मेरठ पुलिस उस समय विवाद में घिर गई जब उसने खुद को केंद्रीय राज्यमंत्री
(दर्जा प्राप्त) बताने वाले एक स्थानीय युवक को पुलिस सुरक्षा दल (एस्कॉर्ट)
मुहैया कराया। प्रदेश बीजेपी नेताओं ने पूरे मामले की शिकायत सीनियर नेताओं से
करने के साथ ही युवक के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। स्थानीय बीजेपी नेताओं ने यह
देखने के बाद हंगामा कर दिया कि पुलिस एस्कॉर्ट का लाभ उठा रहा फलावदा कस्बा
निवासी तंजीम अब्बास कोई मंत्री नहीं है। पुलिस ने बताया कि बीजेपी माइनॉरिटी इकाई
के संयोजक कुंवर बासित अली ने फलावदा पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ एक मामला दर्ज
कराया है। एसपी ट्रैफिक पीके तिवारी ने कहा कि हमें तंजीम को एस्कॉर्ट मुहैया
कराने का आदेश रविवार को फैक्स के जरिये मिला था। उन्होंने कहा कि उसकी वास्तविक
पहचान को लेकर शिकायत मिलने के बाद हमने सुरक्षा तत्काल वापस ले लिया। फलावदा
पुलिस थाने के प्रभारी अब्दुल वसीम खान ने बताया कि तंजीम कथित शराब तस्करी के एक
अदालती मामले में फंसा हुआ है। उसे 25
लाख रुपये की शराब तस्करी के एक मामले में 18 जून को जेल भेजा गया
था। इस बीच उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रमुख लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने तंजीम को सुरक्षा
मुहैया कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग की है।
Wednesday, October 22, 2014
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