बार काउंसिल ऑफ यूपी के आह्वान पर मंगलवार को वकीलों के हड़ताल
की वजह से खरखौदा के बहुचर्चित गैंगरेप और धर्मांतरण मामले में कोर्ट में केस का
ट्रायल शुरू नहीं हो पाया। इस केस के आरोपियों को जेल से लाया गया था, लेकिन उन्हें वापस भेज दिया गया।
कोर्ट में अब 3 नवंबर को
मामले की सुनवाई होगी।
पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज
दिया था। बाद में पुलिस ने अपनी चार्जशीट में गैंगरेप की धारा हटाते हुए कलीम को
रेप का आरोपी बनाया। चार्जशीट फाइल होने के कुछ दिन बाद ही युवती अपने घर से
चुपचाप भाग कर महिला थाना पहुंच गई। वहां अपने बयान से यूटर्न लेते हुए कहा कि वह
कलीम के साथ अपनी मर्जी से गई थी। युवती ने अपने परिजनों पर जान से मारने की
प्लानिंग करने का आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की थी। पुलिस ने युवती को सिटी
मैजिस्टेट के आदेश पर नारी निकेतन भेज दिया था। फिलहाल युवती वहीं है।
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