Saturday, November 15, 2014

हॉस्टल में खाने को लेकर मेस कर्मचारियों और छात्रों के बीच विवाद

सीसीएस यूनिवर्सिटी के कैंपस स्थित हॉस्टल में खाने को लेकर मेस कर्मचारियों और छात्रों के बीच चल रहे विवाद ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि ब्रेकफास्ट के लिए मेस में आए छात्रों को मेस कर्मचारियों और बाहर से आए कुछ युवकों ने मेस में बंद कर बुरी तरह पीटा, कुछ छात्र चोटिल हो गए।
इस दौरान एक बाइक में आग लगा दी गई। घटना को लेकर छात्रो में भारी रोष है। वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन इस मासले पर बात करने से कतरा रहा है। हालांकि वह मामले की जांच कराने की बात कह रहा है।न्यू बॉयज हॉस्टल के मेस में शुक्रवार सुबह कुछ छात्र ब्रेकफास्ट के लिए पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वहां पहले से ही कुछ बाहर के लड़के भी आए हुए थे।
थोड़ी देर बाद कर्मचारियों ने बाहरी लड़कों के साथ मिलकर मेस का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और छात्रों की पिटाई शुरू कर दी। इस घटना की सूचना पर छात्रों के साथी भी वहां पहुंच गए। लेकिन पिटाई करने के सभी आरोपी पीछे के रास्ते से फरार हो चुके थे। आधा दर्जन छात्र घायल हुए हैं। इस घटना के दौरान वहां खड़ी एक बाइक में आग लगा दी गई।
बीटेक के छात्र आसिफ ने बताया कि कई दिनों से मेस में छात्रों को एक ही मेन्यू परोसा जा रहा था और खाने की क्वॉलिटी खराब है। गुरुवार रात इस बात को लेकर छात्रों और मेस कर्मचारियों के बीच विवाद हुआ था। छात्र अरविंद चौहान ने बताया कि विवाद की सूचना पर वॉर्डन सुधीर शर्मा वहां पहुंचे। खाना चखने के बाद उन्होंने भी माना की उसकी क्वॉलिटी ठीक नहीं है।
उन्होंने मेस वालों को छात्रों के लिए फिर से खाना बनाने के लिए कहा। छात्र संजय यादव का कहना है कि इससे मेस कर्मचारी गुस्से में आ गए और शुक्रवार सुबह रात उनसे बहस करने वाले 8 छात्र जब वहां नाश्ता करने पहंचे मेस कर्मचारियों ने बाहर से बुलाए गए अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी पिटाई कर दी।

वहीं, घटना को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन लीपापोती का रवैया अपनाए हुए है। घटना के संबंध में वार्डन सुधीर शर्मा से जब जानकारी मांगी गई तो पहले तो उन्होंने टालमटोल का रवैया अपनाया। बाद में उन्होंने माना की हॉस्टल में खराब खाने को लेकर छात्रों और मेस कर्मचारियों के बीच विवाद हुआ है।
लेकिन किसी छात्र के चोटिल होने के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि विवि की ओर से एक इंटरनल कमिटी का गठन कर उसे मामले की जांच करने के लिए कहा गया है। वहीं, थाना पुलिस ने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि उसके पास कोई तहरीर नहीं आई है।

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