पुलिस अपनी जांच कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। पुलिस केस री-ओपन नहीं करने जा रही है। अब जो कुछ होगा वह कोर्ट के आदेश पर होगा।