मुजफ्फरनगर के खतौली कोतवाली क्षेत्र से एटीएस और लोकल पुलिस
ने 20 साल से
फरार एक आतंकी को गुरुवार रात करीब 1 बजे गिरफ्तार किया है। गिरफ्त में आया
आरोपी सलीम आईएम सहित कई आतंकी संगठनों से जुड़ा बताया जा रहा है। उस पर 1992 और 1993 में मेरठ में पीएसी कैंप पर धमाके
करने का आरोप है। इस हमले में एक सिपाही की मौत हो गई थी। उस मामले में सलीम का एक
साथी आगरा जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। वह तब से फरार चल रहा था। उसके पास
से फर्जी सिम और आईडी बरामद की गई है। बिजनौर बम धमाके में भी सलीम के हाथ होने की
आशंका जताई जा रही है। पुलिस कई अहम जानकारी जुटाने में लगी है।
पुलिस ने बताया की सलीम के तार इंडियन
मुजाहिदीन सहित कई आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। पुलिस ने ये भी दावा किया है की
सलीम लग्जरी कारों को चोरी कर कश्मीर में सप्लाई करता था। इन कारों का इस्तेमाल आतंकी
संगठन वारदात को अंजाम देने के लिए करते थे।
सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है
की हाल ही में हुए बिजनौर बम धमाके में सलीम का हाथ हो सकता है। ये भी जानकारी मिल
रही है की बिजनौर में आतंकियों के मिले सिम कार्ड के आधार पर ही सलीम की गिरफ्तारी
की गई हैं।
सलीम मूल रूप से मेरठ के इस्लामाबाद
मुहल्ले का रहने वाला है। वह हाल में मुरादाबाद की एकता कॉलोनी में अपनी पहचान
छिपाकर रह रहा था। 1992 में सलीम
ने अपने साथियों के साथ मिलकर मेरठ में पीएसी कैंप पर बम धमाके किए थे। कई
पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने मेरठ के नौचंदी थाने में धारा 307,120 बी, और विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
किया गया था।

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